यह स्टेट ऑफ़ हॉलमूस में असल में हो क्या रहा है? पहले ईरान ने कहा कि सभी मित्र देशों के लिए हमने स्टेट ऑफ़ हॉलमूस खोल रखा है। अब ऐसी जानकारी आ रही है कि भारत के भी कुछ जहाजों को वहां रोक लिया गया और फिर बाद में पता चला कि उसका एक हिस्सा बड़ा डैमेज भी हुआ था। क्या हो रहा है?
जी बिल्कुल अभिषेक। तो आज यह खबर आ रही है कि ईरान ने स्टेट ऑफ हार्मोस में तीन जहाजों को सीज किया है। इनमें से एक जहाज था जिसका नाम एपिमिनाडोस है वो गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर आ रहा था और ईरान की आईआरजीसी फोर्स ने इसे वहां पर पहले इस पर हमला किया और इसके बाद इसे सीज कर लिया है। आईआरजीसी का कहना है कि इस जहाज को स्ट्रीट ऑफ हॉर्मोस से निकलने की परमिशन नहीं थी और जहाज के जो नेविगेशन सिस्टम है उसके साथ भी कुछ छेड़छाड़ की गई थी जिसकी वजह से समुद्र में खतरा पैदा हो रहा था।
इसी वजह से उस जहाज को रोकने के लिए उस पर हमला किया जिसमें उसका ब्रिज भी जो है वो डैमेज हो गया है। इसकी रिपोर्ट्स आ रही हैं और उसके बाद वो जहाज को सीज करके तट पर ले गए हैं। जहाज को जो बनाने वाली कंपनी है टेक्नोमार कंपनी उसका कहना है कि क्रू सभी सुरक्षित हैं। हालांकि ये क्रू कौन से देश के हैं, कितने हैं? इनकी जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन यह जरूर बताया गया कि क्रू सभी सुरक्षित हैं। फिलहाल भारत का इस पर कोई बयान नहीं आया है।
ना ही कोई आधिकारिक पुष्टि हुई है भारत की तरफ से इस पर। लेकिन यह खबर लगातार आ रही है कि जहाज सीज किए गए हैं। इसके अलावा जो दो और जहाज सीज किए गए हैं उसमें एक है एमएससी फ्रेंचिस्का जो श्रीलंका के हमंबनटोटा पोर्ट जा रहा था और दूसरा जहाज जो है उसका नाम है यूफोरिया। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि वो या तो सऊदी के जिदा पोर्ट पे जा रहा था। पर कई जगह ये भी दावा है कि वो यूएई जा रहा था। यानी वो किसी खाड़ी देश ही जा रहा था और उसके बाद उसे भी सीज कर लिया गया है। इन जहाज का क्या स्टेटस है? इन तीनों जहाज पर जो कारगो था वो क्या है? इन सब से जुड़ी फिलहाल कोई डिटेल सामने नहीं आई है। ठीक है? और जैसा आपने बताया अभी ईरान का भी इस पर कोई रिएक्शन नहीं आया है। ठीक है।
भारत का भी अभी कोई जवाब इस पर आधिकारिक नहीं आया है। बीते दिनों लगातार स्टैंड स्टेट ऑफ हॉर्मोस को खास तौर पर लेकर बदलता रहा है। ईरान पहले कहा ईरान ने कि मृत देशों के लिए खुला हुआ है। फिर ब्लॉक करने की भी बात आई। फिर अमेरिका ने भी ब्लॉक करने की बात कही कि सिर्फ आप नहीं हम भी ब्लॉक करेंगे। फिर अभी दो दिन तीन दिन पहले ईरान ने कहा कि ऑलमोस्ट पूरी तरह खुला हुआ है। फिर अमेरिका का बयान आया कि आप खोल दोगे लेकिन हमारा जो ब्लॉकेट था वो तो रहेगा।
फिर अब सीस फायर के भविष्य को लेकर भी बड़े सवाल उठ रहे हैं। हालांकि अभी तक का स्टैंड तो यही है अमेरिका का कि फिलहाल जंग नहीं होगी ऐसी उम्मीद है। इसमें कोई और बात जो आप जोड़ना चाहें? जी बिल्कुल। तो ये जो है सीज फायर वाला जो मुद्दा अभी चल रहा है इस पर एक अपडेट ये भी आया है कि न्यूयॉर्क पोस्ट में एक रिपोर्ट है जिसमें कहा गया है कि ट्रंप ने ऐसा दावा किया है कि इस फ्राइडे यानी अभी दो-तीन दिन बाद ईरान और अमेरिका के बीच नेगोशिएशंस फिर से शुरू हो सकते हैं दोनों एक टेबल पर आ सकते हैं पाकिस्तान के मीडिएशन में तो लगातार ये बात चल रही थी.
पिछले तीन-चार दिनों से कि ईरान पाकिस्तान पहुंचेगा कि नहीं पहुंचेगा जेडी वैंस अमेरिका से निकलने को तैयार थे लेकिन आखिरकार कल यानी 21 अप्रैल को जब जिस दिन फाइन फाइनल हुआ था कि बैठक होगी। उस दिन ईरान नहीं आया और फिर यह बातचीत टल गई। लगातार इसी मुद्दे पर एक जो कह सकते हैं कि बातचीत अटकी हुई है वो यही है कि ईरान कह रहा है कि पहले आप स्ट्रेट ऑफ हार्मोस खोलिए। आप अपना नेवल ब्लॉकेड हटाइए जो ट्रंप ने लगा रखा है।
उसके बाद ही हम बात करेंगे। जबकि ट्रंप लगातार ये कह रहे हैं कि जब तक सीज फायर रहेगा जब तक हम बातचीत कर रहे हैं तब तक ब्लॉकेड भी बना रहेगा। जब बातचीत सक्सेसफुल हो जाएगी, जंग खत्म हो जाएगी तभी ब्लॉकेड खुलेगा।
तो अब ये देखने वाला होगा कि फ्राइडे को असल में मीटिंग होती है या नहीं होती है या इस बार भी ईरान बैक आउट कर जाता है और ट्रंप फिर चिकन आउट करके सीज फायर बढ़ाते हैं। तो ये था सीज फायर पर अपडेट लेकिन जो चिंताजनक बात है वो भारत के जहाजों को लेकर आई है जिस पर आरोप है कि स्टेट ऑफ हॉर्म्स में उस पर अटैक भी किया गया। दोनों पक्षों में से किसी का भी इस पर
