तरबूज तोड़ने पर सजा-ए-मौ!त?रूह कंपा देगी आगरा की ये कहानी !

क्या तरबूज तोड़ने पर किसी मासूम बच्चे को सजाए मौत दी जा सकतीहै? क्या एक फल की कीमत किसी की जिंदगी से भी बढ़कर हो सकती है? में यह किसी फिल्म की कहानी लग सकती है। लेकिन यूपी के आगरा में जो हुआ उसने इंसानियत के वजूद पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दोपहर का वक्त था। जगह थी आगरा का सोनीखेड़ा गांव। 13 साल का एक मासूम जिसकी उम्र अभी दुनिया को समझने की थी। खेलख में घर से निकल गया। मां को लगा होगा कि धूप तेज है। थोड़ी देर में घर लौटआएगा। लेकिन उसे क्या पता था कि उसका लाडला अब कभी वापस नहीं आएगा।

हंसता हुआ दरवाजे के अंदर वो कभी कदम नहीं रखेगा। घंटों बीत गए। सूरज ढलने लगा लेकिन घर का चिराग वापस नहीं आया। पूरे गांव में आवाजें लगाई गई। गलियां छानी गई। लेकिन जवाब में सिर्फ डराने वाला सन्नाटा ही मिला। तलाश खत्म हुई गांव के किनारे के खेत में। लेकिन वहां जो मंजर था उसने देखने वालों की रूह कपा दी। से लथपथ बेजान शरीर और चेहरे पर गहरे जख्मों के निशान।

वो मासूम बच्चा जिसे कुछ देर पहले तक सबने हंसते हुए देखा था अब मिट्टी मेंसना पड़ा था। वजह जो सामने आ रही है वो आपका खून खोला देगी। आरोप है कि उस मासूम का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने भूख या फिर शरारत में एक तरबूज तोड़ लिया था। जिस खेत को उसके पिता ने बटाई पर दिया था, उसी खेत की रखवाली करने वाले दरिंदों पर आरोप है कि उन्होंने एक तरबूज के बदले मासूम की जान ले ली। क्या हम ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां भूख की तड़प या बचपन की नादानी का इंसाफ से किया जाता है? यह आरोप लगा है समुदाय विशेष के लोगों पर। आगरा के बसई जगनेर क्षेत्र में आज मातम के साथ-साथ गुस्सा भी है।

ग्रामीणों नेसड़कों पर उतरकर अपना आक्रोश जताया। पुलिस की गाड़ियां तैनात हैं। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और तफ्तीश जारी है। सवाल यही है क्या कानून की कारवाई उस मां की सुनी गोद भर पाएगी? क्या वह पिता फिर कभी चैन से सो पाएगा? जिसने अपने कलेजे के टुकड़े को खून से सना देखाक्या हो गया हमारे समाज को? बेहद शर्मनाक और दुखद खबर है यह। थाना बसीई जंजर पुलिस से सूचना प्राप्त हुई कि रणदीपुरा गांव में एक किशोर की हत्या हुई है।

उक्त क्रम में थाना बसी जमीर पुलिस द्वारा मौके से अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है और बॉडी को पीएम केलिए भेजा गया है। आवश्यक विधिक कारवाई की जाएगी। बच्चे की हुई है। बच्चा करीब 11 बजे से नहीं मिल रहा था। के पास आई तो उनकी और जिन लोगों ने की है कुछ लोगों से पुलिस ने भी आर यहां पर अभी सबके सामने लिखी गई है और बच्चे की मेरी गाड़ी में उनके परिवार के मांबा

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