सरकार का ऐलान अब देश में सभी को मिलेगी पेंशन !

पीएम मोदी का करोड़ों लोगों को बड़ा तोहफा। अब भारत में भी सभी को मिलेगी पेंशन। क्या है मोदी सरकार की नई स्कीम? किस-किस को मिलेगा पेंशन का फायदा? तो चलिए आपको बताते हैं मोदी सरकार की नई स्कीम के बारे में जिससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलने वाला है।

दरअसल मोदी सरकार जिस स्कीम को लाने जा रही है उसका नाम है यूनिवर्सल पेंशन स्कीम जिससे मजदूरों से लेकर कारोबारियों तक को बड़ा फायदा मिलेगा। लेकिन ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि क्यानई पेंशन स्कीम आने से पुरानी स्कीम बंद हो जाएगी? यह भी आपको बताएंगे। मगर सबसे पहले यह जान लीजिए कि यह पेंशन स्कीम कैसे काम करेगी। दरअसल यूएफपीए की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2036 तक भारत की बुजुर्ग आबादी यानी 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों की संख्या 22.7 करोड़ तक पहुंच जाएगी जो कुल आबादी का 15% है। साल 2050 तक यह आंकड़ा बढ़कर 34.7 करोड़ हो सकता है। यानी तब तक हर पांचवा शख्स बुजुर्ग होगा। जिनमें ज्यादातर लोगों के पास बुढ़ापे में कोई सोशल सिक्योरिटी नहीं होगी।

तो वहीं श्रमएवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक आगे आने वाले समय में सोशल सिक्योरिटी [संगीत] को ध्यान में रखते हुए सरकार यूनिवर्सल पेंशन स्कीम पर काम कर रही है। जानकारी के मुताबिक ईपीएफओ को इसका ड्राफ्ट बनाने का जिम्मा सौंपा गया है अब जानते हैं कि यूनिवर्सल पेंशनस्कीम में किन-किन लोगों को फायदा मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक 18 साल के ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति जो 60 साल बाद पेंशन पाना चाहता है वो इस स्कीमका फायदा उठा सकेगा।

चलिए अब आपको यह भी बता देते हैं कि यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का फोकस किन-किन लोगों [संगीत] पर होगा। बता दें कि इस स्कीम का फोकस नौकरी पेशा लोगों के साथ-साथ इन तीन सेक्टर पर खास रहेगा। पहला अनऑथोराइज्ड सेक्टर। सड़क पर सामान बेचने वाले, मरम्मत करने वाले, खेतीहर मजदूर और कम संसाधन वाले कारोबारी शामिल है। दूसरा ट्रेडर्स। ऐसे लोग जो कपड़े, सामान, फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, सोना,अनाज, शेयर मार्केट में बॉन्ड या स्टॉक्स जैसी चीजें बेचकर पैसे कमाते हैं। तीसरा सेल्फ एंप्लॉयड। ऐसे लोग जो छोटा कारोबार कर कर [संगीत] पैसे कमाते हैं। इनमें दुकानदार, छोटे व्यापारी, कंटेंट क्रिएटर्स और लेखक जैसे लोग शामिलहैं।

अब चलिए जानते हैं कि इस पेंशन स्कीम में सभी लोगों को क्या-क्या मिलेगा। तो बता दें कि फिलहाल स्कीम के [संगीत] प्रपोजल डॉक्यूमेंट पर काम चल रहा है। इसलिए आधिकारिक तौर पर कुछ भी सामने नहीं आया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ बातें जरूर चलाई जा रही है। जैसे कि यह एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम होगी। यानी इसमें अप्लाई करने वाले शख्स को हर महीने कुछ पैसे जमा करने होंगे। सरकार भीइसमें कुछ योगदान देगी।

60 साल की उम्र के बाद व्यक्ति का कुल कंट्रीब्यूशन, सरकार का अंशदान [संगीत] और उस पर मिले रिटर्न के आधार पर पेंशन की रकम तय होगी। इसमें पहले से चल रही अटल पेंशन जैसी योजनाओं को भी [संगीत] शामिल कर लिया जाएगा ताकि सरकारी फंड का बेहतर इस्तेमाल हो सके। बहरहाल भारत में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम का एग्जैक्ट मॉडल क्या होगा? यह तो घोषणा के बाद ही पता चलेगा। आपके मन में यह सवाल भी जरूर होगा कि यूपीएस स्कीम आने के बाद चल रही एनपीएस का क्या होगा?

तो बता दें कि फिलहाल एनपीएस को बदलने या फिर मर्ज करने की कोई खबर या संकेत आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह पहले की तरह ही चलती रहेगी।

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