महाराष्ट्र के अमरावती जिले में अचानक कई महिलाओं और लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने लगे हैं। इस मामले का नामकरण भी कर दिया गया है। कहीं अमरावती स्कैंडल कहा जा रहा है तो कहीं परतवाड़ा वीडियो कांड। इसकी परतें खोलेंगे लेकिन उससे पहले पुलिस की ओर से की गई एक अपील आप तक पहुंचा दें।
पुलिस ने कहा है कि इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर ना करें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे पीड़ितों को और नुकसान हो सकता है। स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई जगहों पर लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कारवाई की मांग की है। भाजपा से राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे का आरोप है कि आरोपी ने करीब 180 लड़कियों का किया और 350 से ज्यादा वीडियो बनाए और वायरल किए।
मुख्य आरोपी का नाम मोहम्मद आयान अहमद है। 19 साल का है। गिरफ्तारी हो चुकी है। अदालत में पेशी के बाद उसे 21 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में रखा गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी कि बीएएस की धारा 294, एक्ट की धारा आठ और 12 और एक्ट 2000 की धारा 67 और 67 ए के तहत मामला दर्ज किया है। आयान पर आरोप है कि उसने यह वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। जांच आगे बढ़ी तो एक और आरोपी का नाम सामने आया। पुलिस ने उज़ैर खान को भी हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि उसने मुख्य आरोपी के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड किए। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के मोबाइल और बाकी डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ डाटा डिलीट किया गया था जिसे साइबर टीम की मदद से रिकवर करने की कोशिश हो रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हैं या नहीं। पुलिस ने अब तक सात से आठ पीड़ित की पहचान होने की पुष्टि की है और फोन से करीब 15 से ज्यादा वीडियो और 30 फोटो मिली है। अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद सिंघुरी के मुताबिक बाकी संभावित पीड़ितों की तलाश जारी है। आरोपी नंबर वन जिसमें ये फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए हैं उनको हमने अरेस्ट किया है। एंड उनके साथ में जो मोबाइल डिवाइस जिसमें उन्होंने रिकॉर्डिंग किया है वो भी हमने ज्त किया है।
अनिल एंड आल्सो साथ में आरोपी नंबर वन को इंटेरोगेशन के दौरान में जो हमको इंफॉर्मेशन मिला उससे हमने आरोपी नंबर टू को आइडेंटिफाई किया है। एंड उनको भी आरोपी नंबर टू को भी हमने कस्टडी में लिया है। एंड उनका भी इंटेरोगेशन शुरू है। एंड उनको भी हम अटक करने वाले हैं। इसके अलावा अह अभी तक जो है टोटल आठ विक्टिम जो है हमने आइडेंटिफाई किया है। एंड उनके फैमिली से गोपनीय तरीके से हम संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। सो दैट विक्टिम जो है वो पुलिस स्टेशन में ना आते हुए किसी भी लोकेशन जो उनका कन्वीनियंस का जो लोकेशन है वहां पे हम महिला स्टाफ को सिविल कपड़ों में जो है उनका स्टेटमेंट एंड बयान लेने के लिए भेजने के लिए परतवाड़ा पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक सुरेश मस्के ने बताया कि पीड़िताओं से संपर्क किया गया है लेकिन अब तक किसी ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि पीड़िताएं किसी भी पुलिस स्टेशन में ज़ीरो एफआईआर दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इसके लिए महिला अधिकारियों के जरिए संपर्क करने की व्यवस्था भी की गई है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिला है। कुछ लोग पुलिस स्टेशन पहुंचे और कारवाई की मांग की। इसी बीच कुछ हिंदूवादी संगठनों ने बैठक के बाद अचलपुर और परतवाड़ा बंद करने का ऐलान किया है। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी का संबंध ऑल इंडिया मजलिस इत्तइत्तहादुल मुस्लिमीन से है। यानी कि से है जो कि आप जानते हैं कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी है और वह नगर पालिका चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का काम देख रहा था।
वहीं के परतवाड़ा शहर अध्यक्ष आदिल मोहम्मद का कहना है कि उसे चुनाव के वक्त सोशल मीडिया देखने को रखा गया था। लेकिन चुनाव के बाद आरोपी को 10 जनवरी को ही पद से निलंबित कर दिया गया। अचलपुर के विधायक प्रवीण तायडे और राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे का आरोप है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। उनके थ्रू उनका कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ जारी है। जांच से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी पुलिस काम कर रही है।
