यूं तो आईपीएल से जुड़ी कई कंट्रोवर्सीज चर्चित रही हैं। मगर इन सबके बीच एक मामला शाहरुख खान से जुड़ा भी है। साल 2012 में आईपीएल के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाहरुख और एमसीए यानी मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों के बीच हुई गरमागरर्मी सुर्खियों में रही थी। शाहरुख के साथ उनके कुछ दोस्त और उनकी बेटी सुहाना खान भी थी।
उन्हें टोकने और बार-बार विसल बजाने पर शाहरुख और सिक्योरिटी गार्ड के बीच तनातनी हो गई। बात इतनी बढ़ी कि एमसीए ने शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में आने पर 5 साल तक का बैन भी लगाया। यह तो इस मामले का वो पक्ष है जो पूरी दुनिया के सामने आया था। मगर अब इसका एक और पहलू है और मुंबई के उस क्षेत्र के तत्कालीन डिवीजनल एसीपी इकबाल शेख ने अपने ताजा इंटरव्यू में उस पर रोशनी डाली है। सुबोजीत घोष के पॉडकास्ट पर इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, असल में शाहरुख खान और एमसी अधिकारियों के बीच मिसकम्युनिकेशन हो गया था।
वानखेड़े स्टेडियम जिस एरिया में आता है मैं वहां का डिवीजनल एसीपी था उस वक्त और 1986 से क्रिकेट के जितने भी बड़े मैच होते थे बंदोबस्त मेरी निगरानी में होता था। वहां का एसीपी होने की वजह से उस मैच में भी मैं वेन्यू पर ही था। और जब मैं मेन गेट पर था तब हमारे एमसीए के कलीग ने मुझे इस घटना के बारे में बताया। उसने कहा, “श शाहरुख़ एथे राड़ा करतो” यानी शाहरुख़ यहां राड़ा कर रहे हैं।” जैसे ही एसीपी इकबाल को यह सूचना मिली, वह ग्राउंड की तरफ दौड़े। इस बारे में उन्होंने कहा, “मेरे साथ मेरा ऑपरेटर ही था और तब तक मैच खत्म हो गया था।” लगभग सब लोग जा चुके थे।
लाइट्स भी बंद हो गई थी और वहां पर शाहरुख खान और उनके फ्रेंड्स के साथ जो बच्चे थे वो लोग खेल रहे थे। एक साइड में खेल रहे थे तो वहां का जो सिक्योरिटी वाला था उसने ऑब्जेक्शन लिया। सीटीवीटी बजाई तो शाहरुख खान को अच्छा नहीं लगा। इस कारण कुछ बातचीत हो गई। सिक्योरिटी की तरफ से हमारे एमसीए के लोगों ने कुछ बोला। फिर आपस में गरमागरर्मी हो गई। हिटेड आर्गुमेंट हो गए। माहौल और ज्यादा खराब हो गया। तब तक मैं पहुंच गया। फिर मैंने शाहरुख खान को बोला कि बात जबरन और बढ़ जाएगी और उनको वानखेड़े स्टेडियम से लेकर निकल गया। एसीपी इकबाल ने शाहरुख से ऐसा क्या कहा कि वो शांत हो गए और स्टेडियम से बाहर निकल आए। इस बारे में उन्होंने बताया।
मैंने उनसे सीधा बोला कि यह जो चल रहा था ना यह हीटेड आर्गुमेंट कि तुम ऐसे हो, तुम वैसे हो। मैंने सीधा उन्हें पकड़ कर बोला शाहरुख साहब आप बाहर चलिए और उन्होंने मेरी बात मान ली। एक पॉज लेकर मुस्कुराते हुए एसीपी ने कहा, मैं यूनिफार्म में था और ऐसा नहीं करता तो ना आंक बात और बढ़ जाती। अब आपको वो घटना बता देते हैं जो उस दिन वानखेड़े स्टेडियम में हुई थी। साल 2012 में शाहरुख़ की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुंबई इंडियंस को हराया था। मैच खत्म होने के ठीक बाद स्क्रीन पर कुछ विजुअल्स आए। इनमें स्टेडियम के बीच शाहरुख और एक सिक्योरिटी गार्ड बहस करते दिख रहे थे। फिर एमसीए ऑफिशियल्स भी वहां जा पहुंचे। बहस तो जल्द ही खत्म हो गई, मगर विवाद लंबा चला।
एमसीए ने शाहरुख पर मैच के बाद फील्ड में जाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि शाहरुख ने स्टाफ के साथ बदसलूकी की और उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग किया। शाहरुख के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई गई। एमसीए ने शाहरुख पर 5 साल तक स्टेडियम में आने का बैन लगाया था। हालांकि यह बैन 3 साल बाद ही हटा दिया गया था। वहीं पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख ने बदसलूकी की बात खारिज की थी। उनका कहना था कि वह सिर्फ बेटी सुहाना और साथ में मौजूद बाकी बच्चों के लिए प्रोटेक्टिव हो रहे थे। इस घटना के कुछ समय बाद शाहरुख टीवी शो आपकी अदालत में गए थे। यहां शाहरुख ने अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा हां मैं बहुत गुस्से में था और दुखी था। मेरे बच्चे वहां थे। शायद उनका कोई नियम होगा। मगर वो बहुत सख्त लहजे में बोले इन्हें यहां से ले जाओ। मैंने उनसे कहा कि यह हमारे साथ हैं। हमारे बच्चे हैं।
हम उन्हें लेकर बाहर ही जा रहे थे। वहां मौजूद एक शख्स ने एक ऐसा शब्द इस्तेमाल किया जो दिल्ली का होने के नाते मुझे ठीक नहीं लगा। गाली जैसा लगा बल्कि मराठी में भी उसे उस शब्द को सभ्य नहीं माना जाता। थोड़ा सा रिलीजियस और गलत शब्द था वो।
मैं अपना आपा खो बैठा। मैं पागल हो गया था और पहुंच गया उनके पास। शाहरुख खान को ज्यादातर संतुलित और मृदभाषी ही पाया जाता है। मगर बच्चों के लिए सख्त लहजा उन्हें नागवार गुजर गया था। उनके वर्क फ्रंट की बात करें तो इन दिनों वो अपनी फिल्म किंग की शूटिंग कर रहे हैं। इसमें उनकी बेटी सुहाना भी काम कर रही हैं। यह फिल्म 24 दिसंबर 2026 को रिलीज होगी।
