फिल्म हेराफेरी के कोपिराइट्स मामले में FIR।

बॉलीवुड की सबसे पसंदीदा कॉमेडी फिल्मों में से एक हेराफेरी एक बार फिर से चर्चा में है। हर बार की वजह कोई सीक्वल नहीं बल्कि कानूनी लड़ाई है। मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर फिरोज नाडियावाल ने फिल्म के कॉपीराइट और रीमेक अधिकारों को लेकर मुंबई के अंबोली पुलिस स्टेशन में अब शिकायत दर्ज करवा दी है। क्या है पूरा मामला? चलिए आपको बताते हैं।

नाडियाडवाला का आरोप है कि कुछ लोगों ने मिलकर उनके कानूनी अधिकारों को हड़पने की साजिश रची है और उनसे करोड़ों रुपए वसूलने की कोशिश की है। पुलिस ने इस मामले में गोपाला पिल्लई विजय कुमार और एम पॉल माइकेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता बीएएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब इसकी गहराई से जांच की जा रही है। फिरोज नाडियाडवाला ने बताया है कि उनके अनुसार साल 2000 में आई फिल्म हेराफेरी दरअसल 1989 में आई मलयालम फिल्म रामजी राव स्पीकिंग पर आधारित है। फिरोज का दावा है कि उन्होंने उसी वक्त मेसर्स कॉम्पैक्ट इंडिया लिमिटेड के सुरेश कुमार सिंघल से ₹4.5 लाख में इस कहानी के हिंदी और अन्य भाषाओं के रीमेक अधिकार कानूनी तौर पर खरीदे थे।

उनका कहना है कि अधिकार उनके पास होने के बावजूद अब 32 साल बाद एक नई साजिश के तहत उन्हें परेशान किया जा रहा है। शिकायत में फिरोज ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि साल 2000 में फिल्म की रिलीज से महज एक हफ्ते पहले भी कुछ लोगों ने उन पर दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश की थी। उस समय फिल्म में करोड़ों रुपए लगे थे। इसीलिए बदनामी और नुकसान के डर से उन्होंने दबाव में आकर भुगतान किया था। जबकि अदालत का फैसला उनके पक्ष में था। नाडियाडवाल का आरोप है कि मूल फिल्म के मालिकों ने यह जानते हुए भी कि अधिकार बिक चुके हैं।

साल 2022 में महज ₹3 लाख में इन्हें दोबारा से अधिकार फिर से गोपाला पिल्ल विजय कुमार यानी मेसर्स से आर्ट्स इंटरनेशनल को बेच दिए हैं। यह मामला तब गरमा गया जब दिसंबर 2024 में फिरोज नाडियाडवाल को एक कानूनी नोटिस थमाया गया। इस नोटिस में उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्म हेराफेरी फेरी जो दूसरा पार्ट था यानी 2006 जो आया था उसको अवैध बता दिया गया। विरोधियों ने उनसे ₹60 लाख नगद और फिल्म से कुल मुनाफे के 25% का हिस्सा मांगा है। फिरोज नाडियाडवाल ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि उनकी कंपनी पब्लिक लिस्टिंग यानी शेयर बाजार में उतरने की प्रक्रिया में है और विरोधी पक्ष जानबूझकर इसमें अड़ंगा डाल रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल जैसे बड़े सितारों के नामों का इस्तेमाल कर झूठी खबरें फैलाई जा रही है ताकि उनकी फाइनेंशियल साख को चोट पहुंचाई जा सके। फिलहाल मुंबई पुलिस ने धोखाधड़ी और साजिश के धाराओं के तहत मामला दर्ज करके तेजी से जांच शुरू कर दी है। फैंस के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि हेराफेरी पार्ट थ्री का इंतजार बहुत लंबे टाइम से करीब 20 साल से चल रहा है और जब से इस फिल्म को अनाउंस किया गया तब से इसमें कोई ना कोई कानूनी अड़चन आती हुई नजर आ रही है।

कभी परेश रावल मना कर देते हैं तो कभी अक्षय कुमार बताते हैं कि कानूनी पेच फंसा हुआ है। लेकिन एक बार फिर से कोई कानूनी पेच फंसा हुआ नजर आ रहा है।

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