छत्रपति शिवाजी महाराज के अपमान के आरोपों से घिरी रितेश की ‘राजा शिवाजी’।

रितेश देशमुख स्टारर राजा शिवाजी रिलीज से पहले ही विवादों में आ गई है। छत्रपति शिवाजी महाराज पर बनी इस मूवी में उन्होंने एक्टिंग के अलावा राइटिंग, डायरेक्शन और प्रोडक्शन का जिम्मा भी संभाला है। मगर ट्रेलर में उनकी एक बड़ी चूक ने फिल्म को कटघरे में ला दिया है। यह चूक संजय दत्त के किरदार अफजल खान और छत्रपति शिवाजी महाराज के वागनख वाले सीन से जुड़ी है।

उसे लेकर रितेश की इतनी आलोचना हुई कि उन्हें खुद सफाई देनी पड़ गई है। संजय दत्त ने फिल्म में जिस अफजल खान का किरदार निभाया है, वह बीजापुर सल्तनत का सेनापति था। उसे छत्रपति शिवाजी महाराज को कैद करने के लिए भेजा गया था। हालांकि फिर मामला कुछ ऐसा बैठा कि दोनों पक्ष संधि के लिए तैयार हो गए। इस संधि के लिए दोनों के बीच एक मुलाकात होने वाली थी। मगर शर्त यह थी कि दोनों तरफ से कोई भी हथियार लेकर नहीं आएगा। कहते हैं कि छत्रपति शिवाजी महाराज अफजल खान के इरादे भाप गए थे।

इसलिए उन्होंने कपड़ों के अंदर कवच और एक वागनख छिपा लिया। बागनख यानी बाघ के नाखूनों जैसा दिखने वाला छोटा हथियार। जब दोनों की मुलाकात हुई तो अफजल ने उन्हें गले लगाने को कहा। दोनों गले मिले ही थे कि तभी अफजल ने उन पर अपने खंजर से हमला कर दिया। क्योंकि छत्रपति शिवाजी महाराज ने कवच पहना था इसलिए उन्हें कुछ भी नहीं हुआ।

मगर उन्होंने अपने वाघनख से अफजल को बुरी तरह घायल कर दिया। इस हिसाब से देखा जाए तो छत्रपति शिवाजी महाराज ने भेंट से पहले वागनख को छिपा रखा था। मगर राजा शिवाजी के एक शॉट में वो अफजल को उसे दिखाते नजर आ रहे हैं। इस बात के लिए इंटरनेट पर लोगों ने रितेश को ट्रोल करना शुरू कर दिया। भाजपा नेता सुरेश नखुआ ने लिखा रितेश देशमुख की फिल्म के ट्रेलर में दिखाया गया कि छत्रपति शिवाजी महाराज अफजल खान पर हमला करने से पहले खुलेआम वागनख दिखा रहे हैं।

यह हिस्टोरिकल फैक्ट है कि वागनख छिपा कर रखा गया था। छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसका इस्तेमाल अफजल खान के हमले के बाद किया था। सवाल उठता है कि रितेश देशमुख छत्रपति शिवाजी महाराज और महाराष्ट्र के इतिहास विरासत और गौरव को गलत तरीके से क्यों दिखा रहे हैं? कहने की जरूरत नहीं है कि यह सवाल बहुत ही जल्द तुल पकड़ने लगा। लोग भर-भर कर रितेश की आलोचना करने लगे। यह देख उन्होंने भाजपा नेता को जवाब दिया। रिस्पेक्टेड सर, प्लीज 1 मई को यह फिल्म देखिए। आपके सभी सवालों के जवाब मूवी में है। मैं उम्मीद करता हूं कि आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस फिल्म को एंजॉय करेंगे। जय शिव राय। इस पर सुरेश नखुआ ने फिर लिखा इसका मतलब सच्चाई फिल्म के अंदर छुपी है।

जवाब जानने के लिए फिल्म देखिए। यह बात फिक्शन के लिए ठीक है। हिस्ट्री के लिए नहीं। जब छत्रपति शिवाजी महाराज को दिखाया जाता है तो ट्रेलर को ही सवालों के जवाब देने चाहिए ना कि नए सवाल खड़े करने चाहिए। रोचक स्ट्रेटजी है। पहले शक पैदा करो फिर उसका जवाब बेचो। इंटरनेट पर यह मामला काफी भड़क चुका है। हालांकि कई लोगों का कहना है कि यह शॉट अफजल खान को मारने से पहले नहीं बल्कि बाद का है। ध्यान से देखने पर संजय इसमें लड़खड़ाते नजर आ रहे हैं। साथ ही छत्रपति शिवाजी महाराज के सर पर वो पगड़ी या जिरे टोप भी नहीं दिख रही जो उन्होंने भेंट से पहले पहन रखी थी।

लेकिन खोजने वालों ने इस तर्क में भी एक बड़ी कमी ढूंढ ली है। उनका कहना है कि यदि अफजल पर हमला कर ही दिया गया था तो वाघ नख पर खून क्यों नहीं लगा है? कुल मिलाकर राजा शिवाजी के ट्रेलर ने कई तरह के सवाल पैदा कर दिए हैं। मगर उनका सटीक जवाब फिल्म के रिलीज़ होने के बाद ही दिया जा सकता है। बता दें कि रितेश देशमुख के अलावा इसमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, विद्या बालन, महेश मांजरेकर, जेलिया डिसूजा, फरदीन खान, भाग्यश्री, बोमन ईरानी, सचिन खेड़ेकर और अमोल गुप्ते जैसे दमदार स्टार कास्ट हैं।

फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। यह तमाम जानकारी मेरे साथी सुभांजल ने जुटाई है।

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