पैरों के नीचे भगवान का मंदिर Lenskart का नया वीडियो वायरल, बौखलाए लोग।

आई ब्रांड लेंस कार्ट के बॉयकॉट की मांग अब तेज होती जा रही है। तिलक और बिंदी के ऊपर पाबंदी लगाए जाने के बाद अब एक नया वीडियो सामने आया है जिसने हर किसी को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया गया है कि लेंस कार्ड स्टोर के अंदर नीचे वाले कप बोर्ड में एक छोटा सा मंदिर रखा गया था।

इसके बाद कर्मचारियों ड्रेस कोड और रिलीजियस सिंबल को लेकर विवाद बढ़ा। जिसमें हिंदू कार्यकर्ता एक लेंस कार्ड स्टोर के कर्मचारियों से एक छोटे से मंदिर को निचले अलमारी में छिपाकर रखने को लेकर बहस करते नजर आ रहे हैं। वायरल हो रहे वीडियो के मुताबिक हिंदू कार्यकर्ता मंदिर को एक निचले अलमारी के अंदर रखे जाने पर आपत्ति जताते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिसे वह अपमानजनक बता रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंदिर को एक कर्मचारी ने डर के मारे स्थापित करके छुपा दिया था। यानी मंदिर को नीचे पांव की जगह पर शिफ्ट किया गया था। कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर मांग की कि सम्मान के प्रतीक के रूप में मंदिर को किसी ऊंचे और दिखने वाली जगह पर फिर से रखा जाए।

हालांकि इस वीडियो में कितनी सच्चाई है, यह कहां का है और कब का है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते। लेंस कार्ड जहां पहले तिलक और कलावा की कंट्रोवर्सी में घिरा हुआ नजर आया था और अब इस मंदिर वाले वीडियो के वायरल होने के बाद फिर से कंट्रोवर्सी बढ़ती हुई नजर आ रही है। यानी मामला और ज्यादा सेंसिटिव बन गया है। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के रिएक्शन भी सामने आ रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर हिंदू कर्मचारी मंदिर रखने से भी डरे तो यह हमारी सहनशीलता नहीं कमजोरी है। ऐसी कंपनियों का बहिष्कार होना चाहिए। एक और यूजर ने लिखा दुकान का पता बताओ। जनता खुद एक्शन लेगी। जय श्री राम। एक और यूजर ने लिखा हर हिंदू परिवार को लेंस कार्ड का बॉयकॉट करना चाहिए तभी सबक मिलेगा। एक और यूजर ने लिखा यह कंपनी अभी तक भारत में क्यों चल रही है? इसे बंद होना चाहिए। एक और यूजर ने लिखा हिंदू कर्मचारी खुद विरोध क्यों नहीं कर रहे? यह शर्मनाक है। एक और यूजर ने लिखा इस कंपनी की जांच होनी चाहिए। फंडिंग तक चेक होनी चाहिए।

यानी अब साफ है कि मामला सिर्फ कंपनी पॉलिसी नहीं रहा। यह पूरी तरह इमोशन और आइडेंटिटी का मुद्दा बन गया है। इस कंट्रोवर्सी के बाद सोशल मीडिया पर बॉयकॉट लेंस का ट्रेंड हुआ है। कंपनी को भारी बैकलैश मिला। खुद कंपनी को सामने आकर पब्लिकली अपोलॉजी देनी पड़ी और नई पॉलिसी जारी करनी पड़ी जिसमें साफ कहा गया कि अब सभी धार्मिक प्रतीक अलाउड है तिलक बिंदी हिजाब पगड़ी आदि यानी रेपुटेशन डैमेज हुआ है। ब्रांड ब्रांड ट्रस्ट पर असर पड़ा है लेकिन अभी तक कोई ऑफिशियल फाइनेंशियल लॉस डाटा सामने नहीं आया है।

हालांकि बताया जा रहा है कि कार्ट के में गिरावट जरूर देखने को मिली है। वहीं दूसरी तरफ नमिता थापड़ को भी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नमाज के हेल्थ बेनिफिट पर वीडियो बनाया जिसके बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

लोगों ने आरोप लगाया कि वो एक धर्म को प्रमोट कर रही हैं। जबकि नमिता ने साफ कहा कि मैंने योगा और बाकी प्रैक्टिससेस पर भी वीडियो बनाए हैं। यानी यहां भी वही पैटर्न है। फिलहाल शार्क टैंक के दोनों शार्क्स इस वक्त मुसीबत में हैं।

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