जैसे कि अभी केस आया इंडिया के टॉप 20 लोगों में उनका नाम होगा। रिचेस्ट लोगों में। अच्छा। तो बोलते हैं कि यार मिलना है तुमसे? तो नाम से उन्होंने कहा सर बिल्कुल कभी मिल सकता है। नहीं बोले अभी मिलना है। और कमिश्नर साहब ने नंबर दिया है कि आप हम अच्छा उनका ही डायरेक्ट ही फोन आ गया। हां। अच्छा।
सबका डायरेक्ट ही आता है भाई। इसमें कोई इसलिए क्योंकि कोई मिडिएटर होगा ना तो ज्यादा रिस्क हो जाएगा। ट्रू। तो उनकी प्रॉब्लम ये थी मैं गया उन्होंने बोला मिलना है अभी हां मैं कनोट प्लेस गया तो कोई मुझे ब्लैकमेल कर रहा है हम ठीक है मैसेज कहां से आ रहा है लाइक WhatsApp नंबर है वहां से आ रहा है तो मैंने कहा ये तो वर्चुअल नंबर है इसमें लंदन का नंबर आ रहा है हां वो उनको लग रहा था कि ये बंदा लंदन में है पर वर्चुअल नंबर तो कहीं से भी ऑपरेट है तो मैंने कहा है तो आसपास का ही हम तो बोलते हैं कि मुझे यह बंदा मेरी वाइफ की कुछ नेकेड पिक्चर्स भेज रहा है ऑब्सीन पिक्चर्स ओके हम प्रॉब्लम ये है कि मेरा कोई आईपीओ आने वाला है।
कुछ बड़ा कुछ काम होने वाला है तो मेरे पर प्रेशर है कि यदि कुछ ऐसा बवाल होता है तो वो एपरर करेगा उसको हम आई डोंट वांट एनी मीडिया इन्वॉल्वमेंट हियर तो मैं पुलिस के पास नहीं जा सकता हम्म अब कैसे पकड़ेंगे इसको तो मैंने कहा आपने कोई पैसा वैसा तो नहीं दिया बोले मैं दे चुका हूं तो मैंने कहां दिया तो बिटकॉइन वॉलेट एक शेयर किया तो बिटकॉइन लेजर आप ट्रैक कर सकते पैसा किस वॉलेट से कहां मूव कर रहा है। बट यू कांट फाइंड दी ओनर ऑफ़ द वॉलेट। तो पैसा मूव होकर एक वॉलेट में पार्क था। मैं देख लिया कुछ 10 वॉलेट्स में तो मैंने कहा कि देखो ये बंदा जो भी है तो स्मार्ट ये वेट करेगा। अभी इतनी जल्दी तो कन्वर्ट करेगा नहीं एक्सचेंज से। लेकिन इनका प्रेशर ये था कि और पैसा मांग रहा है और आईपीओ आने वाला है तो मैं तो देना पड़ेगा यार कुछ ना कुछ।
तो मैंने कहा वो फोटो दिखाओ मुझे। मैंने फोटो देखी। तो जब मैंने सारी फोटो देखी तो करीब 17 18 पिक्चर्स थी उनकी वाइफ की। मैंने कहा ये तो मॉर्फ पिक्चर बोले हां मॉर्फ है। अच्छा एआई से बस बनी हुई है इधर-उधर से बस फोटो लगा रियलिस्टिक है। इतनी रियलिस्टिक है कि बोले मीडिया में जाएंगे तो हम कैसे डिफेंड करेंगे कि मॉफ है। हम इवन इफ इट इज मॉफ मेरा तो डैमेज हो जाएगा। फेक पिक्चर। अब आप सोचिए कि इतना बड़ा आदमी इतना पावरफुल आदमी 17 डीक पिक्चर के चक्कर में फंस गया है। अब इस सिचुएशन से कैसे बाहर आए? 17 फेक पिक्चर्स हैं। वैसे फेक फेक। तो मैंने फिर देखा बार-बार तो मैंने कहा कि आप जब एआई से पिक्चर जनरेट करते हो तो आपको एक ओरिजिनल पिक्चर देना होता है। देन यू कैन जनरेट। तो मैंने कहा इसके जो फेसेस है ना वो अलग-अलग पिक्चर से जनरेटेड है। क्योंकि हर बार लुक अलग है। जो उनका ज्वेलरी कुछ पैटर्न अलग था।
तो मैंने कहा कि ये ओरिजिनल पिक्चर्स कहां है? बोले वो उसके इंस्टा या Facebook में होंगी। तो मैंने कहा ढूंढते हैं। तो हमने वो पिक्चर्स निकाली जो ओरिजिनल पिक्चर्स जब आप ओरिजिनल पिक्चर्स अपलोड करते हो ना तो आप हर पिक्चर का एक यूनिक आईडी बन जाता है। वो मैंने नोट डाउन करने शुरू की।
सो वी मैप्ड ऑल दोज़ पिक्चर्स विद द ओरिजिनल पिक्चर्स जहां से रेफरेंस पिक्चर्स ली हुई। मैंने कहा दो दिन में बता दूंगा सर कौन है बंदा? दो दिन बाद 95 किया वो बंदा अरेस्ट भी करवाया। तो कैसे? फिर उन्होंने पूछा कि कैसे पकड़ा? मैंने कहा सर सिंपल सा लॉजिक है। आप जब भी इंटरनेट पर कुछ एक्सेस करते हो तो आप उस चीज को डाउनलोड करते हो। बिना डाउनलोड किए आप कुछ एक्सेस कर ही नहीं सकते। हम एक्चुअली द टेक्निकल एक्शन इज डाउनलोडिंग इट। हम तभी तो आप देखोगे वो टेम्प फोल्डर में डाउनलोड होता है।
इसलिए यू डोंट कंसीडर डाउनलोडिंग थिंग। तो जिस-जिसने ये पिक्चर्स देखी हम वो सर्वर से तो डाउनलोड हुई है। हम सर्वर कीप्स अ लॉग ऑफ़ एव्री सच एक्टिविटी। तो जब मैंने Facebook से पूछा कि भाई पिछले तीन महीनों में कौन-कौन है जिसने ये 17 पिक्चर्स डाउनलोड किए हैं। सो दे कुड गिव मी अ डिटेल्ड प्रोफाइल लिस्ट कि इतने लोगों ने किया है। काफी बढ़िया लिस्ट थी। अब मेरा काम था उसमें से जीरो डाउन करना कि कौन ऐसा है जो ये हो सकता है। विद लोकेशन वाइज, विद प्रॉक्सिमिटी वाइज, विद फैन हो सकता है। कुछ पर मुझे एक चीज ने हेल्प कर दी कि एक ही व्यक्ति था उसमें से इसने 17 की 17 डाउनलोड की थी।
किसी ने सारी डाउनलोड बाकी किसी ने चार देखी चार देख के छोड़ देते हो आप पांच मतलब बिकॉज़ रैंडम थी एक ही बार अपलोड होगा तो शायद चारों देखते हो सो देयर आर सम टाइम्स दी काइंड ऑफ़ चांसेस वर्क्स एंड वो बंदा बड़े आसानी से ट्रैप हो गया वरना मुझे टाइम लगता क्योंकि 550 के करीब प्रोफाइल उन्होंने भेजे थे पर मैंने कहा यार एक ही है इस तरह देखिए तो ये और वो इतना इजी होता है टू ढूंढना यूनिक आईडी एंड ये सब ईजी नहीं होता लेकिन अब ईजी बनाना पड़ता है विद AI एंड ऑल देखिए हमें ऐसे भी केसेस आते हैं कि एक लेडी एक बहुत बड़े मीडिया हाउस को रन करती है वो बट पहले ये बताओ उनके साथ हुआ क्या है 17 फोटो क्या तो बेसिकली उनकी एक्स कलीग था उनकी वाइफ का एक्स कलीग था और वो अपॉर्चुनिटी उसको लगी कि यार इस समय तो ये प्रेशर में आ ही जाएंगे एंड कुछ बट अगर इतने बड़े आदमी की फैमिली से रिलेटेड है तो वो सामने वाला भी तो बड़ा ही होगा नहीं बड़ा नहीं है जरूरी नहीं है अच्छा ऐसे ऑफिस में था हां अरे बहुत सारे इंसाइडर होते हैं बहुत सारी चीजें सोशल मीडिया से निकल आती है
हां जो आप अननोइंगली अनक अनकॉन्शियसली शेयर कर देते हो। आप नहीं शेयर कर रहे हो। सामने वाला शेयर करेगा। हां। कोई ना कोई आपने हां जैसे आप आप गोवा घूमने गए हम वहां पिक्चर ले ली। आप सोशल मीडिया पे एक्टिव नहीं हो। आपने पिक्चर पोस्ट नहीं की। पर उनमें से किसी ने कर दी जो आपके साथ थे। हम तो भी आपकी लोकेशन गई है। हम अब ये चीज आपको नहीं पता है कि आपकी लोकेशन बाहर रीलीक्ड है।
उसकी को यूज़ करके कोई आपको कॉल करे कि सर मैं आपको गोवा में देखा है एंड आई वास इंप्रेस्ड। हम तो आप इमीडिएटली ट्रस्ट करोगे क्योंकि आपको लगेगा यार मैंने तो कहीं डाला नहीं है हम ये ह्यूमन ब्रेन की कमजोरी है कि जो चीज आपने नहीं शेयर की है वो किसी और से शेयर हो तो आप उसप ट्रस्ट कर लेते हो और यही रूट कॉज है सारे का जितने होते हैं आप गौर से देखना ये क्रिमिनल का पहला अटेम्प्ट नहीं होता जब आपको कॉल करता है हम वो यूपीएससी का थर्ड अटेम्प्ट होता है पहले अटेम्प्ट में वो रेकी करता है रिकॉनसेंस करता है हम बिकॉज़ आपका इतना डाटा बाहर है हम्।
उसके बाद वह आपकी वनेबिलिटी आइडेंटिफाई करता है कि इसको कैसे फंसाया जा सकता है। उसके बाद वह अटैक वेक्टर तैयार करके एक्सप्लइट करता है। एंड फाइनल जो इंटरव्यू राउंड होता है जिसमें वो आपको कॉल करता है। हम बट बिफोर दैट आपके पास दो तीन ऑप्शंस थे जब आप बच सकते हो। पर क्योंकि वो इतना इजीली लीक्क हो रहे हैं और आप अनकॉन्शियसली कर रहे हो तो उनके लिए आसान है
