ट्रंप ने दुनिया को फिर दिया झटका, 126 डॉलर के पार पहुंचा तेल

दुनिया में एक बार फिर तेल को लेकर टेंशन बढ़ती [संगीत] जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 125 से $126 पर बैरल के पार पहुंच गया है जो मार्च 2022 के बाद सबसे हाई लेवल है। कुछ रिपोर्ट्स में यह कीमत $120 से ऊपर जाकर $12 तक भी पहुंचने की बात कही जा रही है।

इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण है अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव। भले ही दोनों देशों के बीच चीज फायर जारी है लेकिन पीस टॉक्स अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। ऐसे में हालात और बिगड़ते नजर आ रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि ईरान पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं करता।

खास बात यह है कि यह नाकाबंदी हॉर्मोन स्टेट से जुड़ी है जो दुनिया में तेल सप्लाई का सबसे अहम रास्ता माना जाता है। यही वजह है कि जैसे ही इस की खबर आई तेल की कीमतों में आग लग गई। दूसरी तरफ खबर यह भी है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ छोटे लेकिन घातक हमलों की प्लानिंग तैयार कर ली है। हालांकि ट्रंप ने अभी तक इसे मंजूरी नहीं दी है लेकिन सिर्फ इस खबर ने ही ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है।

ईरान की तरफ से भी बयानबाजी तेज हो गई है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ़ ने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो तेल की कीमत $140 तक पहुंच सकती है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि गलत फैसलों की वजह से पूरी दुनिया को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

एक्सपर्ट्स पहले से ही वार्निंग दे रहे हैं कि अगर अमेरिका ईरान के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो क्रूड ऑयल $150 पर बैरल के पार भी जा सकता है। इसका सीधा असर उन देशों पर पड़ेगा जो तेल इंपोर्ट पर डिपेंडेंट है। जैसे कि भारत। यानी पेट्रोल डीजल महंगा होगा और महंगाई तेजी से बढ़ सकती है।

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