लखनऊ के विकास नगर इलाके में आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयानक थी कि 10 से ज्यादा सिलेंडर के साथ फटने लगे। जिससे करीब 50 से अधिक झुग्गी झोपड़ियां जलकर राख हो गई। लपटें कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दी। जबकि दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रशासन ने आग के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह लपटें सिर्फ आग नहीं है। यह तबाही का वो मंजर है जिसने मिनटों में सब कुछ निगल लिया।
लखनऊ के विकास नगर में शाम ढलते ही आग ने ऐसा विकराल रूप लिया कि पूरा इलाका दहशत में डूब गया। आग इतनी भीषण थी कि एक के बाद एक 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर के साथ फटते गए। हर l के साथ लपटें और ऊंची होती गई और देखते ही देखते 50 से ज्यादा झुकी झोपड़ियां जलकर राख हो गई।
हालात ऐसे थे कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जो जहां था वहीं से जान बचाकर भागा। आग की लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थी। प्रशासन और पुलिस के लोग लगातार यहां पे जो मौजूद हैं उनको इस जगह से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। लगातार अनाउंसमेंट कर रहे हैं कि इस स्थान को खाली किया जाए और आप विजुअल में देख सकते हैं कि घर के अरमाली, अलमारी, बर्तन ये सब के राख हो गई।
आपको एक और विजुअल दिखाते हैं। यहां के रहने वाले लोगों के पास जो सिलेंडर था उस सिलेंडर को यहां नाली में डाल दिया गया ताकि कोई भी ना हो सके। यहां पर आला अधिकारी, डीएम, डीजी फायर, सुजीत पांडे, कमिश्नर, आला अधिकारी यहां पे आके जायजा ले लिए हैं और कंट्रोल रूम बनाया गया है।
मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंची और देर रात तक आग से जारी रही। हालात को देखते हुए आसपास के 10 मकानों को खाली कराया गया और पूरे इलाके की बिजली सप्लाई काट दी गई। पीड़ितों का कहना है कि आग ने सिर्फ उनके घर नहीं जलाए। उनकी पूरी दुनिया छीन ली। कई परिवार अब बेघर हो चुके हैं। कितने बजे आग लगी थी? 5:00 बजे आग लगी यहां पे। वहां से पीछे वहां सामने कोने से आग लगी।
तुरंत मेन रोड से मेन रोड मेन रोड से आग लगी। 10 पूरी मर के भसंग हो गए। मैं आया। एक तो आने में प्रॉब्लम यह थी कि जो है रास्ता ही कहीं नहीं मिल रहा था। ट्रैफिक इतना क्राउड इतना क्राउड कहीं से जाने ही नहीं दे रहे मैं कह भी रहा हूं मेरे घर में आग लग गई है। कैसे ना कैसे मैं यहां पहुंचा। उससे पहले मेरे भाई पहुंच चुके थे।
उन्हीं ने थोड़ी बहुत आग बुझाई। फिर हम लोग आ गए। फिर धर्मकल की गाड़ियां आई। आप यहीं पे थे जिस समय आग लगी थी। आग लगने के हम थोड़ी देर बाद आए हैं। यहां पे शुरुआती दौर में आग लगी है। 4:00 बजे 4:10 के आसपास में आग लगी है। पीछे शराबखाना है। वहां पास से थोड़ा ट्रांसपोर्ट जो लगा है उसका थोड़ा सा विस्फोट हुआ था। जिसकी वजह से आग लगी। हम लोग को यहां पे मतलब पहले भी लग चुकी है थोड़ी बहुत। बट वहां पे इस बार जब लगी तो बहुत ज्यादा लग गई थी। पूरी झुग्गी झोपड़ियां सारी जल चुकी यहां पे फायर ब्रिगेड 2ाई घंटे बाद आया है जाके।
उसके बाद यहां पे आग को कंट्रोल किया गया है। आग भी 4 घंटे बाद जाके ढंग से जब फायर ब्रिगेड आई है छह सात गाड़ियां तब जाके आग कंट्रोल हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तुरंत राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक खुद मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इस आग में इंसानों के साथ-साथ बेजुबान भी झुलस गए। घायल जानवरों को रेस्क्यू कर गौशाला भेजा गया जहां उनका इलाज जारी है। अब सवाल है आखिर इस आग की वजह क्या थी? क्या यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई बड़ी लापरवाही या साजिश छिपी है? जिसकी जांच अब शुरू हो गई है।
