भारत एक बहुत बड़े खेल में लगा है। एक तरफ भारत कई देशों से और को दबोच रहा है तो दूसरी तरफ भारत के कई शुभचिंतक पाकिस्तान में घुसकर एक के बाद एक आतंकियों को ठोक रहे हैं। आपको याद होगा कि भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ समय पहले एक एजेंट के साथ छह यूक्रेनी एजेंट्स को पकड़ा था। उसके बाद भारत अब एक और खतरनाक व्यक्ति को दबोच लाया है। आप यकीन करें या ना करें लेकिन सबसे ताजा ऑपरेशन भारत के एक दुश्मन देश में हुआ है।
इस में भारत एक खतरनाक माफिया को घसीट कर ले आया है। आपको बता दें कि यह बड़ा ऑपरेशन तुर्की में हुआ है और जिस माफिया को भारत लाया गया है वह पाकिस्तान में बैठे दाऊद इब्राहिम का सबसे करीबी दोस्त है। के बेहद करीबी और को तुर्की में एक बड़े के दौरान पकड़ लिया गया है।
भारत से जानकारी मिलते ही तुर्की की पुलिस इस घर के बाहर पहुंची दरवाजा तोड़ा और सलीम डोला को उठा लिया। इसके बाद सलीम डोला को गर्दन पकड़ कर गाड़ी में बैठाया गया। इसके बाद जहाज में बिठाकर भारत रवाना कर दिया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सलीम डोला को भारत डिपोर्ट भी कर दिया गया है। यह कितना बड़ा ऑपरेशन है उसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि खुद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी दी है। अमित शाह ने कहा है कि ऐसे लोग कहीं भी क्यों ना छिप जाएं। के सरगनाओं के लिए अब कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है। यहां सबसे दिलचस्प बात यह है कि तुर्की के भारत के साथ रिश्ते कैसे हैं वह सब जानते हैं। ऐसी स्थिति में भी भारत के कहने पर तुर्की ने को गिरफ्तार किया और भारत को सौंप भी दिया। यानी भारत ने तुर्की पर एक जबरदस्त दबाव जरूर डाला होगा। वरना तुर्की अपने सबसे पक्के दोस्त पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे इस को भारत के हवाले नहीं करता। आपको जानकारी के लिए बता दें कि सलीम डोला कई देशों में डी कंपनी के का संभाल रहा था। इसने पाकिस्तान और के कहने पर कई देशों में अवैध नशीले पदार्थों की सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूशन का नेटवर्क बनाया था। सलीम डोला सालाना ₹5000 करोड़ से ज्यादा का काला कारोबार कर रहा था।
ऐसे में इसकी गिरफ्तारी ग्लोबल ड्रग नेटवर्क के लिए एक बहुत बड़ा झटका मानी जा रही है। आपको बता दें कि भारत कुछ समय पहले सलीम डोला के बेटे ताहिर डोला को जून 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से उठा लाया था। इसके अलावा डोला के एक और करीबी सलीम मोहम्मद को मुंबई नारकोटिक सेल ने दुबई से गिरफ्तार कर लिया था। इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब ने भी खरगोश नाम के खूंखार आतंकी को पकड़ा है। इस आतंकी को भी भारत के कहने पर पकड़ा गया है। खरगोश नाम का यह आतंकी भी पाकिस्तानी था। यानी एक देश तुर्की और दूसरा देश सऊदी अरब दोनों पाकिस्तान के पक्के दोस्त हैं। दोनों पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत और इजराइल के खिलाफ इस्लामिक क्वाड बनाने की कोशिश में जुटे थे। लेकिन अब यह दोनों ही देश भारत के दुश्मन पर टूट पड़े हैं।
बहरहाल जाते-जाते आपको यह बता दें कि कुछ दिन पहले बांग्लादेश ने भी एक खुफिया जानकारी के बाद अपनी ही एयरफोर्स पर रेड डाल दी। इस रेड़ में कई बांग्लादेशी पायलट्स और एयरमैनस को पकड़ा गया है। कई देश से भागने में सफल हो गए।
कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बांग्लादेश ने यह ऑपरेशन तब किया जब बांग्लादेश के एनएसए भारत आए थे और अजीत डोबाल से मिले थे। इसके बाद जब बांग्लादेश के एनएसए भारत से लौट गए उसी के बाद बांग्लादेश ने अपने कई पायलट्स को पकड़ा। यह पायलट्स बांग्लादेश की खुफिया जानकारी पाकिस्तान को दे रहे थे।
