जो हाल मिडिल क्लास का भारत में है वही हाल सपोर्टिंग कास्ट का बॉलीवुड इंडस्ट्री में है। मिडिल क्लास की पूरी जिंदगी मेहनत में ही गुजर जाती है और मेहनत करते हुए भी उनकी इस मेहनत को इतना काउंट नहीं किया जाता और बॉलीवुड इंडस्ट्री में भी कैरेक्टर रोल्स वाले एक्टर्स का यही हाल है। वो होते तो कई फिल्मों का हिस्सा है। बड़े-बड़े एक्टर्स के साथ उन्होंने स्क्रीन्स भी शेयर की होती है। लेकिन उसके बावजूद उन्हें वह पहचान वह तवज्जो नहीं मिलती।
इसका एग्जांपल कल देखने को मिला तब जब फिल्म इंडस्ट्री के एक नामी सपोर्टिंग एक्टर भरत कपूर की हुई। भरत कपूर की 80 की उम्र में की वजह से हुई। वो पिछले तीन दिनों से बीमार चल रहे थे। का ट्रीटमेंट चल रहा था। वो सायन के एक हॉस्पिटल में एडमिट थे और कल दोपहर 3:00 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। कल शाम को 6:00 बजे उनका अंतिम संस्कार भी किया गया। फिल्म इंडस्ट्री से गिनेचुने लोग उनके अंतिम संस्कार में पहुंचे जिसमें राकेश बेदी, अवतार गिल जैसे नाम शामिल है। भरत कपूर की अगर बात करें तो उनका चेहरा देखकर हमें याद आता है कि यार इन्हें तो हमने बहुत सारी फिल्मों में देखा है।
कभी किसी फिल्म में यह लॉयर बने हैं तो कभी किसी में पुलिस ऑफिसर का किरदार निभाया है और बड़ी-बड़ी फिल्मों में यह नजर आए हैं। बड़े-बड़े एक्टर्स और फिल्म मेकर्स के साथ इन्होंने काम किया। एक उम्र के बाद भरत कपूर फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव नहीं थे। वो कहां है? वह क्या कर रहे हैं? यह भी किसी ने जानने की कोशिश नहीं की।
क्योंकि यहां पर तो चर्चा सिर्फ स्टार्स की होती है या फिर कंट्रोवर्सीज की होती है। कल जब भरत कपूर की डेथ हुई तो मीडिया में खबरें तो आई लेकिन बॉलीवुड इंडस्ट्री की तरफ से उनके साथ काम कर चुके किसी भी बड़े एक्टर या बड़े फिल्म मेकर ने उनकी को लेकर ट्वीट नहीं किया, पोस्ट नहीं किया।
यह जानकर बहुत ही झटका लगा और एक चीज समझ में आ गई कि फिल्म इंडस्ट्री में आप हिट हो गए तो चर्चा रहेगी और आप फ्लॉप हो गए, बर्बाद हो गए तो भी चर्चा रहेगी। लेकिन आप सपोर्टिंग एक्टर बनकर जैसे तैसे अगर सर्वाइव कर रहे हो तो आप जैसे तैसे सर्वाइव तो कर लोगे लेकिन आपके उस काम को कुछ खास याद नहीं रखा जाएगा। आपके उस हार्ड वर्क को मैजिक की तरह प्रेजेंट नहीं किया जाएगा। क्योंकि आप तो सपोर्टिंग कास्ट
