वीडियो में करते नजर आ रहे यह लोग पश्चिम बंगाल के बहरमपुर से टीएमसी सांसद और क्रिकेटर युसुफ पठान के रिश्तेदार हैं। 20 अप्रैल को मुंबई पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार हुए लोगों में यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान, साले, उमर शाद और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। कोर्ट ने इन सभी को 2 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मामला मुंबई के भाईखला इलाके का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार रात करीब 9:00 बजे 31 साल के यूसुफ खान अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में सड़क पर गड्ढा था जिसमें भरे पानी की छींटें उनकी कार से उछलकर सामने खड़े शोएब खान पर गिर गई। युसुफ खान ने तुरंत गाड़ी रोकी और मौके पर ही माफी भी मांग ली। लेकिन बात यहां खत्म नहीं हुई। आरोप है कि शोएब खान गुस्सा हो गए और उन्होंने शुरू कर दी। इतना ही नहीं उन्होंने बांस के से यूसुफ खान की कार का शीशा भी तोड़ दिया। इसके बाद माहौल और बिगड़ गया और दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई। यूसुफ खान के मुताबिक वो इस घटना की शिकायत करने भाईखला थाने जा रहे थे। तभी रास्ते में उनकी मुलाकात यूसुफ पठान के ससुर खालिद खान से हुई जो अपने बेटे उमरशाद, शोएब और एक अन्य व्यक्ति शहबाज पठान के साथ थे।
आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर यूसुफ खान और उनके रिश्तेदारों के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस को दी तहरीर के मुताबिक हमले में बांस की लाठियां और बेसबॉल बैट का इस्तेमाल किया गया है। इस झगड़े में यूसुफ खान के चाचा और बहनोई घायल हो गए। दूसरी तरफ इस मामले में पलटवार भी हुआ है। खालिद खान के बेटे उमरशाद ने भी भाईखला थाने में जवाबी शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यूसुफ खान उनके परिवार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं और असलियत कुछ और ही है। इन सबके बाद पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
इसके बाद भाईखला पुलिस ने तुरंत कार्यवाही करते हुए खालिद खान, उमरशाद खान और शोएब खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल एक आरोपी शहबाज पठान अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। इस पूरे विवाद पर एएनआई से बात करते हुए यूसुफ पठान की सास नसीब जान मोहम्मद खालिक ने इसे एक साजिश बताया है।
उनका कहना है कि यह सिर्फ बच्चों के बीच का झगड़ा था जिसे बेवजह बड़ा बना दिया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके दामाद की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। खासकर बंगाल चुनाव से पहले बच्चों बच्चों के झगड़ों में उन लोगों ने हमारे बच्चों को भी वो किया जख्मी सामने वालों को भी लगा और उन लोगों ने मेरे दामाद को खामखा बदनाम किया वो हमारे दामाद का 12 साल हुआ शादी हो के अभी पूरे मजगांव में आप जहां भी जाओ कहीं भी पूछ लो कि हम लोगों ने उसके नाम को लेके या हमारे बच्चे ने उसके नाम को लेके कहीं उसका हम लोग ने सपोर्ट लेके कुछ भी किया हमने कहीं कुछ भी आज तक नहीं किया। आप जाके हर घर में पूछ लो।
हर मजगांव तक कहीं भी जाके आप उसके बारे में पूछ लो कि हमने उसका कुछ ऐसा नाम लेके किसको डराया है। किससे हमने उसके सपोर्ट में कुछ काम किया। हमने कुछ भी ऐसा नहीं किया। उसको बदनाम किया जा रहा है। अभी अभी इलेक्शन चल रहा है तो लोग उसको बदनाम कर रहे हैं और ऐसा कुछ भी नहीं है। बस उसको बदनाम किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला मुंबई के मजगांव कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुन ली हैं। लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।
