यूपी का अनोखा स्कूल बना टॉपर फैक्ट्री !एक ही जगह से निकले 3 बोर्ड टॉपर

यूपी बोर्ड का रिजल्ट आ चुका है। जो पास हुए हैं उनके चेहरे खिल उठे हैं। जो टॉपर बने हैं उनका तो कहना ही क्या? शहर ही नहीं सूबे में चर्चाएं हो रही हैं। खैर, बाराबंकी जनपद एक बार फिर यूपी बोर्ड के रिजल्ट में चमकता नजर आया है। इस बार भी जिले के ग्रामीण इलाकों की छात्राओं ने कमाल कर दिखाया है।

एक इंटर कॉलेज की तीन छात्राओं ने टॉप पोजीशन हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। जी हां, जयपुर के द मॉडर्न एकेडमी इंटर कॉलेज की तीन छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली, दूसरी और तीसरी पोजीशन हासिल की है।

10वीं बोर्ड में पहला स्थान, अदिति नेदूसरा स्थान और परी वर्मा ने तीसरा स्थान हासिल कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया है। क्या कहना चाहेंगे? हम बहुत ही खुश हैं और हमारे माता-पिता भी बहुत खुश हैं। ये सब स्कूल की वजह से हुआ है और हमारे टीचर्स हमारे माता-पिता की वजह से। अच्छा किस तरह से पढ़ाई करते? कितना घंटे पढ़ाई करते थे? पांच छ घंटे डेढ़ पढ़ेंगे तो हो जाएगा।

तो फादर मदर आपके क्या करते हैं? फादर क्या करते हैं? मेरे फादर फार्मर है और मेरी मम्मी हाउसवाइफ है। घर में भाई बहन भाई है एक छोटा। और किस तरह से आप पढ़ाई करती थी? किस तरह से प्लानिंग करती थी पढ़ाई के लिए? क्याआपको यकीन था कि मैं यूपी टॉप करूंगा ऐसे हां सोचा तो था यहां से जाते थे तो 1 घंटे रेस्ट करते थे उसके बाद पढ़ाई करना शुरू यहां से स्कूल से कितनी दूरी है आपके घर 13 किमी कैसे जाते थे स्कूटी से आते थे पहले साइकिल से आते थे अब स्कूल जाते हैं मैं द मॉडर्न एकडमी इंटर कॉलेज जयपुर विद्याप में पढ़ती हूं मैं क्लास 10थ में यूपी में सेकंड रैंक आई है कैसे सर स्कूल में टीचर्स से पढ़ते और नो सर मोबाइल से सारे डाउट्स स्कूल में ही क्लियर हो जाते थे तो वो मोबाइल का यूज़ ही नहीं करना होता था। मेरे 584 नंबर आए हैं और यूपी में थर्ड रैंक हैकैसे पढ़ाई करती थी? कैसे अपने बारे में बताइए थोड़ा सा। घर में कितने लोग हैं? किस तरह से पढ़ाई करती थी? हम डेली रेगुलरली पढ़ाई करते थे और स्कूल वालों को सपोर्ट से टीचर्स के तरफ से क्या करते थे? कितने घंटे कितने घंटा पढ़ती थी आप? हम फोर आवर्स। फादर क्या कहते हैं पापा आपके? फादर फार्मर है। अच्छा भाई बहन कितने हैं आपके? एक हैं।

कैसे पढ़ाई का आपने नियम बना रखा? किस तरह से पढ़ती थी? कंस। क्या बनना चाहती हैं आप? ये थर्ड आई है। थर्ड सेकंड आ रही है। आज क्या बनना चाहती हैं? अभी क्लास 10थ है। क्या बनना चाह रही हैं?इंजीनियरिंग टेक्निकल। अच्छा ग्रामीण क्षेत्र से आने वाली इन छात्राओं की सफलता यह साबित करती है कि अगर मेहनत और लगन हो तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती। बातचीत के दौरान अंशिका, अदिति और परी ने बताया कि उन्होंने नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी सफलता का मूल मंत्र माना। मोबाइल और सोशल मीडिया से दूरी बनाकर रखी, पढ़ाई पर फोकस किया और नतीजा सबके सामने है।

प्रबंधक राकेश वर्मा का कहना है कि शुरू से ही अनुशासन और गुणवत्ता वाली शिक्षा पर ध्यान दिया जाता है जिसका परिणाम आज सबकेसामने है। छात्रा अंशिका के पिता कुंदन लाल और उनकी मां ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बेटी अच्छा करेगी लेकिन इतना शानदार परिणाम मिलेगा।

इसकी उम्मीद उन्होंने भी नहीं की थी। ये सर बहुत खुशी मिली है देख के मतलब मतलब टॉप इसने हमेशा किया है पढ़ने में बहुत पढ़ती है। मतलब माहौल हमने कैसे किसी कैसे किसी मतलब काम में कि नहीं तुम यहां कर दो ये खेत घर पढ़ाई पे सीख के ध्यान देते हैं बस। अच्छा हां किस तरह से भर्ती दिया आपको बताइए? ये मतलब यहां से पढ़ती है और घर पे मतलब अपने आप ये मेहनत करा सर गुरु इनके बहुतहेल्प करते थे। अगर कोई दिक्कत उनसे फ़ कर ले थे। अभी आपने पढ़ाने की कोशिश की आप पढ़े कितना पढ़े हैं? हम पढ़े हैं लेकिन सर मान लो पहले इंटर पढ़े सर भूल गए हमें कुछ याद नहीं खेती करते हैं सर जी खेती करके बच्चों को पढ़ाया हां जी खेती करके पढ़े तो आज आपको कैसा सर बहुत अच्छा लगा बहुत खुशी मिली बहुत अच्छा लग रहा है सर उम्मीद से ज्यादा खुशी मिली हमको आज हमारी बेटी ने टॉप किया हम तो लोग पढ़ाने के लायक भी नहीं मतलब पढ़े भी नहीं है जो मतलब उनका गुरुजनों का सहयोग रहा बाकी अपने आप मतलब जो थी वो सर खोल करके सर से पूछ लेते थे सवाल जवाबबाकी हम लोग तो कोई पढ़ा नहीं पाते।

कोचिंग की भी सुविधा वहां पे नहीं है। और इनका जो भाई बड़ा वाला है बड़े वाले मतलब जेठ लड़का है वो पढ़ा देता था। बता देता था। बस यही बाकी इसकी मेहनत घर से बाहर कभी निकलती नहीं। इनको बस पढ़ना है। मतलब इनको इतना पढ़ना पसंद किया मगर झांका है। कहते कि कम पढ़ो मतलब थोड़ा रेस्ट कर लो। आखिर को भी थोड़ा प्रॉब्लम है इनको। तो कहती है नहीं झाड़ू लगा रही है। कोई किताब लिए झाड़ू लगा रही है।

मोदी जी को बहुत पसंद करती हैं। योगी जी को। जी जी सर बहुत बहुत पसंद जी सर बहुत ज्यादा हमारे मतलब पूरा परिवारहै अगर मोदी जी के खिलाफ अगर कोई बोल दे ना तो चाहे सगा भी कोई उसके साथ झगड़ा कर ले इतना ज्यादा पसंद करते हैं काम बहुत अच्छा लगता है उनका काम भी ऐसा है खैर इस शानदार सफलता के बाद पूरे गांव और स्कूल में जश्न का माहौल है। ढोल नगारे बज रहे हैं। छात्राओं की इस उपलब्धि ने ना सिर्फ बाराबंकी बल्कि पूरे प्रदेश में एक मिसाल पेश की है।

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