यूएनएससी की आपात बैठक बुलाई गई है ईरान के खतरनाक ठिकाने पर हमले को लेकर चर्चा होनी है यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक बहुत अहम होने जा रही है ताबिश क्योंकि यहां पर गुटारेज जो है उन्होंने लगातार नाराजगी अपनी जाहिर कर दी है बिल्कुल और यहां पर स्पष्ट होगा कि किस स्थिति में यह तनाव जो पैदा हुआ है दोनों देशों के बीच अमेरिका की एंट्री के बाद जो और बढ़ गया है ये किस तरफ जाता है यहां पर क्योंकि यूएन की बैठक में तमाम देश अपनी तरफ से इस पर अपनी राय रख रहे हैं और यहां पर गुटरेज ने कहा है कि यह हमला एक खतरनाक मोड़ है।
इस हालात में बातचीत की टेबल पर आए ईरान और इजराइल यूएनएससी की बैठक में इस बात को लेकर चर्चा हुई है लेकिन क्या बातचीत की टेबल पर आने का वक्त अब यहां पर बचा है जिस तरह की स्थिति पैदा हुई है एक के बाद एक ईरान इजराइल एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं और ऐसे में अमेरिका की एंट्री के बाद तनाव यहां पर काफी बढ़ गया है यूएनएससी की बैठक में लेकिन क्या हुआ है।
ये भी यहां पर जान लेते हैं जल्दी से इस बैठक के अंदर तमाम देशों ने अपनी राय रखी है ईरान के खतरनाक स्थलों पर हमले पर चर्चा यहां पर हुई है और अहम बात यह है कि रूस चीन और पाकिस्तान समर्थन में अब ईरान के यहां पर दिख रहे हैं और उनकी तरफ से निंदा की गई है अमेरिका का जो एक्शन जो कारवाई यहां पर ईरान पर की गई है बिल्कुल और साथ ही मिडिल ईस्ट में तत्काल और बिना शर्त युद्ध विराम का प्रस्ताव उनकी तरफ से दिया गया है 15 सदस्यों का निकाय से युद्ध विराम प्रस्ताव की मांग यहां पर की गई है तो यह अहम बैठक हुई है और यहां पर सीधे तौर पर देश जो है अपना-अपना स्टैंड लेते हुए नजर आए।
इसके अलावा अगर हम बात करें कि यूएससी में आखिर किसने क्या कहा है तो यहां पर आपको बताते चलते हैं कि किस तरह से विनाश के एक और चक्र को सहन नहीं कर सकते ईरानी सुविधाओं पर अमेरिका की एक ऐसे क्षेत्र में खतरनाक मोड़ पर है कि उसका यह संकेत दे रहा है जो पहले से ही लड़खड़ा रहा है ये गुटरेज कह रहे हैं।
यूएन महासचिव हैं और यूएन की तरफ से आप सोचिए कि एक तरह से निंदा की गई है जो कुछ भी यहां पर हो रहा है और शांति की टेबल पर आने की बात यहां पर कही जा रही है इन दोनों देशों से और यह भी कहा गया है कि यहां पर इजराइल और ईरान से बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाएं और व्यापक संघर्ष की आशंका यहां पर बढ़ गई है जैसे अमेरिका की यहां पर एंट्री हुई है क्योंकि अब इस बात पर नजर है सबकी कि इसमें क्या और देश भी शामिल हो जाएंगे जो ईरान के पास का यहां पर अरब का इलाका है।
उसके आसपास के देशों पर तो तनाव की संभावना थी ही लेकिन अमेरिका की एंट्री ने और इस हालात को गंभीर कर दिया है यूएससी की बैठक में ईरान बौखलाया है अमेरिका इजराइल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और अमेरिका के आरोप को निराधार बताया है कि ईरान जो है वो न्यूक्लियर बम बनाने की तैयारी कर रहा है वो निराधार इस आरोपों को बता रहा है तो यहां पर ईरान ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है और कहा है कि इजराइल और अमेरिका ने कूटनीति को नष्ट कर दिया है यहां पर सीधे तौर पर कहा गया है कि अमेरिका जो आरोप लगा रहा है वो निराधार है तो अब यहां पर ईरान झुकता हुआ बिल्कुल भी नज़र नहीं आ रहा है ।
ऐसे में देखना ये होगा कि अब लगातार इजराइल और ईरान जो हैं एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं क्या ईरान जो अमेरिकी ठिकाने हैं गल्फ कंट्रीज में उनको निशाना बनाएगा यह एक बड़ा सवाल यहां पर बना हुआ है बिल्कुल और यह बात ध्यान देने वाली है अदिति जैसे कि आपने यहां पर कहा ईरान झुक नहीं रहा है और जब भी यह बातचीत की टेबल पर आने की बात हुई है ईरान की तरफ से कहा गया कि आप पहले इजराइल के हमलों को रुकवाइए और नितन याू वहां पर कह रहे हैं कि जब तक टारगेट अचीव यहां पर नहीं होते हैं तब तक वो पीछे यहां पर नहीं हटेंगे और इजराइल और अमेरिका ने कूटनीति को नष्ट किया है यह यहां पर कहा जा रहा है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हम आपको यहां पर दिखा रहे हैं कि किसने यहां पर क्या कहा है ईरान के राजदूत वहां पर क्या कह रहे हैं शांति परमाणु ऊर्जा के लिए पार्टियों के वैध अधिकारियों की गारंटी देने की बजाय इसे आक्रामकता और गैरकानूनी कारवाई के बहाने के रूप में इस्तेमाल किया गया जो मेरे देश के सर्वोच्च हितों को खतरे में डालता है तो हितों पर हमला अपने बता रहे हैं जवाबी कारवाई के लिए इसको वो जिम्मेदार ठहरा रहे हैं कि अब ईरान जवाबी कारवाई यहां पर कर सकता है और ये हम बता रहे हैं यूएन में जो ईरान के राजदूत हैं अमीर सैद इरावानी उनका यह बयान यहां पर आया है और वो सीधे तौर पर इस पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
इस सबके बीच में यूएनएससी की ये जो बैठक हुई है इसमें क्या प्रस्ताव लाया गया ये आपको यहां पर हम बताने जा रहे हैं चीन रूस और पाकिस्तान ने यहां पर प्रस्ताव रखा है तत्काल और बिना शर्त लड़ाई विराम हो यह बात उनकी तरफ से सीधे तौर पर कही गई है प्रस्ताव पर तुरंत वोटिंग नहीं हुई है लेकिन आज प्रस्ताव पर यह माना जा रहा है कि वोटिंग हो सकती है तो ऐसे में ये देखना ताबिश बहुत दिलचस्प होगा कि किस देश का क्या स्टैंड यहां पर रहता है वोटिंग में कौन किस तरह से आगे आता है क्योंकि अभी अपने-अपने स्टैंड पर नजर आ रहे हैं लोग अगर हम पश्चिमी देशों की बात करें तो वो लगातार किस तरह से अमेरिका का समर्थन कर रहे थे कल भी उनका वही स्टैंड दिखा जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया और उसी तरह से जो आसपास के देश हैं चीन रूस और पाकिस्तान वो अपने पुराने रुख पर नजर आए लेकिन हालात ऐसे अधिक अमेरिका भी जो वाइस प्रेसिडेंट है वो इशारा कर रहे हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते ईरान के साथ लेकिन अगर ईरान पीछे हटे तो बातचीत बातचीत यहां पर आगे बढ़ेगी लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है इजराइल पीछे हटने को तैयार नहीं है।
यूएससी की बैठक में चीन का हमला भी यहां पर देखने को मिला है ट्रंप सरकार की कड़ी निंदा चीन की तरफ से की गई है और चीन इसे यूएन चार्टर्ड का उल्लंघन बता रहा है जो कारवाई अमेरिका की तरफ से की गई है और साथ ही चीन का यह भी कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से उल्लंघन है ईरान की संप्रभुता जो है उसका भी गंभीर उल्लंघन हुआ है तो चीन यहां पर सीधे तौर पर ईरान के समर्थन में आ गया है और वह यहां पर अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाता हुआ नजर आ रहा।
