डॉनाल्ड ट्रंप की बदजुबानी पर भारत का तगड़ा जवाब आ गया है। डॉन्ड ट्रंप ने क्या कहा था? संक्षेप में बताते हैं। कहा था कि यहां यानी यूएस में कोई बच्चा पैदा होता है तो तुरंत अमेरिका का सिटीजन बन जाता है और फिर वो अपने पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया के किसी और हेल होल से लाकर यहां बसा देता है।
ट्रंप के इस विवादित बयान पर घटिया बयान पर। भारत की क्या प्रतिक्रिया आई है बताएंगे नावेद। देखिए अभिषेक जो एमए की प्रेस ब्रीफिंग होती है मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स की विदेश मंत्रालय की उसी तरह आज 23 अप्रैल को भी इसकी प्रेस ब्रीफिंग थी जिसमें इस बयान को लेकर अमेरिकी प्रेसिडेंट डोन्ड ट्रंप ने जो पूछ कहा है।
अपनी पोस्ट में उसको लेकर उनसे सवाल किया गया और खासतौर पर मतलब हेलहोल वाला जो शब्द है उसको लेकर पूछा गया तो अब पहला रिएक्शन भारत ने इसको लेकर ये कहा है कि ये जो नरक जैसी जगह जो उन्होंने कमेंट किया था।
उसको लेकर भारत के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन जो हैं उन्होंने उन्होंने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हमने इससे जुड़ी रिपोर्ट्स देखी हैं। लेकिन इसके बाद एमए स्पोक्सपर्सन ने डिटेल्ड जवाब देने से परहेज किया जो रणधीर जायसवाल है उन्होंने। और इसमें पहले जो ट्रंप के एक एंटी इमीग्रेशन वाला जो जिस पोस्ट का आपने जिक्र किया शुरुआत में प्रवास विरोधी जो सोशल मीडिया पोस्ट है जो उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट की थी उसको लेकर उन्होंने भारत और चीन के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। जिसके जवाब में ये आज पहला रिस्पांस है।
जी एक बार यह भी बता दीजिए कि ये जो पूरी कंट्रोवर्सी है, पूरा विवाद है वो शुरू कहां से हुआ था। जी मैं वो बताता हूं सबसे पहले और मैं अगर एग्जैक्ट हमारे अगर दर्शक जानना चाहें कि मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उन्होंने एग्जैक्ट शब्दों का क्या प्रयोग किया तो उन्होंने इंग्लिश में कहा था कि वी हैव सीन सम रिपोर्ट्स दैट्स वेयर आई लीव इट। यानी हमने कुछ रिपोर्ट्स देखी हैं। बस इतना ही कहना चाहूंगा। डॉन्ड ट्रंप हैज़ एंडोर्स्ड अ पोस्ट। द पोस्ट कंपेयर इंडिया एंड चाइना एस हेल होल। व्हाट इज द इंडियन गवर्नमेंट्स रिस्पांस ऑन द यूएस प्रेसिडेंट कंपेयरिंग टर्मिंग इंडिया इन अ डेरोगेटरी मैनर? वी हैव सीन सम रिपोर्ट्स दैट इज वेयर आई लीव इट। तो हो सकता है कि विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन फिलहाल इन सवालों के जवाब दे रहे हो इस तरह से।
मगर मंत्रालय के अंदर आपस में जब डिस्कशन होगा, एक तरह से कोई निष्कर्ष निकल कर आएगा तो बाद में हो सकता है कि फॉर्मल रिस्पांस आए। क्योंकि इस तरह की जब सेंसिटिव बयानबाजी होती है तो उसमें जल्दबाजी अमूमन नहीं की जाती है। तो हो सकता है एमए जल्दबाजी से बच रहा हो। अब इसके बाद आपने क्योंकि पूछा है कि पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ? तो उस पे आते हैं कि ये मामला तब सामने आया जब डोन्ड ट्रंप ने सोशल प्लेटफार्म पर जो उनका ऑफिशियल अकाउंट है वहां से एक पोस्ट शेयर की या एंटी इमीग्रेशन पोस्ट थी जैसा मैंने पहले भी बताया। तो अमेरिका में जो इमीग्रेशन हो रहा है यानी दूसरे देशों से लोगों के आने और बसने का जो काम चल रहा है।
उसका जिक्र उसमें था और आप जानते हैं अभिषेक और दर्शक भी जानते होंगे कि एंटी इमीग्रेशन डॉन्ड ट्रंप का स्टांस शुरू से रहा है और वो चुनाव भी इन मुद्दों पर लड़ते आए हैं। तो ये कहते हुए उन्होंने पोस्ट में भारत और चीन समेत कई देशों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था। सिर्फ भारत इसमें इकलौता नहीं था। कई देशों को उन्होंने इसमें टारगेट किया था। और इस पोस्ट के बाद इंडिया में पॉलिटिकल बैकलैश और आलोचना भी शुरू हो गई। पोस्ट में लिखा था कि कोई बच्चा आपने शुरू में उसका ब्रीफली बताया ही था कि यहां यानी यूएस में कोई बच्चा पैदा होता है तो वो तुरंत अमेरिका का सिटीजन बन जाता है। यानी उसे नागरिकता मिल जाती है और फिर वो अपने पूरे परिवार को चीन या भारत या दुनिया के किसी और हेल होल से यहां ले आता है। इसे देखने के लिए आपको बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। यहां अब अंग्रेजी भी पहली जैसी नहीं बोली जाती और आज जो इमीग्रेंट वर्ग आ रहा है उसमें इस देश के प्रति लगभग कोई वफादारी नहीं है।
जबकि पहले ऐसा नहीं था। तो यहां पर उन्होंने इंडिया के अलावा और भी दूसरे देशों का नाम यहां पर लिया था और साथ में हेलहोल वाला बयान जिसको एक काफी बेहद खराब इलाका जिसका अगर शाब्दिक अर्थ में हम जाएं तो नरक जैसा खराब इलाका जो रहने लायक नहीं है वो उन्होंने यहां पर कहने की कोशिश की थी और वफादारी को लेकर अभिषेक की बात कर रहे हैं तो उसमें एक कमेंट मैं अपनी तरफ से जोड़ना चाहूंगा कि इंटरेस्टिंग चीज ये है कि डोनाल्ड ट्रंप के खुद के एडमिनिस्ट्रेशन में अगर आप देखेंगे तो टॉप की पोजीशन में तुलसी गबाार्ड हैं जो डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस है उनका भी ताल्लुक भारत से है साथ-साथ साथ उन्होंने एफबीआई के डायरेक्टर जिन्हें नियुक्त किया है आकाश पटेल उनका भी ताल्लुक भारत से है। तो इंडियन ओरिजिन वाले यहां तक कि बल्कि आप अगर देखेंगे सेकंड लेडी ऑफ़ द यूएस जो हैं जेडी वेंस की धर्मपत्नी उषा वेंस वो खुद भी भारत के रूट से आती हैं।
तो यहां पर जो वो कह रहे हैं कि वफादारी नहीं है तो वो उनके जो कह करनी और कथनी जो होता है उसमें फर्क समझ में आ रहा है। जी क्या भारत में भी अलग-अलग पार्टियों की इस पर कोई रिएक्शन अभी आया पॉलिटिकल रिएक्शन? देखिए सबसे पहले तो कांग्रेस की तरफ से इस पर रिएक्शन आया। कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह जो डॉन्ड ट्रंप के बयान है उसका कड़ कड़ा विरोध किया जाना चाहिए और उन्होंने इसकी निंदा करते हुए मोदी सरकार को भी निशाने पर लिया है और कांग्रेस ने इसे बेहद अपमानजनक बताया और भारत विरोधी बताया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि इसके खिलाफ स्ट्रिक्ट एक्शन लिया जाए स्ट्रिक्ट जो रिस्पांस है वो दिया जाए और कांग्रेस के शब्दों पर अगर जाए।
तो उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोन्ड ट्रंप ने भारत को हेलह होल कहा यह कमेंट हर भारतीय को चोट पहुंचाता है। आगे कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को इस मुद्दे को अमेरिका के सामने उठाना चाहिए। लेकिन कांग्रेस ने आगे इस बात पर डाउट किया कि सरकार ऐसा कुछ करेगी या नहीं करेगी। उसके लिए कांग्रेस कहती है कि अब तक कि उनके रिकॉर्ड यानी मोदी सरकार का जो रिकॉर्ड है।
उसको देखते हुए यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वो ट्रंप के सामने कुछ कहेंगे। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के बार-बार ऐसे बयानों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी चुप रहे हैं। तो विपक्ष की तरफ से कांग्रेस के यह आरोप है।
