ब्लैक बॉक्स के डाटा को डिकोड किया जा रहा है। 650 फीट की ऊंचाई पर विमान में खराबी आई। एयर इंडिया प्लेन क्रैश के बाद पहली बार नागरिक उयन मंत्री राममोहन नायडू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई बड़ी जानकारियां मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि ब्लैक बॉक्स के डाटा को डिकोड किया जा रहा है। अब जिस ब्लैक बॉक्स की बात मंत्री जी कर रहे हैं, वह इसलिए जरूरी है क्योंकि उसी से पता चल सकता है कि एयर इंडिया का विमान हादसा कैसे हुआ था। ब्लैक बॉक्स एक ऐसा डिवाइस जो किसी भी विमान का पूरा सच अपने भीतर समेटे होता है। इसमें दो हिस्से होते हैं। एफडीआर यानी फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर।
प्लेन की स्पीड, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, दिशा और फ्यूल लेवल जैसी जानकारियां इसमें सेव होती हैं। सीबीआर यानी कॉकपेट वॉइस रिकॉर्डर। हर इंजन की आवाज, हर चेतावनी, हर कमांड सब कुछ इसमें सेव होता है। ब्लैक बॉक्स अक्सर विमान के पिछले हिस्से में लगाया जाता है क्योंकि वो हिस्सा हादसों में सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ब्लैक बॉक्स के रिकॉर्डिंग से यह सामने आ सकता है कि क्या इंजन में कोई तकनीकी खराबी थी? क्या टेक ऑफ के वक्त विमान किसी चीज से टकराया? या फिर क्या कोई फ्यूल लेकेज या इंसानी चूक इसका कारण बनी। ब्लैक बॉक्स इसलिए भी अहम होता है क्योंकि हर छोटी से छोटी आवाज, हर कमांड, हर चेतावनी इस ब्लैक बॉक्स में दर्ज होती है। ब्लैक बॉक्स अब डिकोड किया जा रहा है।
एनटीए, डीजीसीए और आईबी जैसी एजेंसियां जांच में जुट चुकी हैं। 3 महीने तक रिपोर्ट सौंपे जाने की बात कही गई है। सोचिए एक जहाज 242 जिंदगियां और महज कुछ मिनटों में सब कुछ खत्म। एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 जो अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। टेक ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद क्रैश हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को झचझोर कर रख दिया।12 जून को दोपहर 1:39 पर एयर इंडिया का विमान AI171 अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ा। लेकिन टेक ऑफ के महज कुछ ही मिनटों के भीतर सब कुछ बदल गया। विमान 650 फीट की ऊंचाई तक पहुंच चुका था कि पायलट ने एटीसी को दिया एक संदेश मे डे मे डे लेकिन यह आखिरी कॉल था।
एटीसी ने जैसे ही जवाब देने की कोशिश की कोई रिस्पांस नहीं आया। आपको बता दें कि एिएशन की दुनिया में मे डे कॉल का मतलब होता है कि विमान किसी बहुत बड़े खतरे में है और उसे तुरंत मदद की जरूरत है। एटीसी ने तुरंत जवाब देने की कोशिश भी की लेकिन दूसरी तरफ से कोई आवाज नहीं आई। एक के बाद एक कई कॉल्स की गई पर सब बेकार। टेक ऑफ के 1 मिनट बाद विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से 2 कि.मी. दूर मेघाणी नगर इलाके में फट गया। 242 लोग जिसमें 230 यात्री, दो पायलट और 10 क्रू मेंबर शामिल थे। सब काल के गाल में समा गए। घटना इतनी भयावह थी कि आग बुझाने में भी शाम के 6:00 बज गए। यह एक एआईसी 171 एक शेड्यूल्ड फ्लाइट थी। अहमदाबाद से गैटवी के लिए और इसमें कुल 242 लोग सवार थे जिसमें 230 यात्री थे। दो पायलट और 10 क्रू मेंबर्स थे। इस विमान ने दो दोपहर 1:39 पर टेक ऑफ किया था और कुछ ही सेकंड्स में लगभग 650 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के पश्चात यह सिंक करने लगा अर्थात ऊंचाई खोने लगा था। 1:39 मिनट में पायलट ने एटीसी को अहमदाबाद एटीसी को उसने मे डे अर्थात फुल इमरजेंसी की सूचना दी थी। एटीसी के अनुसार जब उसने विमान से संपर्क करने की कोशिश की उसका कोई उत्तर नहीं मिला।
ठीक 1 मिनट के बाद यह विमान हमारे एयरपोर्ट से लगे मेधाणी नगर जो हवाई अड्डे से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। नागरिक उ्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने बताया कि उन्होंने खुद घटना स्थल पर जाकर वह मंजर अपनी आंखों से देखा। उन्होंने कहा कि मैं यह दर्द जानता हूं क्योंकि मैंने अपने पिता को एक सड़क हादसे में खोया था।
अहमदाबाद प्लेन हादसे में गृह सचिव की अगुवाई में एक हाई लेवल जांच कमेटी बना दी गई है। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था। यह एक चेतावनी भी थी कि टेक्नोलॉजी जितनी भी एडवांस हो जाए, जब कोई टेक्निकल खराबी आती है, सैकड़ोंगियों को छीन भी सकती है।
