इजराइल के PM नेतन्याहू को हुई बड़ी बीमारी।

आज इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन याहू की मेडिकल रिपोर्ट पब्लिश हुई। यह सालाना मेडिकल रिपोर्ट होती है और इसमें पता चला है कि बेंजामिन नेतन याहू को कैंसर प्रोस्टेट का जिक्र है। उसमें हुआ था लेकिन अब वो पूरी तरह ठीक हो चुका है। बेंजामिन नेतन याहू ने वो सारी चीजें भी आपको बताएंगे।

लेकिन सबसे पहले ये कौन सा था और इसके पहले उन्होंने कौन-कौन सी हेल्थ कंडीशंस फेस की और उसे ठीक कैसे किया गया ये सारी बातों पर चर्चा करेंगे। नावेद हमारे आदमियों के शरीर में एक ग्रंथि होती है प्रोस्टेट ग्लैंड जिसको कहते हैं।

पेशाब की थैली के नीचे होती है। जी। तो नेतन याहू को उसी में एक छोटा सा बहुत ही छोटा का था जिसे हम लोग मेडिकल भाषा में कहते हैं। जी। इससे पहले से करीब डेढ़ डेढ़ साल पहले उनको एक और इसी में ग्रंथि में एक और था जिसे कहते हैं बिनाइन । बिनाइन वाला नहीं होता है। नहीं होता है इसीलिए और बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है। लेकिन जो होते हैं जो कैंसर वाले होते हैं वो बहुत तेजी से बढ़ते हैं और क्योंकि वाले हैं तो वो भी होते हैं। इसका ट्रीटमेंट जरूरी होता है जो उन्होंने करा लिया है। फैल भी सकता है। हां हां बिल्कुल। नेतया के साथ अच्छी बात ये थी कि इनका कहीं और किसी और अंग में फैला नहीं था।

हम लेकिन जो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन को जो प्रोस्टेट हुआ था उनका हड्डियों में फैल गया था। उनका ज्यादा खतरनाक हो गया था। उन्होंने भी ट्रीटमेंट कराया था। इनका कहीं फैला नहीं था। इनका बहुत ही छोटी सी गांठ के रूप में में ही था। अच्छा तो इनका कहीं और फैला नहीं था। ये इनके लिए बहुत अच्छी बात है। कैंसर मतलब सबसे दिक्कत क्योंकि वहीं हो जाती है। जब फैल जाता है तो फिर उसको ट्रीट करना मुश्किल हो जाता है। और आपने बताया कि ये काफी शुरुआती स्टेज में था। इससे पहले जो कंडीशन थी उसमें कि जो वो बता रहे हैं कि हल्का सा एनलार्जमेंट हो गया था।

तो इन सब चीजों की वजह से इस की वजह से क्या दिक्कतें आ सकती हैं? जभी भी ग्रंथि में कोई हो वो चाहे कैंसर वाला हो या नॉन हो सबसे ज्यादा इफेक्ट होता है सी यूरिन पे। ठीक है? आपको पेशाब करने में दिक्कत हो सकती है। पेशाब में आ सकता है। अह जलन हो सकती है। बार-बार आपको पेशाब के लिए जाना पड़ सकता है।

अगर ऐसी कोई भी दिक्कतें होती हैं तो थोड़ा बहुत अगर का शक होता है और ऐसी दिक्कतें हैं तो डॉक्टर टेस्ट करते हैं। टेस्ट एक होता है जिससे पता चलता है जो बहुत ही शुरुआती टेस्ट है। इससे पता चलता है कि प्रोस्टेट ग्रैंड में कहीं कैंसर या कोई और गांठ तो नहीं है। फिर वगैरह से कंफर्म किया जाता है कि कौन सा स्टेज है, कितना बड़ा है, कहीं और तो नहीं फैला है। टिश्यू की जांच होती है। ये आपने बताया कि काफी अर्ली स्टेज में था यह कैंसर। तो इसका ट्रीटमेंट किस तरह से किया गया? इसका मेडिकल प्रोसेस क्या हुई?

डॉक्टर्स ने क्या-क्या इसकी कोई जानकारी? इन्होंने अनीतन याू ने टारगेटेड थेरेपी करवाई है। तो जैसा कि नाम से ही पता चला जो टारगेटेड होती है वो अपना टारगेट देख के ही वार करती है। टारगेटेड थेरेपी में जो की सेल्स होती हैं उन पे वार करने वाली दवाएं दी जाती हैं। तो जो आसपास की हेल्दी सेल्स हैं उनको नुकसान नहीं पहुंचता है। वो सिर्फ कैंसर की सेल्स से मार की सेल्स को मार देती हैं और इसीलिए टारगेटेड थेरेपी को से ज्यादा बेटर माना जाता है क्योंकि के साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा होते हैं। के उतने नहीं होते हैं। हम तो आपके मुताबिक ये जो है क्योंकि आपने जो बाइडन का भी एग्जांपल दिया तो ये काफी कॉमन है। बहुत पुरुषों में होता है।

जी तो अब इसके बाद हम जो नितिन याहू ने जिस पोस्ट के जरिए ये सारी बातें बताई है अपनी मेडिकल रिपोर्ट के बारे में कंडीशन के बारे में बताई है। उसमें क्या लिखा है वो मैं आपको एक बार पढ़कर बता देता हूं।

इसमें नितन याू ने एक तो शाम को 4:00 बजे अगर भारतीय समय के हिसाब से जाएं तो 24 अप्रैल की शाम के 4:00 बजे उन्होंने एक पोस्ट की अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से और उसमें उन्होंने लिखा कि आज मेरी एनुअल मेडिकल रिपोर्ट पब्लिश हुई है। मैंने रिक्वेस्ट की थी कि इसके पब्लिकेशन को दो महीने के लिए टाल दिया जाए ताकि ये वॉर के चरम पर जारी ना हो।

यानी आप जानते हैं कि ईरान के साथ इस वक्त इजराइल वॉर में है। अमेरिका भी ईरान इजराइल के साथ है इसमें। और उन्होंने आगे कहा कि ईरानी आतंकवादी शासन को इजराइल के खिलाफ और फॉल्स प्रोपेगेंडा फैलाने का मौका ना मिले। तनिया कहते हैं। उन्होंने कहा मैं आपसे तीन बातें शेयर करना चाहता हूं। ईश्वर का शुक्र है मैं स्वस्थ हूं। पहली चीज। दूसरी चीज मैं बहुत अच्छी फिजिकल कंडीशन यानी शारीरिक स्थिति में हूं। और तीसरी चीज कि मुझे प्रोस्टेट से जुड़ी एक छोटी मेडिकल समस्या थी जिसका पूरी तरह इलाज हो चुका है। ईश्वर का शुक्र है अब वो पीछे छूट चुकी है। यानी उन्होंने फिर से एनश्योर कर दिया कि वो अब पूरी तरह ठीक है। आगे वो बताते हैं कि डेढ़ साल पहले मैंने बढ़े हुए लेकिन एनलार्ज बेनाइन जो नॉन होता है उसके लिए सफल करवाई थी और तब से मैं रूटीन मेडिकल निगरानी यानी रूटीन मेडिकल मॉनिटरिंग में हूं। हालियां जांच में प्रोस्टेट में एक बहुत छोटा सा धब्बा एक टाइनी स्पॉट पाया गया जो 1 सेंटीमीटर से भी कम था और जांच में पता चला कि ये बिल्कुल शुरुआती स्टेज का एक कैंसरस ट्यूमर है जो जिसके बारे में अभी आपको ने भी बताया कि किस तरह का वो होता है और ये कहीं फैला नहीं था यानी कोई नहीं थे उसमें यानी शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैलाव नहीं पहुंचा था। डॉक्टर्स ने मुझे बताया नितिन याहू को बताया कि मेरी उम्र के पुरुषों में यह बहुत कॉमन है और इसके दो ऑप्शंस हैं।

एक तो यह कि इसका इलाज जरूरी नहीं है। सिर्फ मॉनिटरिंग में रहकर भी इसे मैनेज किया जा सकता है। कई लोग ऐसे ही जीते हैं और दूसरा इलाज करवाकर इस समस्या को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए। लेकिनकि कैंसर बढ़ता है तो इसलिए उन्होंने इसका इलाज करवाया और वो उसमें यह भी कहते हैं कि मैं जोखिम संभावित जोखिम से डरता नहीं हूं। उसको जैसी जानकारी मिलती है उसको हल करना चाहता हूं। तो इसलिए मैंने और यह भी कहा कि यह नेशनल लेवल के साथ-साथ पर्सनल लेवल पर भी लागू होता है। तो उन्होंने टारगेटेड ट्रीटमेंट करवाया।

वो कैसा होता है वो आपको अदिति ने बताया और इसके अलावा उन्होंने शॉर्ट ट्रीटमेंट सेशंस की भी बात की और कहा कि इस दौरान मैंने एक किताब पढ़ी और जिसके बाद यह पूरा ट्रीटमेंट कंप्लीट हुआ और वो जो स्पॉट था वो पूरी तरह गायब हो गया। इसके अलावा वो अपनी डॉक्टर्स टीम जो है जिन जिन्होंने उनका इलाज किया। या मेडिकल टीम जो है सबका धन्यवाद करते हैं और इजराइल के नागरिकों से अपील करते हैं कि आप भी अपनी सेहत का ख्याल रखें और जो भी डॉक्टर्स इंस्ट्रक्शन देते हैं वो सब कुछ फॉलो करें। तो ये उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा और पूरी जो जानकारी थी नेतन या को जो कैंसर हुआ उससे रिलेटेड और जो भी उनकी हेल्थ कंडीशंस है उससे रिलेटेड ये तमाम जानकारी बाकी इस वक्त आप जानते हैं कि यूएस और इजराइल की ईरान के साथ जंग चल रही है जिसमें फिलहाल सीज फायर लगा हुआ है लेकिन जंग खत्म नहीं हुई है। नितिन याू ने अपने पोस्ट में एक चीज कही है कि अगर ट्रीटमेंट ना भी करवाएं तो चलेगा। रेगुलर मॉनिटरिंग होती रहे। हम पर ऐसा वह कर सकते हैं। वह ऊंचे पद पे हैं। पर जो आम लोग हैं अगर उनको किसी को भी अगर कैंसरस ट्यूमर है तो इसको बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वरना वह शरीर के बाकी हिस्सों में फैल सकता है। स्टेज वन पे अगर है तो वह स्टेज थ्री पे जा सकता है, फोर पे जा सकता है और वहां पे बचने की संभावना होती है। लेकिन चांसेस थोड़ा घट जाता है। इसलिए अगर किसी को भी ट्यूमर है, नॉन कैंसरस है तो दिक्कत की बात नहीं है। लेकिन अगर वो है, वाला है तो जितनी जल्दी हो सके अपना ट्रीटमेंट करवाना चाहिए। ये एक बहुत जरूरी है। बहुत सावधानी भरी आपने जानकारी हमारे दर्शकों को दी।

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