लगता है शार्क टैंक के शार्क्स को किसी की नजर लग गई है। पीयूष बंसल के लेंस कार्ड के तिलक और बिंदी की कंट्रोवर्सी अभी चल ही रही थी कि अब नमिता थापड़ भी कंट्रोवर्सी का शिकार हो गई हैं। उन्होंने हाल ही में जो वीडियो शेयर किया है उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है। उनकी मां को और उन्हें भद्दी भद्दी गालियां दी जा रही हैं। दरअसल मामला एक वीडियो का है लेकिन बहस पहुंच गई है रिलीजन बायस और ट्रोलिंग तक।
आखिर ऐसा क्या हुआ कि नबिता थापर को नमाज वाले वीडियो पर इतना बैकलैश और ट्रोलिंग झेलना पड़ रहा है? इसी पर उन्होंने अब खुलकर बात की है। दरअसल नमिता थापर जो शार्क टैंक इंडिया की जानीमानी जज हैं।
उन्होंने एक वीडियो शेयर किया जिसमें नमाज को हेल्थ बेनिफिट से जोड़ा गया था। उन्होंने बताया था कि नमाज में होने वाले मोमेंट्स बॉडी के लिए बेनिफिशियल हो सकते हैं। लेकिन जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ सोशल [संगीत] मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू हो गई। लोगों ने सवाल उठाए क्या वो सिर्फ एक धर्म को प्रमोट कर रही हैं या सिलेक्टिव अप्रोच है? अब नमिता तापड़ ने ट्रोलिंग के कुछ समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है और उन्होंने जो कुछ कहा है उसे सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
उन्होंने कहा कि उन्हें दी जा रही है। उनकी मां को भी घसीटा जा रहा है। पिछलेl तीन हफ्ते से मुझे लोग बुला रहे हैं। नॉन स्टॉप और मेरी डार्लिंग मॉम को भी गंदे गंदे नाम दे रहे हैं। फॉर व्हाट फॉर मेकिंग अ रील ऑन द हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ़ नमाज़। आई एम अ हेल्थ केयर प्रोफेशनल। मैंने इतने सारे हिंदू रिलीजंस पे रील्स बनाई है। उनके हेल्थ बेनिफिट्स पे हर योगा दिन पे आसनाज स्पेशली सूर्य नमस्कार की रील्स बनाती हूं तब तो किसी ने कुछ नहीं बोला। मुझे सिखाया गया है आर फॉर रिलीजन मींस आर फॉर रिस्पेक्ट। एंड दिस इज हाउ यू रिस्पेक्ट। इस्पेशली टू वीमेन? रेजरवेशन बिल पास नहीं हुआ तो सब बोलते हैं। लेकिन जब दो वीमेन की ऐसी डिसरिस्पेक्ट होती है तो फिर साइलेंस क्यों? आई हैव लर्न लॉन्ग बैक।
आपके लिए कोई नहीं बोलेगा। यू हैव टू स्पीक अप फॉर योरसेल्फ। एंड दैट्स व्हाई गाइस फॉर ऑल माय ट्रोलर्स प्लीज कंटिन्यू। बट रिमेंबर दैट हिंदूज़्म एंड आई एम अ प्राउड हिंदू हैज़ अ कांसेप्ट कॉल्ड कर्मा। सो कंटिन्यू एट योर ओन डिस्क्रीशन बिकॉज़ गॉड्स वाचिंग एंड फॉर ऑल द प्राउड एजुकेटेड हिंदूज। हु बिलीव दैट रिलीजन मीन्स रिस्पेक्ट एस्पेशली फॉर वीमेन। नेगेटिव रील्स मेरी बहुत वायरल हो गई। अब यह वाली वायरल करके दिखाइए। थैंक यू। इस वीडियो पर तमाम तरह के रिएक्शन सामने आए कि रैंडम सेना नाम के एक Instagram हैंडल ने लिखा विक्टिम कार्ड रिजेक्टेड।
वहीं अनुपम मित्तल लिखते हैं वेल सेड। आपने बिना किसी की परवाह किए कि लोग अग्री करेंगे या नहीं। आपने ही अपनी बात खुलकर रखी। गॉड ने लिखा इफ यू आर प्रमोटिंग नमाज एज अ हिंदू। सो डोंट डू इट। एंड इफ यू वांट टू प्रमोट नमाज देन एक्सेप्ट इस्लाम डोंट डिफेम हिंदूज। वर्जन ने लिखा मैडम किसी की तरफ देखो ही मत अपनी लाइफ जियो खुलकर। वग ने लिखा कभी-कभी याद रखो मैम सेलिब्रिटी लोगों को फॉलोवर्स फॉलोइंग करता है। इंडिया आप मुस्लिम लोगों को बोलो तिलकम लगाओ माइंड पीसफुल होता है तो वो लोग आपके खिलाफ हो जाएंगे। खास करके मिडिल क्लास आप अपना धर्म की बात करो।
ने लिखा मैम यह भारत अब बदल चुका है। सबको बस मतलब की बात समझना है। बात का मतलब कोई समझना ही नहीं चाहता। आप पहले सही बोल रही हो और आज भी सही बोल रही है। बस समझने वालों के लिए नजरिया बदल गया है। वहीं कई यूज़र्स लिखते हैं कन्वर्ट टू इस्लाम इफ नमाज इज सो गुड। यानी अगर आपको लगता है नमाज बहुत गुड है तो आप इस्लाम को एक्सेप्ट कर लीजिए। यहां समझने वाली सबसे जरूरी बात है। आज के वक्त में समझने वाली बात यह है कि रिलीजन सेंसिटिव टॉपिक बन चुका है। अगर कोई पब्लिक फिगर किसी एक धर्म से जुड़ी बात करता है तो लोग तुरंत उसे बायस मान लेते हैं। दूसरी वजह है सोशल मीडिया एंपलीफिकेशन।
एक छोटा सा क्लिप कॉन्टेक्स्ट से हटकर वायरल होता है और नैरेटिव पूरी तरह बदल जाता है। देखो सीधी बात है अगर कोई योगा के बेनिफिट बताए लोग एक्सेप्ट कर लेते हैं। अगर वही चीज नमाज़ के कॉन्टेक्स्ट में बताई जाए कंट्रोवर्सी बन जाती है। प्रॉब्लम कंटेंट में नहीं प्रॉब्लम परसेप्शन और टाइमिंग में है। नमिता थापड़ ने अगर जेनुइनली हेल्थ अवेयरनेस के लिए वीडियो बनाया है तो उसे रिलीजियस प्रोपोगेंडा कहना सही नहीं हो सकता। लेकिन पब्लिक फिगर्स को यह समझना होगा कि हर कंटेंट का सोशल इंपैक्ट होता है। और इंडिया जैसे देश में रिलीजन को लेकर एक्स्ट्रा केयरफुल रहना पड़ता है।
