ट्रंप की नाकाबंदी को चीन ने खुलेआम ललकार दिया है। होमर्ज में अमेरिका की आंखों के सामने चीन का जहाज हुटर बजाता हुआ निकल गया। जैसे यह कह रहा हो कि रोक सको तो रोक लो। यह सिर्फ एक जहाज नहीं था। यह सुपर पावर को सीधी चुनौती थी।
क्या अब टकराव तय है अमेरिका और चीन के बीच में? क्या होमर्ज बनेगा अगला जोोन? दरअसल पूरी कहानी शुरू होती है दुनिया के सबसे खतरनाक और अहम समुद्री रास्ते से यानी कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस से। यही वो जगह है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है और अब यही इलाका बन गया है अमेरिका और चीन की ताकत की असली टेस्टिंग ग्राउंड। अमेरिका ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए यहां नेवल ब्लॉकहेड लगाया। साफ मैसेज कि ईरान से जुड़े जहाजों की आवाजाही रोकी जाएगी। लेकिन यहां पर एंट्री होती है चीन की। एक चीनी टैंकर रिच स्टेरी करीब 2 5 लाख बैरल मेथेनॉल लेकर पहले रोका गया। फिर यह खड़ा रहा। फिर उसके बाद वही रास्ता पकड़ कर यानी कि अमेरिका ने जहां पर नाकेबंदी की थी उसी जगह से यह निकल जाता है।
यानी अमेरिकी नाकेबंदी को ऑन कैमरा चीन ने चैलेंज किया। यह कोई आम घटना नहीं है। यह पहला जहाज है जिसने अमेरिकी ब्लॉकेहेड के बाद अपना रास्ता पार कर लिया और यही वो जहाज है जिस पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं।
यानी चीन ने यह साफ कर दिया है कि तुम्हारे नियम हम मंजूर नहीं करते। चीन के रक्षा मंत्री ने यह साफ चेतावनी दी है कि हम अपने समझौते से पीछे नहीं हटेंगे और कोई हमारे रास्ते में नहीं आएगा और अगर कोई रास्ते में आया तो उसको जवाब इसी तरीके से मिलेगा। चीन बता दें कि ईरान का सबसे बड़ा तेल खरीददार है और अब वह खुलकर मैदान में उतर चुका है। इसके साथ ही एक और टैंकर मुरलीशन भी उसी रास्ते से आगे बढ़ रहा है। मतलब साफ है कि यह एक जहाज नहीं बल्कि पूरा काफिला आने वाला है। अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस में टकराव बढ़ा तो तेल की कीमतें आसमान छू जाएंगी।
ग्लोबल सप्लाई चेन जो है वह हिल जाएगी और दुनिया एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ी हो सकती है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ जंग खत्म होने के करीब है। लेकिन साथ ही यह भी कहा कि अगर हमने दबाव नहीं बनाया तो ईरान परमाणु ताकत बन जाता।
यानी एक तरफ शांति की बात हो रही है। लेकिन दूसरी तरफ ताकत का खेल भी दिखाया जा रहा है। तो अब सवाल यह नहीं कि जहाज निकला या नहीं? सवाल यह है कि क्या चीन ने अमेरिका की ताकत को खुली चुनौती दे दी है? क्योंकि होमवूर अब सिर्फ एक रास्ता नहीं बल्कि सुपर पावर टकराव का एक नया रणक्षेत्र बन चुका है। आपके हिसाब से क्या यह सिर्फ ताकत दिखाने का खेल है या फिर असली टकराव की शुरुआत चीन और अमेरिका के बीच? कमेंट सेक्शन में जरूर।
