लाइफ जैकेट नहीं…’ लापरवाही.. क्रूज डूबने से पहले क्या हुआ था?

मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज डूबने से सात लोगों की मौत हो गई है। जब तक हम यह वीडियो रिकॉर्ड कर रहे हैं तब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है और आशंका जताई जा रही है कि यह रिकॉर्ड आगे बढ़ भी सकता है। घटना जो है 30 अप्रैल की शाम की है जब तेज आंधी तूफान के बीच बर्गी डैम में एक क्रूज डूब गया।

अभी जो शुरुआती जानकारी है उसमें यह बताया जा रहा है कि इस क्रूज में 40 से 45 टूरिस्ट सवार थे और क्रूज में सवार बाकी लोगों को ढूंढने के लिए रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चला। लेकिन आशंका यही जताई जा रही है कि अब कोई भी नहीं बचा हो सकता है। तो फिलहाल लोगों को ढूंढा जा रहा है। और की टीम्स इस काम में लगी हुई हैं। आधी रात एक वक्त ऐसा भी आया जब मौसम बिगड़ने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया गया। बारिश की वजह से मुश्किलें आई। लेकिन जैसे ही सुबह हुई काम दोबारा शुरू हो गया। अभी जो आप यह वीडियो देख रहे हैं अपनी स्क्रीन पर यह सुबह-सुबह का वीडियो है। बर्गी डैम में बोट्स में सवार रेस्क्यू टीम्स बाकी के टूरिस्ट की तलाश कर रही हैं। एक अपडेट यह भी है कि एमपी के सीएम मोहन यादव ने के परिवार वालों को 44 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। सुबह-सुबह की जो तस्वीरें आई हैं, रेस्क्यू ऑपरेशन जो हो रहा है घटना स्थल पर, उसकी जानकारी दे रहे हैं आज तक के संवाददाता रवशपाल सिंह। आप देख सकते हैं सामने सेना के जवान जो हैं उनके जो गोताखोर हैं एक्सपर्ट हैं जो इस तरीके के रेस्क्यू ऑपरेशंस में वो अब विशेष नाव के जरिए पहुंच रहे हैं। उस जगह पे आपको बता दें कि यह जो आप इंटेक देख रहे हैं इसी के पास में वो क्रूज बोट डूबी थी जिसे निकालने के लिए भी कोशिशें जारी है।

लेकिन इन सबके बीच जो लोग लापता हैं या जो लोग उस क्रूस के अंदर अगर कोई फंसा हुआ है अगर शव है तो उन्हें अब इन गोताखोरों की मदद से निकाला जाएगा। आप सामने तस्वीरों में देख सकते हैं ये स्पेशल जो एक तरीके से तैयारी की गई है पूरी सेना की तरफ से। ये आप देख सकते हैं। किस तरीके से इन्होंने अपनी पूरी इक्विपमेंट्स पहने हुए हैं। चश्मे पहने हैं।

पानी के भीतर भी देख सकने की तैयारी है। ऑक्सीजन सिलडर्स हैं इनके पास। और अब यही गोताखोर जो हैं ये उस क्रूज के अंदर जाएंगे जो डूबा हुआ है और उसके अंदर जाकर के तलाशने की कोशिश करेंगे कि कोई जीवित है या नहीं है। शव भी है तो सम्मानजनक तरीके से उन शवों को भी बाहर निकालने की तैयारी की जाएगी। यानी रात भर से जो रेस्क्यू ऑपरेशन एक तरीके से थम सा गया था अंधेरे की वजह से वो अब एक बार फिर से दिन चढ़ने के साथ शुरू हो गया है। क्रूज में जो तमाम टूरिस्ट सवार थे उनमें से 22 लोगों को बाहर निकाल लिया गया है।

ऐसा दावा किया जा रहा है कि 22 लोग अब सुरक्षित हैं। सर्वाइवर्स में से एक हैं दिल्ली के रहने वाले प्रदीप अपने परिवार के साथ क्रूज में सवार थे। प्रदीप ने बताया कि क्रूज में लापरवाही का आलम यह था कि जो दो लोग क्रू के सदस्य थे उन्होंने टूरिस्ट को उनके हाल पर ही छोड़ दिया। ऐसा आरोप सर्वाइवर ने लगाया है। उनका कहना है कि लाइफ जैकेट भी पहनने नहीं दी गई। पर्यटकों ने खुद ही एक दूसरे को लाइफ जैकेट पहनाई। प्रदीप ने आरोप लगाया कि जब लहरें तेज हुई तो किनारे पर खड़े लोगों ने क्रूज चालक से कहा कि वो क्रूज किनारे लगा ले लेकिन चालक ने एक ना मानी और क्रूज को वापस स्टार्टिंग पॉइंट तक ले जाने पर अड़ा रहा और यह हादसा हो गया।

हादसे में प्रदीप की पत्नी और 4 साल का बेटा लापता है। यह आरोप सर्वाइवर ने लगाया है। सुनिए पूरा बयान। कोई व्यवस्था नहीं थी। लाइफ जैकेट भी हम कूद ला के पहने अपने आप सबको बांटिए। कितना टाइम मिल पाया पहनने का जैकेट? जैकेट पहनते ही हादसा हो गया सर। बस पांच दो 3 मिनट के अंदर सब कुछ खत्म हो गया। हम डिस्ट्रीब्यूट कर चुका था मैं जैकेट सबको। आप ही हां हम तीन लोग थे। एक नीचे से लाके दे रहे थे और एक मुझे पकड़ा रहे थे। मैं सबको दे रहा था। ग्रुप के लोगों ने कोई मदद नहीं की? दो ही लोग थे। एक चलाने वाला था।

एक उसका असिस्टेंट था। वो नीचे ही नहीं आए। वो तो क्रूज़ संभालने में लगे। उन्होंने पहनी थी जैकेट। नहीं देखा ना। नीचे आ गए थे सारे। उन्होंने पहनी नहीं पहनी। फिर हम ऊपर जा ही नहीं पाए। हादसा हो गया। पूरी लापरवाही उसको यही नहीं पता। उसको यहां के लेबर्स लोग उसको इशारा कर रहे कि इधर लगा ले। वो उधर ही ले जाने के चक्कर में वहां बीच में जाके बंद हो गया क्रूज। अच्छा जब आप लोग बैठे थे क्रूज में तब हवाएं चल रही थी या यहां पहुंचने के बाद शुरू हुई लहर? नहीं उस बाद हम गए ठीक थे। लौटते वक्त फिर लहरें शुरू हुई हैं। लौटते वक्त लहरें शुरू हुई। अच्छा कितने लोग थे आपके परिवार के और कौन लोग हैं अभी फिलहाल?

हां जी। परिवार के कितने लोग थे आप लोग और अंदर अभी कोई है मेरी वाइफ और मेरा बेटा अमित मिसिंग है वो नहीं मिल रहे हैं। रात भर जब यह रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। एमपी सरकार के दो मंत्री राकेश सिंह और धर्मेंद्र लोधी सहित तमाम पुलिस अधिकारी घटना स्थल पर मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि जब क्रूज नदी में बैक वाटर में था। तभी तेज हवाएं चलने लगी और क्रूज डूब गया। सुनिए मंत्री का बयान। एक बार या तो क्रूज सीधा हो या फिर क्रूज के अंदर जाने की स्थिति ऐसी बने कि पूरे तौर पर परीक्षण करके एनडीआरएफ ये बता सके कि अंदर अभी लोग कितने हैं। लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। पहले भी कुछ शव जो मिले उन्होंने भी लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। लेकिनकि जब यह क्रूज पलटा तो ऐसा माना जाता है कि उसके अंदर ही रह गए। इसके अलावा तमाम प्रशासनिक अधिकारी भी घटना स्थल पर मौजूद रहे।

जबलपुर के आईजी प्रमोद वर्मा का भी बयान आया है। वो क्या कह रहे हैं। मध्य प्रदेश टूरिज्म क्रूज चलता है। उसमें वो अब तेज आंधी की वजह से भर गया और उससे करीब चार डेड बॉडीज अभी तक रेस्क्यू की टीमों ने रिकवर की है और एक व्यक्ति को उसमें से क्रूज को काट के जिंदा बाहर निकाला है। इसके अलावा 22 लोगों को अभी तक रेस्क्यू किया गया। अलग-अलग हॉस्पिटल में वो सर्वाइवल है। अभी मौके पर एसडीआरएफ की टीम और होमगार्ड की टीम काम कर रही है। की टीम रास्ते में है।

इसके अतिरिक्त सेना की भी एक टुकड़ी पहुंचने वाली है और वो रात को भी सर्क रेस्क्यू जारी रखेंगे। सर ऐसी जानकारी आ रही है कि हैदराबाद से एक टीम रवाना हुई है। जी जी हैदराबाद से एक टीम रवाना हुई है। वो बस अभी पहुंचने वाली है और उनके पास में रात को भी इस रेस्क्यू को और सर्च कर सर भोपाल से भी एक टीम आने वाली थी जिस थी कि 10:30 बजे तक वो टीम यहां पर पहुंच जाएगी। जी बॉस वह पहुंचने ही वाली है। अनादर अनादर 15 20 मिनट्स। अभी मिसिंग कितने लोग हैं? अभी उसका असर्टेन किया जा रहा है। जो सर्वाइवर्स हैं उनकी संख्या 22 है और एक व्यक्ति को उसमें से काट करके निकाला गया है। रात भर जो रेस्क्यू ऑपरेशन चला है उसमें लोगों को बचाने की काफी कोशिशें की गई। क्रूज को निकालने की भी कोशिश की गई। क्रूज को रस्सियों से बांधकर किनारे लाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। रात में जो रेस्क्यू ऑपरेशन चला उसमें कठिनाई आई क्योंकि पानी के किनारे जो रास्ता था वह काफी पथरीला था और तमाम बड़ी-बड़ी मशीनें जेसीबी ले जाने की कोशिश की जा रही थी लेकिन यह जो पथरीला रास्ता था वो एक बैरियर के तौर पर था और इसके साथ ही रात भर मौसम भी खराब रहा।

बारिश भी हुई जिसकी वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन रोकना पड़ा। एमपी से पुनीत कपूर की रिपोर्ट है। देखिए वो क्या बता रहे हैं। इस वक्त हम मौजूद हैं बर्गी डैम के उसी स्पॉट पर जहां पर आज शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ। आप मेरे पीछे देख सकते हैं। वो क्रूज वहां पर आपको डूबा हुआ दिखाई दे रहा है। करीब तकरीबन बताया जाता है कि शाम पौ:45 बजे ये हादसा हुआ। करीब 30 से 35 के करीब पर्यटक उसमें सवार थे। उसी समय मौसम खराब हुआ। तेज आंधी और बारिश आई। उसमें जहाज अपना संतुलन खो बैठा और उसको कंट्रोल किया। अभी तक की जानकारी बताई जा रही है कि लगभग 22 लोगों को कंफर्म है कि उन लोगों को बचा लिया गया है। पांच करीब शव अभी तक इस हादसे में बरामद हो चुके हैं।

टीम यहां पर मौजूद है। तमाम इसी बीच लगातार बारिश हो रही है। इसलिए रेस्क्यू में थोड़ा मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है और लगभग बताया जा रहा है कि 8 से 10 तलाश की जा रही है। एग्जैक्ट नंबर अधिकारी नहीं बता रहे हैं क्योंकि एग्जैक्ट आंकड़ा कितने लोग उस जहाज पर सवार थे क्रूज पर सवार थे। तो लगातार यहां पर लोगों की जांच चल रही है। कोशिश की जा रही है कि रस्ते से बांधकर उस क्रूज को यहां किनारे तक लाया जाए। इस बात की आशंका जता रहे हैं अधिकारी कि हो सकता है कुछ लोगों पर भी दबों से हो सकता है। इसलिए बहरहाल इस वक्त रेस्क्यू की थोड़ा सा थमा हुआ है क्योंकि आप देख रहे हैं तेज बारिश हो रही है और आज शाम पौ:45 बजे बताया जाता है कि ये जहाज अपने रूटीन चक्कर पर था।

एक जहाज का करीब 45 मिनट का चक्कर होता है। उसी दरमियान जब वापस लौट रहा था तो आखिरी के 10 मिनट बचे थे। उसी समय यह दर्दनाक हादसा हुआ। अभी यहां पर फिलहाल के लिए रेस्क्यू रुका हुआ है क्योंकि यहां पर पूरा जो पथरीला इलाका है आप देख सकते हैं। पत्थरों को हटाने के लिए एक जेसीबी मशीन यहां पर आई है। पत्थरों को हटाने की कोशिश हो रही है ताकि उसके बाद यहां पर एक हैवी कन लाई जा सके और उस हैवी कन की मदद से इसके बाद वहां पर उस क्रूज को निकालने की कोशिश की जाएगी। यह हादसा करीब शाम पौ:45 बजे हुआ बताया जाता है और आशंका इस बात के अधिकारी जता रहे हैं कि कुछ लोगों के क्रूज में भी फंसे होने के वहां पर हो सकता है कि उनकी वहां पर शव मिले और रात होने की वजह से फिलहाल ने यहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया है। पानी में रेस्क्यू सुबह शुरू किया जाएगा और तब तक के लिए यहां पर पूरी इस बात का प्रशासन पूरी इस बात की कोशिश कर रहा है कि किसी तरीके से रास्ता बना के हैवी कन आए और उस क्रूज को निकाला जा सके।

और के समेत भारतीय सेना की टीम भी रेस्क्यू में शामिल हो गई है। क्रूज करीब बताया जा रहा है कि 20 फीट गहरे पानी में फंसा हुआ है। जेसीबी और नाव की मदद से उसे लगभग 30 मीटर तक खींचा गया लेकिन आगे नहीं बढ़ सका यह। हाइड्रोलिक मशीन की मदद से नदी क्षेत्र को पाटकर क्रूज तक पहुंचने और फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।

लेकिन आशंका यही जताई जा रही है। कोई भी नहीं बचा होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इस हादसे को लेकर शोक जताया है। फिलहाल घटना स्थल पर जबलपुर कलेक्टर, एसपी के साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ बाकी रेस्क्यू टीम मौजूद हैं। सारी टीम लापता लोगों को तलाश करने में जुटी हुई है। आपको यह भी जानकारी दे दें 30 अप्रैल को जब यह हादसा हुआ तो उत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में ओलावृष्टि की खबर आई।

मौसम खराब होने की खबर आई। फिर आए फिर चाहे वह एमपी हो, राजस्थान हो, अह यूपी हो, तमाम जगहों से ऐसी खबरें आई कि मौसम खराब हुआ और इसी के साथ-साथ एमपी के जबलपुर में जब यह हादसा हुआ तब भी मौसम खराब था।

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