जबलपुर हादसे की एक तस्वीर ने सबको रुला दिया।

यह तस्वीर जबलपुर क्रूज हादसे के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की है। एक मां ने अपने 4 साल के बेटे को सीने से दबाकर रखा है। दोनों मां बेटे एक ही लाइफ जैकेट में हैं। बच्चा मां से लिपटा हुआ है। एक अंतिम बार उसने अपनी मां को गले लगा रखा है। जिस वक्त इन दोनों को बाहर निकाला गया तब पूरा परिवार वहीं मौजूद था। वे फूट-फूट कर रो पड़े। वहां मौजूद इस मंजर को देखने वाला हर एक शख्स भावुक हो गया।

रेस्क्यूअर्स, अधिकारी, मीडिया रिपोर्टर्स किसी के पास कोई शब्द नहीं बचे थे। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की खबर है। आप भी नहीं रोक पाए अपने आपको। कुछ कहने की स्थिति में नहीं हूं। बहुत दुखद है। दर्दनाक तस्वीर थी। बहुत दर्दनाक है। मंत्री राकेश सिंह है। तकरीबन 10 घंटों से रेस्क्यू ऑपरेशन पे निगरानी रखे थे। लेकिन यह जो तस्वीर आई इसने यहां मौजूद हर शख्स को गमगीन कर दिया है। आपको बताएं मंत्री राकेश सिंह भी अपने आप को रोक नहीं पाए हैं।

काफी भावुक हो गए हैं और एक अभी बरामद हुआ है एक महिला का। उस महिला ने अपने चार साल के बेटे को अपने हाथों से पकड़ा हुआ था इस उम्मीद में कि मां ने लाइफ जैकेट पहनी है तो शायद बेटा भी उस लाइफ जैकेट के साथ सहारे बाहर निकल जाएंगे।

लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। और अभी कुछ देर पहले यह जब शव बरामद हुआ मां का तो साथ ही में चार साल का बेटा अपने मां के के साथ ही चिपका हुआ था और यह जब शव यहां से निकला है तो आप देख सकते हैं यहां मौजूद हर शख्स की आंखें जो है वो भर आई है और कुछ शब्द जो है वो अब यहां लोगों को मिल नहीं रहे हैं। परिवार के लोगों में चित्कार थी जिसने हर कलेजे को यहां छलनी कर दिया और इन सबके बीच अभी भी अगर आप देखें तो लगातार जो वो क्रूज है वहां से के निकलने का सिलसिला जारी है। अभी भी कुछ लोग अंदर मौजूद हैं।

जिनकी बचने की उम्मीद ना के बराबर है। लेकिन एजेंसियां लगातार अपनी पूरी कोशिश कर रही है कि जल्द से जल्द जो लापता लोग हैं उनकी तलाश की जाए और इस सर्च ऑपरेशन को खत्म किया जाए। तस्वीर को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब यह हादसा हुआ तो मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए कितनी जद्दोजहद की होगी और जब कोई रास्ता नहीं मिला तो उसने अपने ही लाइफ जैकेट में बच्चे को भी ले लिया। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की भी बात सामने आई है।

सर्वाइवर्स ने बताया कि उन्हें पहले से लाइफ जैकेट नहीं पहनाया गया था। अमूमन होता यह है कि अगर आप वोटिंग पर जाते हैं तो वहां मौजूद ऑपरेटर्स यह सुनिश्चित करते हैं कि सभी ने लाइफ जैकेट ठीक से पहना हो। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं था। मुताबिक जब क्रूज डूबा तो दोनों मां-बेटे कैबिन में फंसे रह गए थे। दबाव इतना था कि डूबकर उनकी मौत हो गई। महिला के पति प्रदीप कुमार भी इस क्रूज पर सवार थे। उनकी जान बच गई है। उन्होंने बताया कि क्रूज पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। लाइफ जैकेट इधर-उधर बिखरे पड़े थे। बाद में लोगों ने एक दूसरे को पहनाया। सुनिए वो क्या कह रहे हैं।

जैकेट भी हम कूद ला के पहने अपने आप सबको बांटिए। कितना टाइम मिल पाया पहनने का जैकेट? जैकेट पहनते ही हादसा हो गया सर। बस पांच दो-ती मिनट के अंदर सब कुछ खत्म हो गया। हम डिस्ट्रीब्यूट कर चुका था मैं जैकेट सबको। आप ही हां हम तीन लोग थे। एक नीचे से ला के दे रहे थे और एक मुझे पकड़ा रहे थे। मैं सबको दे रहा था। इसके अलावा ऐसे भी है जिन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखा था।

लेकिन उनकी जान नहीं बच पाई क्योंकि क्रूज पलटने के बाद कई लोग दबाव की वजह से नीचे ही फंसे रह गए थे। इस घटना में कितने लोग मिसिंग हैं यह साफ अभी नहीं हो पा रहा है। 29 एडल्ट्स हैं जिनका टिकट कटा था। इसलिए उनकी जानकारी है। लेकिन कई ऐसे भी हैं जो बच्चे थे जिनका कोई टिकट नहीं कटा था। जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जानकारी दी है कि अब तक इस घटना में 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इनमें से कुछ सर्वाइवर्स ने आपबीति सुनाई है। 72 साल के रियाज हुसैन इस हादसे के 3 घंटे बाद तक क्रू में फंसे रहे। गर्दन तक पानी भरा था। उन्होंने क्रूज की दीवारों पर हाथ मारा जोर-जोर से जिसके बाद रेस्क्यू टीम नजदीक पहुंची और गैस कटर से क्रूज के ऊपरी हिस्से को काटा गया और उन्हें बाहर निकाला गया। सुनिए उस घटना के वक्त क्या कुछ हुआ है।

यह रियाज ने बताया है। आधा घंटे तक नॉर्मल था सब आधा पौन घंटे तक। धीरे-धीरे आंधी चली और नाव हिलना शुरू हुई तो लोग हम लोग बाहर बैठे हुए थे। अंदर आ गए कि चलो पानी आ रहा है। बौछार आ रही है। फिर धीरे-धीरे लोग चिल्लाने लगे। ऊपर के लोग भी नीचे आ गए। वो नीचे आ गए ऊपर के लोग भी मगर फिर कोई ऊपर भाग रहा कोई नीचे दो-तीन आदमी पीछे चिल्ला रहे थे भाई रुक जाओ रुक जाओ बच जाओगे पहुंच रहे पहुंच रहे पहुंचने ही नहीं दिया उसने और उसी में फिर वो क्या हुआ मेरे ख्याल से सबको लाइफ जैकेट भी पहनाई उसी टाइम उसने उसके पहले लाइफ जैकेट पहनाई थी बाद में पहनाई उसने जब वो आंधी चलने लगी और उसके बाद धीरे-धीरे करके वो वो तो पायलट वो कोशिश कर रहा होगा मगर वो किनारे जा नहीं पाया वो पीछे ही आ रहा था वापस बार-बार बाद में वो बंद हो गई क्रूज बंद भी हो गया जैसे ही क्रूज बंद हुआ पानी भरना शुरू हो गया उसमें लहर बहुत तेज उठ रही थी समुंदर के जैसे जी बस उसी में यही करिश्मा हुआ बस उसके बाद क्या हुआ उसके बाद क्या हुआ ।आप कहां पर थे उस वक्त जब क्रूज डूबने लगा मैं नीचे था जी नीचे वाले एरिया में था क्योंकि हमारे साथ जो लेडीज थी वो ऊपर नहीं चढ़ पाती थी जी आपके साथ कितने लोग थे परिवार के मेरे मैं था मेरी मिसेज थी मेरी संदन थी और उनका नाती था जी फिर कहां पर थे उसके बाद जब जहाज पूरी तरीके से डूब गया तो आप कहां पर थे और बाकी लोग कहां पर थे सारे लोग का कुछ पता ही नहीं। पानी सर के ऊपर तक चला गया। मैं तो ऊपर जगह ढूंढ रहा था। तो वो कोने में जाके मैं कहीं फंस गया। ऊपर मतलब ग्राउंड फ्लोर से ऊपर की तरफ कहीं फंस गया जाके। जी। तो ऊपर सिरा था वो वाला क्रूज का था। हां क्रूस का वो सिरे में मतलब हवा आ रही थी और पानी भी आ रहा था। जी।

सांस लेने की मतलब तो आपकी बॉडी में कहां-कहां तक पानी भरा हुआ था? गर्दन तक पूरा। पानी भरा हुआ था। फिर कितनी देर आपने इंतजार किया वहां? अरे दो-ती घंटे लग गए सर। वो लोग वहां से आए सब लेके हथोड़ी लेके और कुल्हाड़ी लेके उन्होंने एक फुट की जगह बनाई उसमें से निकाला मेरे को और बाकी मेरी मिसेज और संधन का अभी तक पता नहीं है वो 3 घंटे कैसे गए जब आप तीन घंटे थे तो क्या चल रहा था दिमाग में आपके क्या चल रहा था सर कहीं कोई आवाज नहीं एकदम शांत बिल्कुल साइलेंट जो लोग बाहर कूद गए थे उनको शायद बोट वालों ने बचा लिया होगा मगर मैं तो सोच रहा था कि अब सब हमारे चले गए हैं ये नाव नीचे तो जा ही रही है वो जो क्रूज है नीचे जा रहा है मैं भी चले जाऊंगा मगर वो वहां फंसा रहा इतने गैप में वो जो हवा आती रही और वो आता रहा क्या बोलते हैं पानी आता रहा तो मैंने कहा ठीक है ।

थोड़ी देर बाद तो जाना ही है तो मैं तो चैन से बैठा था मगर कुछ लाइट वाइट दिखी बाद में मेरे को तो मैंने बड़बड़ बड़बड़ बड़बड़ करा क्योंकि बहुत स्ट्रांग रहता है शिप का वो पोर्शन जी फिर लोग आए आवाज दी उन्होंने कि हमारे यहां घबराओ मत आ रहे घबराओ फिर उन्होंने जो काटना शुरू किया लाइट लेके तो कम से कम एक डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद वो काट पाए बेचारे फिर आपको निकाला निकाला बहुत भयंकर मतलब मैं तो भीगा हुआ था बहुत ठंड लग रही थी ये सब मेडिकल में जाके कपड़ेपड़े खरीदे नए यह विकास है इनके परिवार के पांच लोगों को बचा लिया गया है दो लोगों की मौत हो गई सुनिए घटना के बारे में क्या बता रहे हैं सर मैंने ऊपर से बुलवाई थी जैकेट मैंने पहले ही जब तूफान आ रहा था हवा चल रही थी उस समय मैंने बोला नाव के अंदर पानी आ रहा था थोड़ा-थोड़ा आ रहा था नाव ऐसी ऐसी ऐसी हो रही थी अलटी पलटी मतलब क्रूज तो मैंने फिर ऊपर जैकेट बुलवाई सबको जो जैकेट पहनवाई मैंने और मैं आगे गेट के पास आकर खड़ा हुआ और मेरी एक दो सिस्टर जी मैंने सबको ऊपर किया पानी भरा है में और सीधे ऊपर पहुंचे हम लोग जी जो आपके परिवार के दो लोग थे वो नहीं पहुंच पाए ऊपर नहीं सर वो अंदर ही रह गए।

केबिन में कैबिन के अंदर जी जी कितने लोग थे कैबिन में केबिन में हिसाब से 30 से 35 लोग थे तो क्या कैबिन का दरवाजा बंद था क्या सर कांच लगे हैं उधर पे जी हां कांच लगे दरवाजा दरवाजा है लेकिन खुला हुआ था वो पल्ला आगे पीछे हो रहा था हवा में ऊपर नीचे बोल रहे थे बल्ले थी बल्ला आगे पीछे आगे पीछे हो रहा था पूरा सामान वहां का यहां यहां का सामान वहां हो रहा था बहुत ची चक्कर पड़ रही थी बच्चे दौड़ने लगे बहुत बच्चे कितने थे बच्चे कम से कम 10 से 12 बच्चे थे उधर 10 से 12 बच्चे बहुत चिल्ला चिल्ला रहे थे बहुत चीख रहे थे सब चिल्ला रहे थे मध्य प्रदेश सरकार के अगले आदेश तक एमपी के सभी क्रूज बंद करने का आदेश है। ।

पर्यटन मंत्री ने सभी क्रूज़ की जांच करने और सुरक्षा इंतजाम की पड़ताल करने के निर्देश दिए हैं। सभी क्रूज के स्टाफ को इमरजेंसी ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

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