अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि एक और विमान हादसा होते-होते टल गया। इस बार मामला इंडिगो की गुवाहाटी चेन्नई फ्लाइट का है। जिसकी बेंगलुरु में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है। जी हां, विमान में ईंधन इतना कम हो चुका था कि पायलट को मेजे का सिग्नल भेजना पड़ा। यानी हवाई सुरक्षा की भाषा में सबसे गंभीर अलर्ट।
यह पूरी घटना 19 जून की रात की है। इंडिगो की फ्लाइट जब चेन्नई एयरपोर्ट पर लैंड करने की कोशिश कर रही थी, तभी करीब 7:45 पर पायलट्स ने लैंडिंग को रद्द करने का फैसला लिया और विमान को तुरंत बेंगलुरु डायवर्ट कर दिया गया। विमान में कुल 168 यात्री सवार थे और जब बेंगलुरु एयरपोर्ट आने में सिर्फ 35 मिनट बाकी थे तब पायलट ने मेडिक कॉल भेज दी।
एटीसी यानी एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड और मेडिकल इमरजेंसी टीम तुरंत अलर्ट पर आ गई। सौभाग्य से रात करीब 8:15 पर विमान को सुरक्षित लैंड करा दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई में लैंडिंग रद्द होने के बाद विमान ने अचानक तेजी से रूट बदला जिससे यात्रियों में घबराहट फैल गई। एक यात्री ने बताया कि मोड़ इतना तीव्र था कि लोग डर के मारे कांपने लगे। बाद में डीजीसीए ने दोनों पायलट्स को रोस्टर से हटा दिया और मामले की जांच जारी है।
यह मामला इसलिए और गंभीर बन जाता है क्योंकि ठीक एक हफ्ते पहले 12 जून को एयर इंडिया का विमान अहमदाबाद में फट हो गया था। उस हादसे में भी पायलट्स ने मेड कॉल भेजी थी। लेकिन जवाब आने से पहले ही विमान मेघानी नगर की रिहाइशी कॉलोनी में गिर गया था। उस फ्लाइट में 242 लोग सवार थे। जिनमें सिर्फ एक शख्स की जान बची। अब डीजीसीए ने एयर इंडिया के तीन अधिकारियों को उनके पदों से हटाने के आदेश दिए हैं। वजह बताई गई है प्रणालीगत विफलता यानी सिस्टम का फेल होना।
रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रू शेड्यूलिंग से लेकर आंतरिक जवाबदेही तक सब कुछ लापरवाही में डूबा था। दो-दो वीडियो कॉल्स और सवाल क्या भारत के आसमान में उड़ान अब खतरे से भरी बनती जा रही है? क्या हमारी एिएशन सुरक्षा वाकई भरोसे के काबिल है?
