भारत की लेजेंड्री सिंगर आशा भोसले का 12 अप्रैल को मुंबई में निधन हो गया था। उनके अंतिम इच्छा के मुताबिक उनकी अस्थियों को वाराणसी में विसर्जित किया गया है। उनकी पोती जनाई अनुष्ठान के दौरान भावुक हो गई। आशा भोसले की अस्थियां आज सोमवार को पवित्र गंगा में विसर्जित कर दी गई। मुंबई से उनके बेटे आनंद भोसले और पोती जनाई भोसले अस्थि कलश को लेकर वाराणसी के असी घाट पहुंचे।
वैदिक मंत्रों के बीच पोती जनाई ने रोते हुए अपने दादी की अस्थियां मां गंगा में प्रवाहित कर दी। आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को मुंबई के ब्रिज कैंडी अस्पताल में हुआ था। उनके बेटे आनंद भोसले ने बताया कि मरने से कुछ दिन पहले आशा भोसले ने कहा था कि उनकी अस्थियां काशी में गंगा जी में विसर्जित की जाए। बेटे आनंद और पोती जनाई ने आशा भोसले की अंतिम इच्छा पूरी की। इस दौरान आशा भोसले की पोती जनाई अपनी दादी के विसर्जन के दौरान काफी इमोशनल हो गई। जनाई भोसले ने दादी के निधन के बाद Instagram पर एक भावुक पोस्ट लिखा। उन्होंने आशा भोसले को अपनी सबसे अच्छी दोस्त और जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा बताया।
जनाई ने लिखा अब मुझे समझ नहीं आ रहा कि सुबह चाय किसके साथ पिउंगी या अपने मजाक किससे शेयर करूंगी। जनाई ने यह भी लिखा मैं मानती हूं कि मेरी दादी हमेशा मेरे साथ रहेंगी और एक दिन फिर मुझे गले लगाने लौट आएंगी।
मेरी दादी सिर्फ एक महान गायिका ही नहीं बल्कि मेरे लिए खुशी और जिंदगी की मिसाल थी। जनाई ने अपनी पोस्ट में आशा भोसले के साथ कई पुरानी तस्वीरें भी शेयर की। एक तस्वीर में तीनों आशा आनंद और जनाई साथ में गाना गाते दिख रहे हैं। दूसरी में आशा भोसले जनाई को गले लगा रही हैं। तीसरी तस्वीर दिवाली की है। आशा भोसले ने क्लासिकल सिंगर के तौर पर बहुत लंबा और शानदार सफर तय किया। 1995 में उन्होंने रंगीला फिल्म के लिए रंगीला रे और तन्हा तन्हा जैसे गाने गाए।
उसी साल दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में जरा सा झूम लूं मैं गाया। उनके पुराने पॉपुलर गाने जैसे दम मारो दम और पिया तू अब तो आजा आज भी बेहद पसंद किए जाते हैं।
