अहमदाबाद विमान हादसे में एमबीबीएस स्टूडेंट आर्यन राजपूत का निधन, ग्वालियर में परिवार ने रोते क्या बताया?

सबके लिए लड़ रहा था वो एक घर के लिए शहर के लिए घर रहकर उसने पढ़ाई की इतनी अच्छी आंख उसने पाए सभी को खेद है परिवार मांबा को तो है ही लेकिन पता नहीं था भगवान को क्या मंजूर था और वो काल के वश में चला गया उनका एक चिराग सारे का चिराग चला गया.

एक राष्ट्र की धरोहर चली गई मेरी यह अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गवाने वाले मेडिकल स्टूडेंट आर्यन राजपूत के रिश्तेदार हैं आर्यन मध्य प्रदेश के ग्वालियर के जिगसोली गांव के रहने वाले थे 14 जून को जिस वक्त आर्यन का शव उनके गांव पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन नजर आया परिवार के लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है .

दरअसल 12 जून की दोपहर जब आर्यन अपने हॉस्टल की मेस में खाना खा रहे थे उसी दौरान उस बिल्डिंग पर एयर इंडिया का बोइंग 787 ग्रीन लाइनर प्लेन टकरा गया जिस वजह से वहां मेस में खाना खा रहे लोग और बिल्डिंग परिसर के आसपास मौजूद करीब 29 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है जिनमें डॉक्टर्स उनके परिजन मेडिकल स्टूडेंट स्टाफ समेत अन्य लोग शामिल हैं इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक प्लेन में मौजूद 242 में से 241 पैसेंजर्स की मौत हो गई है जिसमें गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का भी नाम शामिल है जबकि इस हादसे में 270 लोगों की निधन की खबर है परिवार को आर्यन के घायल होने की जानकारी उनके एक दोस्त ने दी जो उनके साथ खाना खा रहा था।

आर्यन ने खाना खाने के बाद अपने दोस्त को यह कहते हुए अपना मोबाइल दिया कि तुम चलो मैं हाथ धोकर आता हूं इसके बाद उसका दोस्त बाहर चला जाता है इसी दौरान इस जो प्लेन है वह इस बिल्डिंग से टकरा जाता है और यह हादसा हो जाता है इसके तुरंत बाद वहां पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया आर्यन को भी हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया जिसके बाद उस दोस्त ने आर्यन के परिजनों को आर्यन की निधन की खबर भी दी जिसके बाद उनके परिजन आर्यन का शव लेने अहमदाबाद के लिए निकल पड़े उसका दोस्त था उसने उसका मोबाइल ले लिया था उसने बोला था कि तुम हाथ धो के जल्दी बाहर निकल आ तो मैं दोनों बाहर खड़ा हूं और इतने में मालूम चली के उसने फोन लगाया कि आप लोग जल्दी से जल्दी आ जाओ और वो ऐसे-से हमने भर्ती करा दिया मेक्सिका का टाइम हो गया था के खाना खाने के लिए यह गए थे लोग तो उसने खाना खाने के बाद खाना खा जो बता रहा था उसका दोस्त के खाना तो खा लिया था ।

बस पानी पी के हाथ धो गए और जल्दी निकल गया इतनी घटना हो गई थी आर्यन के बारे में उनके रिश्तेदार बताते हैं कि वह बचपन से ही पढ़ने में मेधावी थे 10वीं में 96% और 12वीं में 85% अंकों के साथ बोर्ड एग्जाम पास किया माता-पिता के पास ज्यादा पैसे नहीं थे लेकिन उनका हौसला बड़ा था उनके पिता रामहेत राजपूत और महारानी राजपूत किसान परिवार से हैं उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी लेकिन उन्होंने अपने तीनों बच्चों निकिता आदित्य और आर्यन को पढ़ाया लिखाया जिसके लिए उन्हें कर्ज भी लेना पड़ा आर्यन ने उनके इस फैसले को सही साबित भी किया पहले ही अटेम्प्ट में नीट क्लियर कर लिया इस एग्जाम में उन्हें 720 में से 700 नंबर मिले थे जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सीट मिली यहां वो सेकंड ईयर के स्टूडेंट थे।

सबके लिए लड़ रहा था वो एक घर के लिए शहर के लिए घर उसने पढ़ाई की इतनी अच्छी उसने पाए सभी को खेद है परिवार मांबा को तो है ही सबको भी खेद है एक राष्ट्र की धरोहर चली गई मेरी लहरों में वो एम में अच्छा डॉक्टर बनता अच्छा कॉलेज मिला तो अच्छी जगह उसकी पोस्टिंग होती देश सेवा करता समाज सेवा करता सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा सूत बनता है एक मां-बाप के लिए एक उदाहरण बनता है उसके जीवन का सहारा था गरीब परिवार से था उसका पिता संपन्न नहीं है एक सामान्य दो तीन-तीन बीघा का कृषक है उसने अपने बच्चों को सभी लगन से पढ़ाया लेकिन पढ़ाई के उस कर्ज भी किया बच्चों के खातिर और रिजल्ट भी सामने आया लेकिन पता नहीं था भगवान को क्या मंजूर था और वो काल के वश में चला गया उसकी याद तो हमेशा आएगी आप लोगों को हमको आएगी जब कि हमको रिश्तेदार हैं उसके मां-बाप तो जीवन भर याद करेंगे शायद उस याद में वो क्या-क्या नहीं भूल जाएंगे ।

उसको जीवन पर्यंत नहीं भूल पाएंगे या तो बचपन में ऐसा कोई हादसा हो जाता तो वो दुख नहीं होता इस श्रेणी पर जाके ऐसा हुआ उनका एक चिराग सहारे का चिराग चला गया उसमें उनका नाम होता कल लड़के का भी दो पैसे कमाते तो उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होती अब ऐसा उनके हाथों से अब क्या करें हीरा निकल गया आप दर्शकों को बताते चलें कि 12 जून को एयर इंडिया का विमान दोपहर 1:38 पर अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुआ था जिसमें 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे टेक ऑफ के कुछ ही मिनट बाद यह प्लेन फट गया अहमदाबाद एयरपोर्ट से कुछ ही दूरी पर यह प्लेन अस्पताल के हॉस्टल की बिल्डिंग से जाकर टकराया जिसके बाद उसमें आग लग गई गुजरात पुलिस की ओर से इस हादसे में यात्री और स्थानीय लोगों को मिलाकर अब तक कुल 270 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है मृतकों में जैसा हमने आपको बताया कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी का नाम भी शामिल है ।

अन्य लोगो की बात करें तो इसमें 169 भारतीय 53 ब्रिटिश नागरिक सात पुर्तगाल के नागरिक और एक कनाडा के नागरिक भी शामिल है जबकि इस हादसे में विश्वास कुमार रमेश नाम के एक शख्स जिंदा बच गए हैं।

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