भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोबाल जिस वक्त संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहियान से मुलाकात कर रहे थे उसी वक्त कुछ ऐसा हुआ जो 77 सालों में पहली बार हुआ है।
यह खबर किसी तहलके से कम नहीं है। खबर है कि इजराइल ने इतिहास में पहली बार अपने एयर डिफेंस सिस्टम आयरन डोम को संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा में खड़ा कर दिया है। यह पहला मौका है जब 77 सालों में इजराइल ने अपने किसी एक्टिव एयर डिफेंस सिस्टम को किसी दूसरे देश की सुरक्षा में खड़ा कर दिया। इजराइल ने सुन्नी संयुक्त अरब अमीरात को शिया ईरान से बचाने के लिए अपना आयरन डोम तैनात कर दिया। यानी ईरान जंग के बीच भारत संयुक्त अरब अमीरात की कूटनीतिक मदद कर रहा है। तो वहीं इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात को अपने हथियारों से बचा लिया है।
आपको बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा के लिए भारत और इजराइल का खड़ा होना कोई सहयोग नहीं बल्कि बहुत बड़ा प्रयोग है। इस खबर ने ईरान, पाकिस्तान और पाकिस्तान से डिफेंस डील करने वाले सऊदी अरब को कुछ हद तक हिला कर रख दिया है। क्योंकि सऊदी अरब की सुरक्षा में पाकिस्तान की चवन्नी छाप सेना खड़ी है तो वहीं संयुक्त अरब अमीरात में इजराइल ने हथियार उतार दिए हैं। यह खबर कैसे खाड़ी देशों की पावर इक्वेशन को बदल देगी और भारत को कितनी ताकत देगी वह अब आपको बताते हैं।
दरअसल एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जब ईरान को दो हफ्ते ही हुए थे। उस समय ईरान ने खाड़ी देशों पर और से हमले शुरू कर दिए थे। ईरान ने सबसे ज्यादा हमले संयुक्त अरब अमीरात पर ही किए थे। उस वक्त संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहियान ने फोन उठाया और नेतन याहू को मिलाया। फोन पर हुई बातचीत के बारे में किसी को कोई खबर नहीं थी।
लेकिन इसके बाद ईरान ने जब संयुक्त अरब अमीरात के ऊपर 563 और 2256 दागे तो इनमें से ज्यादातर को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। ईरान भी हैरान था कि उसके संयुक्त अरब अमीरात तक कैसे नहीं पहुंच पा रहे। इसी बात का खुलासा अब हुआ है। दरअसल मोहम्मद बिन जायद अल नाहियान की मांग के बाद नेतन याू ने इजराइली सेना को आदेश दिया कि वह पूरी आयरन डोम की बैटरी, दर्जनों इंटरसेप्टर और कई दर्जन आईडीएफ ऑपरेटर्स को यूएई की धरती पर पहुंचाएं।
इजराइल का यह सिस्टम तुरंत अबू धाबी पहुंच गया और इसी ने ईरान की मिसाइलों को बीच रास्ते में उड़ा दिया। इजराइल के 77 सालों के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी अरब देश की राजधानी की सुरक्षा के लिए इजराइल ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम लगाया हो। इजराइल के इस कदम ने पूरे मिडिल ईस्ट में तहलका मचा दिया है। पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब में सबसे ज्यादा बवाल मच गया है। इजराइल के इस कदम का फायदा भारत को भी मिलना तय है।
सबसे पहले जो सऊदी अरब पाकिस्तान के नजदीक जा रहा था, उसी सऊदी अरब को अब पाकिस्तान से दूरी बनानी होगी। क्योंकि सऊदी अरब को पता चल चुका है कि संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत और इजराइल आकर खड़े हो गए हैं। आपको बता दें कि भारत और इजराइल को सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात दोनों की जरूरत है। क्योंकि भारत और इजराइल मिलकर जो आईमैक कॉरिडोर बना रहे हैं वो सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात से होकर ही गुजरता है।
इसीलिए शायद अजीत डोवाल पहले सऊदी अरब गए उसके बाद संयुक्त अरब अमीरात पहुंचे। अगर भारत, इजराइल, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के बीच एक गठबंधन बन गया तो पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश बर्बाद हो सकते हैं।
