28 फरवरी 2026 को अमेरिका इजराइल ईरान वॉर की शुरुआत हुई थी और ठीक 2 महीने बाद यानी कि 29 अप्रैल को इसमें रशिया के जो प्रेसिडेंट है वलादमीर पुतिन और अमेरिकन प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप के बीच बातचीत हुई है। इस बातचीत में क्या-क्या हुआ है? क्या इस की बात हुई है या नहीं हुई है? जी देखिए सबसे पहले यह बता दूं मैं अपने व्यूअर्स को कि ये जो बातचीत थी ये कोई मामूली बातचीत नहीं थी। डेढ़ घंटे तक के बातचीत चली है और चकि आपने जिक्र किया ईरान, यूएस और इजराइल वाली वॉर का तो बेशक उसके बारे में भी चर्चा हुई।
लेकिन ज्यादातर चर्चा जो थी उसमें अगर जो इनपुट्स हम तक पहुंचे अभी तक के उससे हमें यही पता चला है कि क्रेम क्रेमलिन ने जो बातचीत की है वो कीव के साथ यानी रशिया ने यूक्रेन के साथ उसकी जो चल रही है उसको टेंपरेरी रूप से रोकने के लिए यहां पे ये बात की है और डॉनल्ड ट्रंप और पुतिन की जो बातचीत हुई वो उनके एक एड हैं यानी उनके करीबी हैं सलाहकार हैं।
उनके हवाले से हमें पता चली है और जो सलाहकार हैं उनका नाम है यूरी नाम है उनका। उन्होंने बताया है कि क्या बातचीत हुई डॉनल्ड ट्रंप और प्रेसिडेंट पुतिन के बीच में। तो उससे जो जानकारी आई है यूरी युषाकू नाम है उनका। तो यूरी यशाकू जो बताते हैं उनके पुतिन के एड वो मैं आपको बता रहा हूं। सबसे पहली चीज कि एक तरह से टेंपरेरी सीज फायर के लिए यहां पे पुतिन ने बात की डोन्ड ट्रंप से जो यूक्रेन और रशिया के बीच होना चाहिए।
9 मई का ये होने वाला है। और ये उस वजह से होने वाला है क्योंकि उस दिन 9 मई को एक विक्ट्री डे सेलिब्रेशन होता है रशिया में। विक्ट्री डे किस लिए? क्योंकि वर्ल्ड वॉर सेकंड में जब सोवियत यूनियन जीता था तब रशिया तो नहीं बना था। सोवियत यूनियन था। तो जब सोवियत यूनियन जीता था उसको तो कोमेबोरेट करने के लिए उसको याद में विक्ट्री डे सेलिब्रेशन होता है 9 मई को। और इसमें बड़ी दिलचस्प बात ये है ऋतू कि उसमें यूएस भी उनके साथ ही था। मतलब यूएस की भी विक्ट्री उसमें साथ-साथ हुई थी। तो इसलिए यहां पर सो रशिया के साथ डोन्ड ट्रंप ने भी उसमें हामी भरी कि बिल्कुल उन्होंने एग्री किया कि उस दिन शांत रह सकते हैं जैसा कि हमें क्रमन से पता चल रहा है। रशिया से पता चल रहा है।
अगर उनके शब्दों में बताऊं तो उन्होंने कहा ट्रंप एक्टिवली सपोर्टेड दिस इनिशिएटिव नोटिंग दैट द हॉलिडे मार्क्स आर शेयरर्ड विक्ट्री। मतलब हम दोनों की साझा जीत थी रशिया और हां रशिया और यूएस को। तो इस वजह से उन्होंने इसके लिए तैयारी दिखाई। उसके अलावा जो प्राइमरीली फोकस था वो वेस्ट एशिया में जो वॉर चल रही है यानी ईरान के नाम पर ईरान के खिलाफ जो अमेरिका और इजराइल की जंग चल रही है उसको लेकर था। लेकिन उसमें बातचीत क्या हुई ये अभी उन्होंने साफ-साफ नहीं बताया है और उसके अलावा जो उन्होंने एक और जानकारी दी वो ये है कि व्लादमीर पुतिन ने डोनल्ड ट्रंप का जो डिसीजन है ईरान के साथ सीज फायर करने का उसको सही बताया और उन्होंने कहा कि इसको एक्सटेंड करना चाहिए। मतलब सीज फायर और लंबे वक्त तक रखना चाहिए।
और ये भी कहा पुतिन ने ट्रंप से कि आप नेगोशिएशंस पर ध्यान दीजिए लड़ने के बजाय और जो भी सिचुएशन है ओवरऑल उसको आप स्टेबलाइज करने स्थिर करने की कोशिश कीजिए। ये पुतिन ने डोनल्ड ट्रंप से कहा है। तो ईरान के खिलाफ जो यूएस इजराइल की वॉर है उस पर ये अपडेट ओपनली उन्होंने दिया। हालांकि ये जरूर वो बोले हैं कि प्राइमरीली उनकी बातचीत वेस्ट एशिया में जो वॉर चल रही है उसी को लेकर है। लेकिन क्या बातचीत हुई ये स्पष्ट रूप से क्योंकि डेढ़ घंटे बातचीत चली है ऋतू। तो डेढ़ घंटे में सिर्फ यह बात तो नहीं हुई होगी कि आपने सीज फायर करके अच्छा किया। और यहां पे एक कैच ये भी है ऋतू कि इससे पहले आपने और हमने एक खबर पर वीडियो किया था। आपको याद होगा कि जो ईरान के फॉरेन मिनिस्टर है सैयद अब्बास अराग जी हां वो रशिया गए थे और उन्होंने प्रेसिडेंट पुतिन से मुलाकात की थी और उन्होंने ईरान में जो सिचुएशन चल रही है उसको लेकर कहा था।
तो उसके बाद पुतिन और ट्रंप के बीच यह कॉल जो है यह और ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाता है इस वॉर के मद्देनजर भी क्योंकि वहां पर पुतिन ने उन्हें यह भरोसा दिलाया था ये वादा किया था कि हमसे जो बन पड़ेगा वहां पर शांति के लिए स्टेबिलिटी के लिए वो सब कुछ हम करेंगे तो उसके बाद अब डॉन्ड ट्रंप से उन्होंने बातचीत की है 29 अप्रैल को हमारे भारतीय समय के अनुसार 29 अप्रैल को उन्होंने बातचीत की और उसमें क्योंकि कहा गया है कि उसके बारे में बहुत ज्यादा बात हुई है तो हो सकता है कि ईरान की जो शर्तें क्योंकि आप एक और चीज मैं व्यूवर्स के लिए पर जोड़ दूं कि इनडायरेक्ट बातचीत चल रही थी।
इसके पहले तक पाकिस्तान के जरिए और पाकिस्तान ने मीडिएशन का काम उसमें जरूर किया। वो डायरेक्ट बातचीत कराने की भी कोशिश की। फर्स्ट राउंड ऑफ टॉक्स जब इस्लामाबाद में हुए थे तो उसमें डायरेक्ट बातचीत भी हुई लेकिन इनडायरेक्ट बातचीत उसके बाद से लगातार जारी है। सेकंड राउंड ऑफ डायरेक्ट टॉक्स अभी तक के नहीं हुआ था और उसके बाद पाकिस्तान से ईरान कहीं ना कहीं उतना खुश नहीं नजर आ रहा था। हालांकि जब पुतिन के पास वो पहुंचे और रशिया में उन्होंने कदम रखा तो मॉस्को में उन्होंने यह भी कहा अब्बास अराची ने ईरान के फॉरेन मिनिस्टर ने कि इस्लामाबाद में हमारी जो बातचीत थी वो अच्छी थी।
फ्रूटफुल डिस्कशन था। लेकिन स्वाभाविक सी बात है कि जब वो किसी कंक्लूजन पर नहीं पहुंच पाया और जब आपको रशिया से बातचीत करनी पड़ी। यानी पाकिस्तान इसमें विफल हो गया था। इसको उसमें कोई गुरेज नहीं उसको देखने में। सीधा-सीधा नजर आता है। तो उसके बाद वो रशिया गए और रशिया से उन्होंने ये सारी बातचीत की।
तो एक तरह से रशिया भी हो सकता है कि इसमें मध्यस्थता इनडायरेक्टली कर रहा हो ओपनली ना कर रहा हो लेकिन इनडायरेक्टली मध्यस्थता भी चल रही हो और ये जो टाइमिंग है ये इस लिहाज से बड़ी इंपॉर्टेंट हो जाती है क्योंकि अराची से मुलाकात देन ट्रंप से फोन कॉल जी ऋतू जी तो इसमें लगातार हम बार-बार ये चीज देख रहे हैं कि लगातार ईरान इस चीज को ये कह रहा है कि पाकिस्तान के अलावा और भी जो देश हैं वो मीडिएशन की भूमिका निभा सकते हैं या सकारात्मक या नकारात्मक किसी भी रूप से इसमें आप अपनी भूमिका दे सकते हैं और अभी अभी कुछ समय पहले ही मैंने एक और इस पे वीडियो किया था कि जो ईरान के फॉरेन मिनिस्टर हैं और इंडिया के फॉरेन मिनिस्टर हैं उन दोनों की भी फोन पर बातचीत हुई है और उसमें भी सीज फायर का मुद्दा डिस्कस हुआ है।
इसमें एक चीज ध्यान देने वाली बात यह है क्योंकि नावेद ने ऐसा बताया कि इसमें यूक्रेन और रशिया का जो वॉर चल रहा है उसमें टेंपरेरी सीज फायर की भी बात की गई है। पर यूक्रेन की तरफ से अभी तक इस पर कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है। और इसके पहले जो भी हुए यूक्रेन लगातार इस चीज को कहता रहा है कि रशिया की बात तो करता है लेकिन दो से तीन दिन भी नहीं होते और उस सीज फायर का उल्लंघन हो जाता है। तो यह एक यूक्रेन का भी पक्ष इसमें शामिल करना जरूरी है। बाकी फिलहाल जो भी इस बारे में अपडेट्स आएंगे हम आप तक पहुंचाते रहेंगे। मेरा नाम है ऋतू। मेरे साथ है नावेद। देखते रहिए दिल लंडन टॉप।
