राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी क्यों छोड़ी ? अब आया सच सामने!…

दिल्ली से आम आदमी पार्टी में बहुत बड़ी फूट हो गई है। तीन सांसदों ने आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल इन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आम आदमी पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। तीनों ने बताया कि वे आम आदमी पार्टी छोड़ने को क्यों मजबूर हुए हैं। यह बात भी उन्होंने बताई।

इनके साथ ही इन्होंने ये दावा किया है कि आम आदमी पार्टी के आठ सांसद इनके साथ हैं और वह सब अब बीजेपी में विलय करने जा रहे हैं। संदीप पाठक ने कहा कि मैंने कभी खुद को आगे नहीं रखा। हमेशा आम आदमी पार्टी को आगे किया। अरविंद केजरीवाल को आगे रखा। देश में लाखों पार्टी कार्यकर्ता हैं जो आम आदमी पार्टी को आगे रखते हैं।

लेकिन आम आदमी पार्टी अब अपनी राह से भटक गई है। इसी तरह से राघव चड्डा का भी कहना है कि हमने फैसला लिया है कि हम राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो तिहाई सदस्य भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए बीजेपी में विलय करते हैं और आम आदमी पार्टी जो है वो अपने सिद्धांतों से भटक गई है।

इस तरह का कहना है राघव चड्डा का। देखिए, यह एक ऐसा अह घटनाक्रम सामने आया है जिसने ना सिर्फ दिल्ली की बल्कि पंजाब की सियासत को भी हिला कर रख दिया है। हम आपको सुनाते हैं अह राघव चड्डा ने क्या कहा। जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून और पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए।

वो आम आदमी पार्टी आज पूरी तरीके से अपने सिद्धांतों से अपने मूल्यों से अपने कोर मोरल और वैल्यूस से भटक चुकी है। और अब यह पार्टी देश के लिए नहीं देश के हित के लिए नहीं बल्कि अपने पर्सनल फायदे के लिए काम कर रही है। आप में से कई लोग पिछले कुछ सालों से मुझे यह कह भी रहे थे और मैं पर्सनली पिछले कुछ सालों से यह महसूस कर रहा था दैट आई एम द राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी। आई रिपीट आई एम द राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी। इसलिए आज हम यह अनाउंस करते हैं। मैं यह अनाउंस करता हूं कि मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता के पास जा रहा हूं।

पॉलिटिक्स में आने से पहले मैं एक प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मंच पर बैठे मेरे साथी कोई साइंटिस्ट था, कोई एजुकेशनिस्ट था और आज जो लोग आम आदमी पार्टी का दामन थ छोड़ रहे हैं। अलग हो रहे हैं। आम आदमी पार्टी से दूर हो रहे हैं। उनमें कोई वर्ल्ड क्लास क्रिकेटर रहा, कोई पद्मश्री रहे, कोई सोशल एक्टिविस्ट रहे। यह तमाम लोग अपना सब कुछ छोड़छाड़ कर सब कुछ न्योछावर कर कर एक करप्शन फ्री इंडिया का संकल्प लेकर आए थे और इस पार्टी को स्थापित किया था। मैं इस पार्टी का फाउंडिंग मेंबर था। मुझसे बेहतर आम आदमी पार्टी को शायद ही कोई जानता होगा।

हम सब ने मिलकर पूरी कमिटमेंट और डेडीकेशन के साथ इस पार्टी को दिल्ली में स्थापित किया, पंजाब में स्थापित किया और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन आज मैं बहुत दुख के साथ, बहुत पीड़ा के साथ और बहुत शर्म के साथ यह कह रहा हूं कि जो पार्टी करप्शन खत्म करने की कसम खाकर बनी थी, वह पार्टी आज करप्ट और कॉम्प्रोमाइज्ड लोगों के हाथ में बुरी तरीके से फंस चुकी है। और इसीलिए हर वह देशभक्त आदमी जो भारत मां की सेवा करने के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़ा था पार्टी छोड़ चुका है या वह आम आदमी पार्टी छोड़ रहा है एक-एक करके।

मैं सरल भाषा में कहूं तो हम अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में नहीं आए थे। हम लोग अपना करियर छोड़कर देश के लिए राजनीति में आए थे और यदि देश के लिए काम इस पार्टी में नहीं हो पा रहा है वह इसलिए क्योंकि अब आम आदमी पार्टी वह पुरानी वाली आम आदमी पार्टी नहीं रही और पिछले कुछ सालों से आप लोग लगातार मुझसे पूछ रहे थे कि राघव जी आप एक साल से पार्टी की गतिविधियों से अलग क्यों नजर आते हैं? पार्टी से किनारा क्यों कर लिया? तब मैं कुछ बोलता नहीं था। मैं प्रयास कर रहा था कि चीजें बेहतर हो।

लेकिन आज मैं आपको असल कारण बताता हूं कि क्यों मैंने पार्टी की गतिविधियों से अपने आप को अलग कर लिया और उसका कारण यह है क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं होना चाहता था। मैं उनकी दोस्ती के काबिल नहीं था क्योंकि मैं उनके गुनाह में शामिल नहीं था। आज हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं कि हमारे पास सिर्फ दो ही ऑप्शंस थे। दो विकल्प थे। या तो हम राजनीति छोड़ दें और पिछले 15 16 साल जो हमने सार्वजनिक जीवन में काम किया उसे त्याग दें या फिर हम अपने अनुभव को अपनी स्किल्स को अपनी पूरी ऊर्जा और एनर्जी को लेकर पॉजिटिव पॉलिटिक्स करें।

इसीलिए हमने यह डिसाइड किया दैट वी द टू थर्ड मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट ऑफ दी बिलोंगिंग टू दी आम आदमी पार्टी इन राज्यसभा एक्सरसाइज द प्रोविजंस ऑफ द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया एंड मर्ज आवरसेल्व्स विद द बीजेपी। हम बीजेपी में विलय करते हैं। पिछले 12 सालों में भारतीय जनता पार्टी की केंद्र की सरकार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है, उसने कई मजबूत ऐसे फैसले लिए जो आज से पहले नेता फैसले लेने से शायद डरते थे। चाहे वो आतंकवाद की जड़े उखाड़ कर फेंकना हो या भारत को विश्व की टॉप इकॉनमीज़ में लाना हो। और इस नेतृत्व पर जनता ने एक बार नहीं दो बार नहीं तीन-तीन बार मोहर लगाई है।

हम सब अपने आप को सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं कि हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की लीडरशिप में और गृह मंत्री अमित शाह जी की संकल्प शक्ति के साथ जुड़कर बिना रुके और बिना थके देश के लिए काम करेंगे। और जिन लोगों के मन में थोड़ी पीड़ा थी, दुख था कि मैं बतौर एक सांसद जो ऑर्डिनरी सिटीजंस के ऑर्डिनरी इश्यूज को पार्लियामेंट में उठा रहा था।

मैं शायद नहीं उठा पाऊंगा क्योंकि मेरी अपनी पार्टी ने मेरी आवाज बंद कर दी थी। मैं उन्हें भी कहना चाहता हूं कि आप चिंता मत करिए। मैं उसी कमिटमेंट, उसी जोश और उसी एनर्जी के साथ आपके तमाम मुद्दे उठाता रहूंगा।

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