किसी का रे!प हुआ, कोई प्रेग्नेंट है! TCS में चल क्या रहा है?

नासिक में आईटी कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस के दफ्तर में जबरन धार्मिक परिवर्तन के आरोपों में सामने आने वाली निदा खान इस समय मुंबई में है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है। ऐसा उनके परिवार ने बताया। निदा खान फिलहाल फरार बताई जा रही है और उन्होंने नासिक की एक स्थानीय अदालत में एंटीिसिपेटरी बेल के लिए आवेदन किया है।

माना जा रहा है कि उन्होंने अपनी मेडिकल कंडीशन को इस याचिका में एक अहम आधार के रूप में पेश किया। अधिकारियों द्वारा इन दावों की पुष्टि आधिकारिक मेडिकल चैनल्स के जरिए किए जाने की संभावना है। जबकि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम उन्हें हिरासत में लेने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। नासिक में टीसीएस के बीपीओ यूनिट में कथित वर्क प्लेस मिसकंडक्ट की जांच में 26 वर्षीय निदाखान पर फोकस बड़ गया है।

पुलिस ने उन्हें इस मामले में एक अहम किरदार के रूप में चिन्हित किया है। जिसमें हरासमेंट और कोहशन जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। नासिक सिटी पुलिस द्वारा गठित एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। जांच में सेक्सुअल हरासमेंट, रिलीजियस कोन और कर्मचारियों के साथ अन्य तरह के के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। इस केस में कुल आठ लोग आरोपी हैं जिनमें निदा खान भी शामिल है और सभी को कंपनी ने सस्पेंड कर दिया है। कंपनी ने उनका नाम सामने आने के तुरंत बाद सस्पेंशन का फैसला लिया।

अपनी कम्युनिकेशन में कंपनी ने कहा यह आपको सूचित किया जाता है कि कंपनी को आपके खिलाफ एक गंभीर मामले की जानकारी मिली है जिसके तहत आप वर्तमान में जुडिशियल पुलिस कस्टडी में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए और इस वजह से कि आप फिलहाल अपनी ऑफिशियल ड्यूटीज नहीं निभा सकते कंपनी ने आपको तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का निर्णय लिया है। जब तक कि मैनेजमेंट इस मामले में आगे फैसला नहीं ले लेती।

कंपनी ने आगे निर्देश दिया कि निदा खान सभी ऑफिशियल एसेट्स जमा करें और इंटरनल सिस्टम्स तक उनकी पहुंच पर रोक लगा दी। साथ ही उन्हें इस मामले में सहकर्मियों से संपर्क करने से भी मना कर दिया और नियमों का पालन ना करने पर डिसिप्लिनरी एक्शन की चेतावनी दी। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि निदा खान फरार है। हालांकि उनके पिता ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि वह मुंबई में है और अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रही है।

यानी कि वह प्रेग्नेंट है। परिवार के सदस्यों ने उनकी भूमिका को लेकर सफाई दी है। उनके अनुसार निदा खान एचआर टीम का हिस्सा नहीं है बल्कि सेल्स डिवीजन में टेले कॉलर के तौर पर काम करती है। उन्होंने बताया कि उनके पास कॉमर्स की डिग्री है और वह कॉरेस्पोंडेंस के जरिए एमबीए कर रही है। उनके चाचा ने यह भी कहा कि शादी के बाद वह इस साल की शुरुआत में मुंबई शिफ्ट हुई थी। नासिक टीसीएस ।

आपको बता दें कि पुलिस नासिकस्थित टीसीएस ऑफिस में और जबरन धार्मिक परिवर्तन से जुड़े नौ मामलों की जांच कर रही है। इस मामले में अब तक सात कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें छह पुरुष है। एक महिला एचआर हेड शामिल है। पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर पिछले हफ्ते एक एसआईटी का गठन किया था।

इन महिलाओं का आरोप है कि उनके वरिष्ठ सहयोगियों ने उनके साथ मानसिक और उत्पीड़न किया और तो और एचआर डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया। यह घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की बताई जा रही हैं। पुलिस के मुताबिक एक आरोपी ने शादी का झूठा वादा कर एक कर्मचारी के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। वहीं एक अन्य कर्मचारी के साथ इनएप्रियट टच किया और उसकी पर्सनल और मैरिटल लाइफ को लेकर भी अपमानजनक टिप्पणियां की गई।

पुलिस के बयान के अनुसार जब शिकायत्तकर्ता ने इन घटनाओं को लेकर कंपनी के हेड ऑफिसर से कई बार मौखिक शिकायत की तो उन्होंने के आरोपों पर ध्यान ही नहीं दिया बल्कि आरोपियों के कृत्यों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दे दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों ने एक पुरुष कर्मचारी को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया और उसके धर्म का अपमान किया।

गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों जिन्हें बाद में सस्पेंड कर दिया गया उनकी पहचानदानिश शेख, तौसिफ अतर, रजा मेमन, शाहरुख कुरशी, शफी शेख, आसिफ अफताब अंसारी और एचआर हेड अश्विनी चैनानी के रूप में हुई है। दूसरी तरफ TCS ने कहा कि कंपनी की के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है और वह पुलिस के साथ पूरी तरह सहयोग कर रही है। कंपनी ने कहा कि TCS में किसी भी प्रकार के और कोवर्शन के खिलाफ सख्त जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। कंपनी ने यह भी कहा कि हम हमेशा वर्क प्लेस पर अपने कर्मचारियों की सेफ्टी और वेल बीइंग के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते आए हैं। कंपनी ने कहा कि जैसे ही नासिककी इस घटना की जानकारी मिली तुरंत कारवाई की गई। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को इंक्वायरी पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है।

कंपनी स्थानीय लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज के साथ सहयोग कर रही है और आगे की कारवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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