हॉरर्मूस से लौटे नौजहाज। यूएस की नाकाबंदी पर जर्मनी का बड़ा बयान। तो बड़ी खबर आपको बता रहे हैं जहां स्टेट ऑफ हार्मूस पर अमेरिकी नौसेनी नौसेना की नाकेबंदी है। यूएस सेना ने इस नाकेबंदी के दौरान नौ जहाजों को वापस ईरान भेज दिया।
जी हां, बड़ी खबर आपको बता रहे हैं। यूएस सेना ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के दौरान नौ जहाजों ने यूएस सेना के आदेशों का पालन किया और यह जहाज ईरान की ओर वापस लौट गए। जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस स्टोरियस ने चेतावनी दी है कि स्टेट ऑफ हार्मोस के जल्द फिर से खुलने की कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने साफ यह कह दिया जैसे ही नौजहाज वापस आए उनकी तरफ से यह बयान आ गया कि हमें कोई उम्मीद नहीं है। अमेरिका इजराइल के ईरान पर हमले के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस बंद है। मिडिल ईस्ट में छिड़े इस में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोस को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है। लेकिन अब अमेरिका की नाकेबंदी ने हॉर्मूस की कमान यूएस के हाथ में दे दी है।
जी हां। और इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुई शांति वार्ता की पहली बैठक के बाद ही यूएस नौसेना को हॉर्मूस की नाकेबंदी करने के आदेश भी दे दिए थे। ट्रंप ने बीते 14 अप्रैल को जी हां, ट्रुथ सोशल पर यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मूस में ईरान की बिछाई हुई बारूदी सुरंग का खात्मा करना भी शुरू कर दिया है। लेकिन इस बीच सवाल आपके मन में भी और हमारे मन में भी है कि क्या हार्मोस की नाकेबंदी मुमकिन है? क्योंकि जब से यह युद्ध शुरू हुआ है तब से एक शब्द जो चारों तरफ गूंज रहा है आपके और हमारे तक पहुंच रहा है वो है हॉर्मोंस स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोंस।
हमने कई बार चर्चा की कि आखिर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोंस क्या है? वो गलियारा वो पतला सा रास्ता जहां से दुनिया भर के जहाज गुजरते हैं। और उस पर हम सबकी निर्भरता है आपकी हमारी सबकी। जब एलपीजी संकट हुआ जब पेट्रोल और डीजल को लेकर बात होने लगी तो हमारी निर्भरता किस पर थी? उसी स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर जहां से हमारे जहाज जो है वो गुजर रहे हैं। लेकिन सवाल उससे भी बड़ा है कि क्या स्टेट ऑफ हॉर्मोस पर नाकेबंदी मुमकिन है? तो आपको बता दूं बाइडन प्रशासन के दौरान पेंटागन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय।
जी हां, उनकी वरिष्ठ अधिकारी रही डायनास्ट्रॉल ने कहा कि ट्रंप जल्दी से कोई हल चाहते हैं। सच्चाई यह है कि इस मिशन को अकेले पूरा करना मुश्किल है और मध्यम से लंबी अवधि में यह शायद टिकाऊ नहीं होगा। डेना अब वाशिंगटन इंस्टट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी में है। फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की के सीनियर फेलो मियाद मालिकी के अनुसार आपको बता रहे हैं। ईरान का लगभग 1110 बिलियन का सालाना समुद्री व्यापार का 90% से अधय इसी स्ट्रेट से होकर जाता है। और इस नाकेबंदी से देश को हर दिन लगभग 435 मिलियन लगभग 481 करोड़ हर दिन का आर्थिक नुकसान होगा। ईरान के शिपमेंट को रोकने से दुनिया के बाजारों से तेल का एक बड़ा स्रोत कट जाएगा।
कैप्लर डाटा के मुताबिक आपको अब बताते हैं। ईरान ने मार्च में 1.84 मिलियन बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल एक्सपोर्ट किया और अप्रैल में अब तक 1.71 मिलियन शिप किया गया है। जबकि 2025 में पूरे साल का औसत जो है वह 1.68 मिलियन बीपीडी था। हालांकि कैप्लर डाटा के मुताबिक आपको जानकारी दे दूं कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने से पहले ईरान के उत्पाद में बढ़ोतरी के कारण जहाजों पर ईरानी तेल का लोड लगभग रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया और इस महीने की शुरुआत तक 180 मिलियन बैरल से अधिक जहाजों पर तैर रहा है। तो ये बड़ी जानकारी आपको दे रहे थे।
सवाल यह होता है कि क्या स्टेट ऑफ हॉर्मोंस पर कब्जा करना इतना आसान है? क्या हम स्टेट ऑफ हॉर्मोंस पर नाकेबंदी कर सकते हैं? क्या अमेरिका स्टेट ऑफ हॉर्मोंस पर पूरी तरीके से नाकेबंदी कर सकता है? और वो भी तब जब ईरान यह कहता है कि स्टेट ऑफ हॉर्मोंस पर सिर्फ ईरान का हक है। ईरान उसका मालिक है।
