ईरान, यूएस, इजराइल की तो चल ही रही है। आपको पता है हजारों लोग मारे जा चुके हैं। लेकिन इसी बीच एक नई जंग शुरू हो चुकी है और वो है ट्रंप और नेतन याू के बीच। जी आपने बिल्कुल सही सुना। आपको याद ही होगा कि पिछले साल जब 12 डे हुआ था तब ट्रंप ने नेतन याू को तक दी थी और वही दौर अब फिर से शुरू हो गया है।
ट्रंप और नेतन याू के बीच में लड़ाई शुरू हो गई है। ईरान हार रहा हो या जीत रहा हो लेकिन यह तो तय है यूएस और इजराइल के बीच बहुत ज्यादा झड़प हो रही है। अब ये झड़प हो क्या रही है? ट्रंप ने ऐसा बोला क्या? नेतन याू को फिर से गरियाया क्या गरियाया? क्या बोला?
यह भी मैं आपको बताता हूं। सबसे पहला मैसेज आज सुबह का जो सबसे पहला मैसेज वाइट हाउस ने जो भेजा है इजराइल को वो था व्हाट द मैं बोल नहीं सकता एफयूसी के डब्ल्यू टीएफ दैट इज द वर्ड उन्होंने इस्तेमाल किया और नेतन याaू को बहुत कुछ बोला एक्सियोस एक इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन है जो कि खबर करते रहते हैं और बहुत ही भयंकर खबरें करते हैं बहुत ही अंदर की बातें लाते रहते हैं हमेशा से और उन्होंने आज जो एक अपडेट दी है कि ट्रंप बहुत ही ज्यादा गुस्सा हिस्सा है।
ट्रंप का मानना है कि नेतन याू ने बहुत ज्यादा बॉम्ब्स का इस्तेमाल किया। अब ट्रंप यह बोल तो रहे हैं लेकिन आज ही 1,200 किलो के ऐसे आए हैं। इजराइल के अंदर बहुत सारे में भी गए हैं। इराक में भी गए हैं। 1000 टन तक का बॉम्ब और हथियार इराक में आया है। इसी बीच ट्रंप नेतन याहू से लड़ रहे हैं। क्योंकि उनको सबसे ज्यादा जो अब डर लग रहा है वो है कि जो कच्चा तेल है वो अब $200 प्रति बैरल से भी ऊपर चला जाएगा।
आज जो सबसे बड़ी अपडेट थी वो यही थी कि कच्चा तेल $17 प्रति बैरल पहुंच चुका है। कल परसों में यह $200 तक भी पहुंच सकता है और ट्रंप को बहुत ज्यादा नुकसान झेलना पड़ रहा है। ट्रंप को यह लग रहा है कि यह वॉर उनको इसलिए रोकनी पड़ेगी क्योंकि स्टेट ऑफ फॉरमोस बंद है और जो पूरे सेंटीमेंट्स हैं ईरान के और बाकी देशों के वो उनको बदलता हुआ नजर आ रहा है।
दूसरी चीज़ ऑफ़ कोर्स जो मुस्तबामिनाई हैं वो बन चुके हैं सुप्रीम लीडर कामिन के मरने के बाद। और वहां पर जो सेंटीमेंट्स हैं वो फिर से इकट्ठा हो रहे हैं और वो ईरान प्रो ईरान और प्रो गवर्नमेंट होते जा रहे हैं। ट्रंप का डर ये है कि आप ऐसे बिल्डिंग गिरा रहे हो।
आप इस प्रकार से किए जा रहे हो। इसकी वजह से पूरा सेंटीमेंट आप जो अभी प्रोटेस्ट देख रहे थे पहले कुछ दिनों पहले शुरू होने के पहले। वो प्रो ईरान ना हो कर के एंटी ईरान थे। और यही उनका डर है कि ट्रंप की जो लोग वहां पे प्रो ईरान नहीं थे वो अब प्रो ईरान होते जाएंगे या खामई मोजत मोजतबा खामनई के समर्थन में वो आते जाएंगे इसका डर है। तो ट्रंप आप खुद तो गलती कर रहे हो। आपने लोगों को मारा और ट्रंप की विफलता का कारण ये है और ये इस प्रकार से विफल दिख रहे हैं कि वो लोगों को मार रहे हैं।
आम नागरिकों को मार रहे हैं। जबकि उनको मारना था या आईआरजीसी से टक्कर लेनी थी। उनको जो सारे मिसाइल्स थे ईरान के उसको उनको गिराना था। उसको हटाना था। उसको डिस्ट्रॉय करना था। उन्होंने बोला था कि न्यूक्लियर साइट्स को वो डिस्ट्रॉय करना चाहते हैं। ये सब तो उनसे हो नहीं पा रहा क्योंकि ईरान की स्ट्रेटजी इतनी अच्छी रही है अभी तक। तो इस वजह से उन्होंने आम जनता को मारना शुरू किया और अब उसी का असर उनको देखने को मिल रहा है कि पूरा ईरान ट्रंप से हेट करता है। इजराइल से तो वो हेट करते ही थे। अब इस प्रकार से पूरा जो ईरान के अंदर की पॉलिटिक्स है वो बदलती हुई ट्रंप को नजर आ रही है और ट्रंप की हर जगह थूथू हो रही है। अब जो पूरा मामला है पेट्रोल का और कच्चे तेल का $200 प्रति बैरल अगर यह पहुंच जाता है तो इमेजिन करिए पूरे दुनिया में किस लेवल का इनफ्लेशन आ जाएगा और कितनी तबाही मच सकती है। और यह केवल पेट्रोल की बात नहीं है, डीजल की बात नहीं है, कच्चे तेल की बात नहीं है। से दुनिया की हर एक चीज बहुत ही महंगी हो जाएगी। चाहे वो फल हो, सब्जी हो, सब कुछ बहुत महंगा हो जाएगा। अब ये ट्रंप नेतन याू क्लैश में हुआ क्या यह मैं आपको और भी डिटेल में थोड़ा समझाता हूं।
एक्सियोस ने क्या-क्या बोला है और क्या उनकी खबर है वो थोड़ा समझाते हैं। जो ट्रंप के सलाहकार हैं उन्होंने बहुत ज्यादा नाराजगी जताई है और एक्सियोस से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप को यह सब कुछ पसंद नहीं आ रहा जो कि अभी इजराइली पीएम कर रहे हैं। राष्ट्रपति तेल बचाना चाहते हैं। उसे जलाना नहीं और यह हो रहा है कि पीएम नीतन याू बहुत सारे ऑयल जो डिपो हैं और जो ऑयल रिफाइनरी सेंटर्स है उस पे अटैक कर रहे हैं और उसके बदले ईरान भी बाकी ऑयल डिपो पे अटैक कर रहा है। आज ही की खबर है कि बहरेन के ऑयल डिपो को ईरान ने पूरे तरीके से जला दिया। पूरे तरीके से खाख कर दिया। अब ईरान की चेतावनी फिर आई है।
दूसरी ओर ईरान की जो चेतावनी है वो खताम अल अनबिया सेंट्रल हेड क्वार्टर्स जो है उसके प्रवक्ता ने दी है और उन्होंने कहा है कि वो कहीं भी अटैक करेंगे। किसी भी प्रकार का करेंगे क्योंकि अब वो ईरान पे जो अटैक हुए हैं और जो लोगों की मृत्यु हुई है उससे वो बहुत खफा हैं। उनको जो यूएस के फोर्सेस हैं या इजराइल के फोर्सेस हैं उनको एटलीस्ट आम लोगों को नहीं मारना चाहिए था। सैनिक ठिकानों पे हमला करना चाहिए था। इस वजह से बहुत ज्यादा गुस्सा है ईरान।
और अब समझिए कि किस प्रकार से दोनों के बीच मतभेद हुए हैं। यह वॉर जितना आसान दिख रहा था ट्रंप को वो उतना ही ज्यादा अब कॉम्प्लिकेटेड होता जा रहा है। और ट्रंप नेतन याू जो पिछली बार लड़े थे 12 डे वॉर में और ट्रंप ने बहुत गालियां दी थी नेतन याू को वैसा ही रुख फिर से ट्रंप अपना रहे हैं। और ये ट्रंप की खलबली है। ट्रंप के अंदर की खलबली है कि जितना उन्होंने बकवास किया।
जिस प्रकार से उन्होंने अपने आप को दिखाया कि हम बहुत महान देश हैं और बहुत आसानी से ईरान को हरा देंगे। अब उनका पूरा पासा जो है वो उल्टा पड़ चुका है। पलड़ा ईरान का भारी होता जा रहा है। इस वजह से ट्रंप के मन में खलबली शुरू हो चुकी है। अब देखिए साइपरस में क्या होता है। वहां पर टर्की की एंट्री हो चुकी है।
टर्की किस प्रकार से रिएक्ट करेगा और यूएई में कुछ लोगों की मौत हुई है। यूएई [संगीत] के सैन्य अधिकारी मारे गए हैं दो। तो आप समझिए कि यह मामला कितना बढ़ता जा रहा है, गंभीर होता जा रहा है। अब अगर पेट्रोल के दाम, डीजल के दाम बढ़ते हैं पूरे दुनिया में कच्चे तेलों के दाम तो बढ़ ही चुके हैं। अगर यह $200 प्रति बैरल जाता है तो बहुत ही
