इजरायल पर रूस का दावा सुन हिल जाएगा भारत।

रूस की मीडिया ने इजराइल पर एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर 57 मुस्लिम देश तो हिल ही जाएंगे लेकिन भारत भी चौंक जाएगा। क्या सही में न्यूक्लियर हथियारों को लेकर ही इजराइल और ईरान के बीच हुई है या फिर इसके पीछे एक बहुत बड़ा राज छिपा है? इस जंग में अब जिस तरह से ईरान और खाड़ी देश आपस में लड़ रहे हैं, उसे देखकर लग रहा है कि यह अब एक धार्मिक बन गई है। यानी यह जंग अब शिया सुन्नी बवाल में बदलती जा रही है।

लेकिन क्या इजराइल सच में यही चाहता था? क्या शिया सुन्नी जंग के बीच इजराइल यहूदियों का तीसरा सबसे बड़ा रहस्यमई मंदिर बनाने की कोशिश में है? सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम देशों में अफरातफरी मचाकर इजराइल यरूशलम में अल अक्सा मस्जिद को नष्ट करना चाहता है ताकि उसी जगह पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बनाया जा सके। रूसी मीडिया के मुताबिक इजराइली सैनिकों की वर्दी पर एक होश उड़ा देने वाली चीज दिखी है।

इस वीडियो में हम आपको इजराइल के उस रहस्यमई तीसरे मंदिर के बारे में बताएंगे जिसकी चर्चा अब पूरी दुनिया में हो रही है जिसने 57 मुस्लिम देशों को हिला दिया है। क्या इजराइल में भी अब मंदिर वहीं बनाएंगे कि आंधी शुरू हो गई है। आइए यह वीडियो शुरू करते हैं। दरअसल कई लोग दावा कर रहे हैं कि इजराइल यरूशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद को हटाकर वहां यहूदियों का सबसे बड़ा मंदिर बनाना चाहता है। आपको बता दें कि यरूशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद जिस टेंपल माउंट पर स्थित है उसी जगह पर यहूदियों का प्राचीन मंदिर हुआ करता था। टेंपल माउंट पर यहूदियों का पहला मंदिर किंग सोलोमन ने बनवाया था जिसे सदियों पहले बेबीलोन के लोगों ने तोड़ दिया था। इसके बाद उसी जगह पर दूसरा मंदिर बनाया गया।

लेकिन लगभग 2000 साल पहले रोमंस ने उस मंदिर को भी गिरा दिया। तभी से टेंपल माउंट पर कोई मंदिर नहीं है। टेंपल माउंट पर जिस जगह यहूदियों के दो मंदिर थे, उसी परिसर में अब अल अक्सा मस्जिद है। आपको बता दें कि मक्का मदीना के बाद मुस्लिमों की सबसे पवित्र अल अक्सा मस्जिद ही मानी जाती है। लेकिन इजराइल के लोग सदियों से विरोध करते आए हैं कि जिस टेंपल माउंट पर अल अक्सा मस्जिद है, वहां पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बनना चाहिए। इजराइल के लाखों लोगों ने कहा है कि अब टेंपल माउंट पर तीसरा मंदिर बनाने का समय आ गया है।

रूसी मीडिया ने इजराइल के कुछ सैनिकों की फोटो पोस्ट की है जिसमें उनकी वर्दी पर टेंपल माउंट की तस्वीरें दिख रही हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या ईरान, इजराइल और मिडिल ईस्ट में जो कुछ हो रहा है वो एक धर्म युद्ध का हिस्सा है? क्या इस जंग में यहूदी और ईसाई मिलकर इस्लाम के खिलाफ लड़ रहे हैं? वैसे आपको बता दें कि इजराइल ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। इजराइल जानता है कि अल अक्सा मस्जिद को हटाया गया तो दुनिया में बवाल खड़ा हो जाएगा। लेकिन फिर भी कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि इजराइल ने ईरान के सबसे बड़े शिया धार्मिक नेता खामनई को क्यों मारा? इजराइल ने यह जंग सुन्नी बहुल मिडिल ईस्ट में क्यों फैला दी? क्या इसका मकसद सिर्फ यह था कि शिया सुन्नी आपस में लड़कर कमजोर हो जाए और इजराइल टेंपल माउंट पर अपना तीसरा मंदिर बना सके?

यानी इसका सीधा मतलब यह है कि यहूदियों का तीसरा मंदिर तभी बन सकता है जब टेंपल माउंट परिसर से अल अक्सा मस्जिद हट जाए। एक प्रमुख अमेरिकी पत्रकार टकर कालसन ने ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहे अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगथ का एक पुराना बयान पोस्ट किया जिसमें वो यहूदियों के तीसरे मंदिर को बनाने की वकालत कर रहे हैं। ऑफ द टेंपल ऑन द टेंपल। बयान पुराना है लेकिन बयान देने वाला शख्स आज ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहा है। इजराइल के अखबारों में भी इस मुद्दे पर अब चर्चा हो रही है।

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