भरभराकर गिरेंगे सोने के दाम 1 लाख के नीचे जाएगी कीमत ?

वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों को सहारा देने वाली केंद्रीय बैंकों की खरीद अचानक से धीमी पड़ गई। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की नई रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2026 में [संगीत] केंद्रीय बैंकों की गोल्ड खरीद पिछले साल के मुकाबले करीब 80% गिर गई।

जिसमें बाजार में यह सवाल उठने लगा है कि क्या सोने की तेजी रुकने वाली है या फिर यह अस्थाई ब्रेक है। रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी में केंद्रीय बैंकों ने कुल [संगीत] सिर्फ 5 टन सोना खरीदा।

जबकि पूरे 2025 में औसतन हर महीने 27 टन की खरीद हो रही थी। यानी खरीद की रफ्तार में ते गिरावट देखने को मिली है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एशिया पेसिफिक सीनियर रिसर्च लीड मारिसा सलीम के मुताबिक साल की शुरुआत में सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और मौसमी कारणों की वजह से कई केंद्रीय बैंकों ने फिलहाल खरीद [संगीत] धीमी कर दीसाल की शुरुआत अक्सर कई केंद्रीय बैंकों के लिए शांत अवधि होती है।

जिससे खरीद के आंकड़ों पर असर पड़ सकता है। हाल के महीनों में भू राजनीतिक तनाव और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में रिकव रिकॉर्ड स्तर तेजी आई है। ऐसे में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव होने पर रिजर्व मैनेजर अक्सर खरीद को कुछ समय के लिए टाल देते हैं। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक सोने को रणनीतिक रिजर्व के रूप में छोड़ नहीं रहे।

साल 2022 के बाद से दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं ताकि पारंपरिक रिजर्व मुद्राओं खासकर अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम की जा सके। [संगीत] वहीं खबर आ रही है कि रूस से अब चीन सोना खरीद रहा है जिसका असर अब कीमतों पर भी पड़ सकता है। इसीलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि क्या एक बार फिर से सोने की कीमतें 1 लाख के नीचे आएगी।

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