अगर आप भी बैंक के लोकर में ज्वेलरी या कैश रखते हैं तो हो जाइए सावधान क्योंकि इस वक्त कीर्ति नगर के पंजाब नेशनल बैंक के लोकर से हो चुका है। ज्वेलरी जो रखी थी वो गायब हो चुकी थी और हमारे पास पुलिस परिवार है। उनसे बात करते हैं। सबसे पहले अपना नाम बता दीजिए। महक ढींगरा। क्या रखा हुआ था लोकर में आपने? गोल्ड रखा था। कितना गोल्ड रखा हुआ था?
मेरी मदर इन लॉ और वीना ढींगरा और मेरी जेठानी मीनाक्षी ढींगरा और इन दोनों का जॉइंट अकाउंट था और गोल्ड हम तीनों का पड़ा था और मेरे फादर मतलब मेरे हस्बैंड का थोड़ा सा था थोड़ा सा था मेरे ब्रदर इन लॉ का मतलब पांचों का गोल्ड था तो कितना होगा करीबन कितने कितने अब लगा लो वो एक वो कह रही है 45 तोले था वो कह रही है 30 था और मेरा लगा लो 35 के अराउंड था 30 35 के अराउंड मेरा था लाख का उनका तोलेगा और ये मैं आपको दिखा देती हूं लास्ट एंट्री थी इनकी इनको ना ये बोला गया था कि आपका ना अकाउंट फ्रीज हो आपको रिन्यू कराना है। तो ये जब आई ना तो इनको बोला कि आप ना इतने टाइम से करा नहीं रहे हो तो आपका ना सेंट्रल ऑफिस चला गया मामला। तो मैंने इनको उस टाइम भी कहा कि भाभी ऐसे ना होता नहीं है।
आई एम अ चार्टर्ड अकाउंटेंट मगर मेरा बहुत हेक्टिक रहता है। तो मैंने कहा चलो ठीक है करा लेंगी। फिर क्या हुआ बीच में इनको ब्रेन हैमरेज हुआ। दो-ती महीने वो बीमार थी। फिर ये बीच में एक आध बार गई। तो फिर उनको बोला गया कि आज वो मैडम नहीं है। एक आध बार आपके पहले अब आपने पैसा जमा करा दिया। अब आप पहले अपनी पासबुक कराओ। पासबुक वाला आज बैठा नहीं है। इसको कल आना। कि आजकल आजकल सीन ना मैं इनको ना बहुत ज्यादा बोलने लगी थी कि भाभी इतना टाइम नहीं हो सकता है।
आप बहुत लंबा खींच रहे हो। फिर शी वास स्टार्टेड कमिंग रेगुलर बेसिस और फिर इनको कुछ ना कुछ एवरी टाइम शी वास गिवन समथिंग और अदर कि हां बोली दे दी थी आप आज आना कल आना। तो कल हमारे घर में बहुत झगड़ा हुआ। मैंने कहा आज मैं चलती हूं। आज मैंने अपनी जॉब की छुट्टी की। मैंने कहा आज मैं आके देखती हूं। जब हम आज देखते हैं। इन्होंने ऐसा नहीं है। आज बिल्कुल एक्सेस बड़े आराम से दिया है। और जैसे ही एक्सेस दिया। आई वाज आल्सो वैरी हैप्पी कि चलो आज एक्सेस मिल गया है। पता नहीं क्या था। मैं ही इतना कुछ सोच रही थी ओवरथिंक कर रही थी मैं जैसे ही वो गए हैं उसने अपनी चाबी लगाई है वो बाहर गया मैं इन्होंने अपनी चाबी लगाई है और जैसे ही खोला है पूरा अकाउंट पूरा लॉकर खाली उसके अंदर ये थैलियां थी आप देखो जो जो भी है आप इनकी कांस्परेसी देखो ये थैलियां थी और उसका लॉजिक अब मेरे को समझ में आ रहा है मैं बताती हूं क्यों ये जो थैलियां थी और इसके अंदर एक दो एक मंगलसूत्र की सिर्फ तार थी क्योंकि उसके अंदर ब्लैक बीड्स होती है तो जैसे ही मैंने लॉकर ऑफिसर के आगे डाली हंस रहा है। कह रहा है खुद करके बैठी है और ऐसे बोल रही है। मैंने कहा माइंड यू आर टॉकिंग टू हुम। मैंने कहा आई एम अ चार्टर्ड अकाउंट है।
मैं 40,000 का टीडीएस फाइल करती हूं हर साल। मेरी कोई ब्लैक की इनकम नहीं है और अब मैं टैक्स भरती हूं इस देश के अंदर। तो उसके बाद जब मैं उनकी ब्रांच ऑफिसर आई थोड़ी पहले और फिर जोर-जोर से बोल रही हूं जब ये आए जब मैंने शोर मचाया क्योंकि गप्पे खाली करके दिखाए। इन लोगों ने ये कांस्टेंसी खानी थी कि हमने कुछ किया है। हम क्यों करते जब मैं मेरे लिए वो जो गोल्ड है ना मैं जोड़ लूंगी। मैं आज भी कर रही हूं कर लूंगी। परदेश इस देश में ना मेरे को विश्वास नहीं है। फिर इन लोगों ने हम लोग इन जब इन लोगों को बुलाया इन लोगों ने जरा सा भी यार रिएक्ट भी नहीं करेगा बंदे का इतना गोल चला गया। कहते जाओ जाओ एफआईआर करो। ब्रांच मैनेजर नहीं है। ये दो महीने पहले और जो ये जो आज लॉकर ऑफिसर था उसने बताया ही नहीं। मैं उससे पूछ रही हूं तू कब से बैठ रहा है। उसने मुझे नहीं बताया। उसने आईओ को बताया कि मैं दो महीने से बैठ रहा हूं। और उससे पहले दूसरी वाली लड़की वो कह रही है मैं एक साल से हूं। तो आप लोगों ने मुझे कैसे गलत ठहरा रहे हो भाई? कंप्लेंट कर दी गई है। कर दी गई है। पर अभी मुझे कोई विश्वास है नहीं सर। आज आप लोग सब कल सब चले जाएंगे। कल मुझे कोई गारंटी है? अब आप ये देखो ये साफ एंट्री है। ये देखो 47 2024 की एंट्री है। और उसके बाद आज एक्सेस दी है इंस्पाइट ऑफ़ मल्टीपल फुटबॉल्स। छ महीने से कभी सर्वर डाउन है। कभी सर्वर डाउन है। और कल उनको ये बोला गया जो मदर इन लॉ है। लॉकर वाले की मदद इन लॉ एक्सपायर हो गए। चार दिन बाद आना। उसी टाइम मैंने ना वापस जाओ। जरा मुझे बोलो। उनको बोलो कि आज हम अगर नहीं एक्सेप्ट किया ना तो हम पुलिस में गए मैं वो वो कंप्लेंट में लिख के आई हूं उससे पहले आपको लॉकर खोलने तक नहीं दिया नहीं वही तो दिख रहा है ना और आज मैं देख रही हूं बाकी लॉकर एंट्री हो रही है झगड़ा शुरू हुआ है मैं पास था ही वाज देयर और वो कौन हमको सीधा यही दिखाने की कोशिश तुम लोग गलत हो तुम लोग गलत हो पूरा लॉकर खा लिया है वो पेंशन मैं क्या बताऊं आपको मैं यहां से काउंसलर रहा हूं और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे आना यहां पे आना पड़ा अपना परिवार परिवार भी है ये ढींगरा परिवार विपिन मल्होत्रा तो जब मैं अंदर आया क्योंकि इन्होंने बुलाया कि परेशानी हो रही है मैं अंदर गया तो बैंक का स्टाफ कोपरेट नहीं कर रहा था ये विडो लेडी है जिसका पूरी जीवन का गोल्ड चोरी हो जाए और स्टाफ ऊपर से बदतमीजी करे तो रोना तो आएगा और दुख भी होगा तो बैंक पे मैंने दबाव बनाया और रीजनल मैनेजर उनके आए यहां पे नीरज जी और उन्होंने यहां पे सबको बोला फिर पुलिस एसओ से मेरी बात हुई और की टीम आई है जांच बना के ले गई है।
अब उनकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है अब वो कह रहे हैं कि आप पुलिस स्टेशन आओ हो हम आगे इन्वेस्टिगेशन करेंगे। मैंने अभी भी एसएसओ से बात करी है। किसी भी हाल में जो दोषी है बैंक का एम्प्लई क्योंकि उसकी मिलीभगत के बिना यह काम हो सकता। अगर वो दोषी है तो हम छोड़ेंगे नहीं। उसकी पूरी को मैं आपको बताऊं बार-बार अब मुझे फसेस तो पता नहीं है। मल्टीपल लोग कोई यहां से आके कह रहा है। कोई यहां से कह रहा है सोच समझ के बात करना। तुम्हारे अगेंस्ट चला जाएगा। सोच समझ के बात करना। अरे क्या अब मैं क्या चाह रहा हूं कि वो ब्रांच मैनेजर है या कौन बात कर रहा है? मिलना कुछ नहीं है। जो मर्जी कर लो। मिलना कुछ नहीं है। हु इज डूइंग दैट। आई डोंट नो दैट ठीक नहीं था। इस टाइम जो हालात चल रहे हैं ये इनके नाम बता दीजिए। वीना कितना सामान रखा हुआ था आपका? मेरा 35 40 का मेरा है। मेरी बहू का है। 40 45 और इसका है। इसका भी 2025 है। इसका भी हम रोज आते हैं। हमें रोज चक्कर पे चक्कर कटवा रहे हैं। आज हम कल भी थी। कल भी कल भी आई हूं। कल भी आई हूं मैं। फिर इन्होंने कहा आज नहीं हो सकता। आज मैडम नहीं आई है कल आना कल आना ये पिछले हफ्ते आए हैं हम अब जितने चक्कर इन 15 दिनों में हमने 50 चक्कर काटे हैं हमें कोई वो नहीं हो रहा ये तो कल इसने हमने शोर मचाया है हमने कहा आज तुम करोगे तो हम पुलिस लेके आएंगे कहां रहते हैं आप मोतीगर मोतीगर ये हमारे क्षेत्र के ब्रांच ये मोती नगर की अपोजिट पड़ती है हां जी छ महीने से आज देश के हालात ऐसे हो गए हैं पहले तो पब्लिक लगता था सुरक्षित नहीं है मगर आज तो बैंकों में पड़ा हुआ माल भी हम लोग बड़ी सुरक्षा समझते हैं कि लॉकर में सामान रखा जाएगा।
जब करोड़ों रुपए का सामान चोरी हो जाएगा। एक पीड़ित परिवार खड़ा है जिसकी कोई सुनवाई नहीं। सुनने में आया कि पिछले छ महीने से ये लोग बहुत परेशान हो रहे हैं। ये नहीं समझ में आ रहा कि ये लोग क्यों तंग कर रहे थे? क्या इनके मन में था? क्या इनके स्टाफ के आदमी मिले हुए थे? क्या इनके स्टाफ के लोगों को मालूम था कि इनका सामान अंदर पड़ा हुआ है और जो छ महीने से यह लोग इसका सफर कर रहे थे परेशान बार-बार इनको परेशान किया जा रहा था। आज इनको अगर आराम से खोलने दिया है कोई ना कोई सेटिंग करके जो पुराने लोग जो यहां से जो ट्रांसफर हो चुकी है जिनको निकाल दिया गया है ये मेरी गृह मंत्रालय से गुजारिश है अगर इसके ऊपर कारवाई ना हुई तो यह बड़ा अत्याचार होगा इस फैमिली के ऊपर क्योंकि वो विडो है और इनकी जो बहू है बड़े वाली वो उसके हाथ में छेद भी है ब्रेन हेमरेज भी हुआ पड़ा है अपने पैसे के लिए अपना पैसा अगर इन्होंने कहीं इस्तेमाल करना था इलाज में तो आज इनके हाथ में वो सारा निकल गया है। हम आपके चैनल के माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि इनको इंसाफ मिले। गृह मंत्रालय को इसमें दखल अंदाजी करनी चाहिए। अगर वह भी नहीं करते तो सुप्रीम कोर्ट को इसकी ओर ध्यान देना चाहिए कि बैंकों में अगर हम सुरक्षित नहीं है। कहां सुरक्षित शुरू हुआ है ना जी जब इसका झगड़ा शुरू हुआ है तब मैं बिल्कुल पास था। इसने ये पीले वाला झोला खाली किया। खाली किया बैंक के सारे सामने। सबके सामने जी सबके सामने खाली किया मैं बैंक अच्छा मैं अपने काम आया था मैं कोई ये तमाशा देखने नहीं आया लोग तो जैसे बैंक वाले सारे एम्प्लई इसका मजाक उड़ा रहे हैं सर छ महीने से हमें सिर्फ बेवकूफ बनाया जा रहा है कि कभी सर्वर डाउन है कभी मैडम नहीं आई कभी मैनेजर नहीं आया जितनी बार आए हैं हम मैनेजर तो हमें एक भी बार नहीं मिला यहां पर और जितनी बार आए हैं हमें सिर्फ बेवकूफ बना के वापस भेज दिया गया अब हमने जब इन्हें दो दिन से बोल रहे कि हम पुलिस कंप्लेंट करेंगे तो उसके बाद आज छ महीने की सारी फुटेज डिलीट हो जाती है ऑटोमेटिकली की। ठीक है? वो डिलीट कर हो गई। उसके बाद आज इन्होंने देखा होगा डिलीट हो गई। आज इन्होंने हमें खोलने दिया। खोलते ही सारी थैलियां खुलवा सर 6 महीने से यही बता रहे हैं। महीने से आया हुआ था। एक तो ये नोटिस आया था कि ना इनको बहाना ऐसे मिला कि वो लिखा था कि आपने ना अपना टॉपअप नहीं कराया। एफडी के अगेंस्ट था ना तो आपका अमाउंट शॉर्ट हो गया। तो फिर जब ये करा के आई है तो उन्होंने कहा कह रहे हैं कि अब ना ये पीछे जाएगी फाइल। सेंट्रली आपका लॉक खुलेगा। फ्रीज कर दिया गया था। हां फ्रीज कर दिया गया था। फिर उनको कहा था आप चार महीने। मैंने कहा भाभी चार महीने में लगते नहीं है। इन्होंने बोला कि चार महीने में आपका अकाउंट खुलेगा। ये फ्रीज हो गया था। फ्रीज अकाउंट तो दो दिन में ही खुल जाता है। जब हमने पैसे नहीं जमा कराए दिए। मैंने कहा मैं फ्रंट एंड बैंकिंग सर्विस में नहीं हूं। मैंने कहा शायद मुझे गलती लग रही है। शायद वो सही बोल रही होंगी। फिर उसके बाद उनका ब्रेन हेममेरेज हो गया।
जी जिसको भी पता था ना यह पता था कि ये लोग इतने अवेयर नहीं है। ये मल्टीपल टाइम्स आए हैं। इनका लॉक्ड है। ये जो प्रीड अकाउंट है ना उसका फायदा उठाया गया है। सात जो 7 जुलाई जो 24 जो भी डेट है उसके बाद से हम आज खड़े हैं। ही हैज़ सम मल्टीपल टाइम्स और एव्री टाइम देयर वाज़ अ डिफरेंट पर्सन गिविंग डिफरेंट थिंक। आज ये है आज वो है आज अपडेटेड नहीं है। ये सब बोल-बोल के आज जब हम आके देख रहे हैं तो सब कुछ खाली है। एक बार जिनको प्रेशर से हमने बुलवाया रीजनल मैनेजर है नीरज जी। रंजना प्लेस पे बैठे हैं। एक बार आप उनका बयान लीजिए। वो क्या कहते हैं? हम आपको दिखाते हैं कि यह पंजाब नेशनल बैंक है और लोग अपने अकाउंटों में पैसे भी जमा करते हैं और जो जमा पूंजी है जो ज्वेलरी है वो भी जमा करते हैं।
लेकिन आप सावधान हो जाइए क्योंकि लोकर से अगर ज्वेलरी गायब हो जाती है या पैसा गायब हो जाता है तो कहीं ना कहीं सोचने वाली या समझने वाली बात है क्योंकि अगर लोकरों से जो जमा पूंजी गायब होती है तो कहीं ना कहीं अगर किसी का भी पैसा जमा है तो सावधान हो जाइए आगे के लिए ध्यान रखिए क्योंकि लोकर से जो कीर्ति नगर का जो पंजाब नेशनल बैंक है उसके लॉकर से ज्वेलरी गायब हो चुकी है तो अब सावधान होने की बात है हालांकि पुलिस को कंप्लेंट कर दी गई पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लेकिन जिसका ज्वेलरी थी, जिसकी जमा पूंजी थी, वह उनके हाथ से निकल गई थी। क्योंकि जैसे ही उन्होंने नौकर खोला है तो उनके हाथ में सिर्फ थैली हाथ में लगी है और कुछ नहीं लगा। तो इसलिए जो परेशान है परिवार है वह भी
