भारत से वापस जाते ही इस शख्स ने हिलाई दुनिया!

7 अप्रैल को भारत में एक व्यक्ति पहुंचा और कई हाई प्रोफाइल मीटिंग्स का दौर शुरू हो गया। इस व्यक्ति ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। अजीत डोबाल से भी मुलाकात की। उसके बाद पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की। इसके बाद यह व्यक्ति अपने देश निकल गया।

लेकिन उसके बाद जो हुआ वो संयोग था या प्रयोग उसकी जानकारी हमें तो नहीं है लेकिन जो खेल हुआ वो होश उड़ा देने वाला था। दरअसल ये शख्स हैं बांग्लादेश के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर खलील उर रहमान खलील उर रहमान की भारत यात्रा के बाद बांग्लादेश में बहुत बड़ा खेल हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक खलील उर रहमान जब भारत से वापस गए तो बांग्लादेश एयरफोर्स के अलग-अलग एयर बेसिस पर रेड पड़नी शुरू हो गई।

कई बांग्लादेशी एयरमैन और पायलट्स को पकड़ लिया गया। जानकारी सामने आई कि इस एक्शन के बाद कई बांग्लादेशी एयर मैन और पायलट्स देश से भाग गए। कई पुर्तगाल निकल गए कुछ तुर्की और कई पाकिस्तान। अब रिपोर्ट सामने आ रही है कि बांग्लादेशी एयरफोर्स के अधिकारी और जवानों के संबंध संगठनों से थे। अब आप ही सोचिए कि किसी देश की एयरफोर्स के जवान के टच में हो और वो देश भारत का पड़ोसी हो तो खतरा कितना बड़ा है। लेकिन मामला इसके बाद और पेचीदा हो गया।

अपने के भारत से लौटने के बाद ही बांग्लादेश की सरकार ने अपनी ही एयरफोर्स पर रेड डालनी क्यों शुरू कर दी? बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों ने इन्वेस्टिगेशन शुरू की तो यह पता चला कि कुछ l अपने लोगों को बांग्लादेश की एयरफोर्स में भर्ती करवाना चाहते थे। बांग्लादेश की एयरफोर्स में पहले से ही काम कर रहे एयरमैन को भी खरीदना चाहते थे। पैसे और लड़कियों का लालच देकर इस्लाम की दुहाई देकर। चाहते थे कि बांग्लादेशी एयरफोर्स के यह अधिकारी रडार वेपन सिस्टम और फाइटर जेट्स की सारी डिटेल्स उन्हें दे दे। बांग्लादेशी एयरफोर्स की बड़ी-बड़ी जानकारियां उन्हें दे दे।

के टारगेट पर बांग्लादेश के जशोर, चटगा और ढाका एयरबेस थे। इन्हीं बेसिस पर काम करने वाले पायलट्स को खरीदा जा रहा था। यह सारा खेल भारत के आसपास चल रहा था। जिन अधिकारियों को पकड़ लिया गया, उनकी इंटेरोगेशन के दौरान पाकिस्तान का नाम निकल कर आया।

पाकिस्तान से पूछा गया तो उस मक्कार और झूठे देश ने अपने ही देश के आतंकी संगठन टीटीपी का नाम लगा दिया। यानी सबसे पहले यह बात तो सच निकली कि बांग्लादेशी पायलट्स और एयरमैन आतंकियों के संपर्क में थे। वो भी पाकिस्तान में। पाकिस्तान को लगा कि टीटीपी आए दिन पाकिस्तानी सेना पर हमले करता रहता है। ऐसे में टीटीपी को ही फंसा देना चाहिए।

लेकिन इसके बाद टीटीपी ने जो किया वह होश उड़ा देने वाला था। TTP ने कहा कि हमारा बांग्लादेश की एयरफोर्स से कुछ लेना देना नहीं है। यह सारा काम पाकिस्तान ने कराया है और नाम हमारा ले लिया है। बताइए आतंकी संगठन ने भी बयान जारी करते हुए पाकिस्तान को फंसवा दिया है। यानी वो पाकिस्तान ही था जो बांग्लादेश की एयरफोर्स के अधिकारियों को खरीद रहा था। आपको याद दिला दें कि मोहम्मद यूनुस जब बांग्लादेश के प्रधानमंत्री थे तो उसी दौरान पाकिस्तान की ने ढाका में पाकिस्तानी दूतावास में अपना ऑफिस तक खोल दिया था।

उसी समय से यह खेल चल रहा है। लेकिन अब सवाल है कि बांग्लादेशी एनएसए की भारत यात्रा के बाद ही इस खेल का पर्दाफाश कैसे हुआ। कुछ एक्सपर्ट्स अंदाजा लगा रहे हैं कि यह खुफिया जानकारी शायद भारत ने ही दी थी। मगर फिर भी बांग्लादेश भारत के दिए हुए इनपुट पर इतना बड़ा एक्शन क्यों लेगा?

इसका जवाब यह हो सकता है कि बांग्लादेश भारत पर निर्भर था और भारत पर ही निर्भर रहेगा। बांग्लादेश को तेल चाहिए जो भारत उसे दे रहा है। अब तेल की कीमत तो चुकानी ही पड़ेगी।

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