मोहलत दी, सेना भी भेजी, ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा ?

ट्रंप जो है जिन्होंने इस वॉर को शुरू किया। अब इस वॉर को खत्म करने की बात कर रहे हैं। इजराइल के साथ शुरू किया था। इजराइल साथ में नहीं दिख रहा है। नाटो उनके साथ नहीं दिख रहा है।

एक अंतर्विरोध से भी भरा हुआ है उनके यहां का देश का माहौल, जनता का माहौल। क्या ऐसा हो रहा है कि डॉन्ड ट्रंप अपने यहां इस में अकेले पड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं? प्रेसिडेंट ट्रंप ने कल ये बात ऑब्वियसली कही और बहुत यू नो एकदम बिना मिस किए कही बात कि देखिए नेटो एलस जो है उन्होंने भी इतनी सहायता जितनी कर सकते थे उतनी नहीं की हमारी हेल्प नहीं की। ऑस्ट्रेलियन प्राइम मिनिस्टर को भी लपेट लिया। उन्होंने भी ये कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने भी वा सरप्राइज उनके जो वर्ड से मैं सरप्राइज है की ऑस्ट्रेलिया से भी कोई हेल्प नहीं हुई। तो कहीं ना कहीं ऐसा ऐसा मीन उन्हें लग रहा है.

शायद प्रेसिडेंट ट्रंप को ऐसा लगता है कि जिस फोर्सफुल तरीके से बाकी जो यूरोपियन एलआई है उन्हें आना चाहिए था शायद वो नहीं आए और इसकी वजह भी यही है काफियों ने ये कहा है कि उन्हें कंसल्ट नहीं किया गया था इस वॉर को लेके उन्हें नहीं बताया गया था इस वॉर के बारे में और अभी भी जो एक क्लेरिटी है वो शायद नहीं है वेस्टर्न एल के पास या अमेरिका के जो ट्रेडिशनल एलई है उनके पास तो ऐसा प्रेसिडेंट ट्रंप को लगता है कि वो शायद इस युद्ध को सिर्फ इजराइल के साथ लड़ रहे है.

लेकिन हालांकि हमने देखा है कि काफी जो बाकी के जो ट्रेडिशनल एलआई है इंग्लैंड की हम बात कर ले फ्रांस की हम बात कर ले वो कोशिश कर रहे हैं हेल्प कर रहे हैं स्टेट ऑफ हार्मस में इसको ओपन करने के लिए साथ ही साथ सेक्रेटरी रूबियो जो है वो आज फ्रांस में है जी7 की मीटिंग कर रहे हैं उनसे भी जब ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा देखिए मैं यहां पे किसी को खुश करने नहीं आया हूं हम बहुत सारी चीजें डिस्कस करने वाले हैं जिसमें यूक्रेन रशिया का युद्ध भी है और ईरान भी है तो उन्होंने स्ट्रेटेजिकली ये बताने की कोशिश की कि मेरा एजेंडा जो है इट्स यू नो वांट टू टॉक अबाउट रश एंड यूक्रेन बट ईरान के बारे में भी बात जरूर होगी।

तो आई थिंक प्रेसिडेंट ट्रंप ये जरूर उनको ऐसा लगता है कि उनके जो एलई है वो इतनी फोर्सफुली नहीं आए। लेकिन हमने ये भी देखा है कि बैक चैनल टॉक्स जैसा की हम इस वॉर में देख रहे है हो रही है कोऑर्डिनेशन भी हो रहा है। फोन कॉल्स भी हो रहे हैं यहां से यूरोप की तरफ। बट जितना पब्लिकली सपोर्ट प्रेसिडेंट हम एक्सपेक्ट करते थे। शायद उतना उन्हें देखने को नहीं मिला है।

और इसलिए शायद हो सकता है कि वो ऐसा फील कर रहे हैं कि वो अकेले हैं सिर्फ इजराइल के साथ इस युद्ध में। यूएस एडमिनिस्ट्रेशन जो है उसके अंदर क्या माहौल है? देखिए एडमिनिस्ट्रेशन में अगर हम जो कैबिनेट की बात करें या सब सभी लोगों की बात करें तो आई थिंक एक कंसेंसिस है कि ये वॉर जरूरी था। आप पीट हेक्स के बयान सुन ले आप सेक्रेटरी रूबे के बयान सुन ले प्रेसिडेंट की बात सुन ले। इनिशियली ये बात ऐसी आई थी मीडिया में कि जेरी वस जो है वो शायद इस वॉर को लेके खुश नहीं है। लेकिन उन्होंने भी कल जब कैबिनेट की हमने जो मीटिंग्स देखी उन्होंने उन्होंने भी समर्थन किया इस का ये कहा कि ये वॉर जो है जरूरी था। हालांकि इसे ऑपरेशन कहा जाता है अमेरिका में और अब जो सबसे महत्वपूर्ण किरदार होने वाला है वो उन्हीं का होने वाला है इस युद्ध को लेके। ये भी रिपोर्ट आई है एडमिनिस्ट्रेशन के हवाले से कि उनके हाथ में पूरी नेगोशिएशन दी गई है और साथ ही साथ अगर इस नेगोशिएशन में ईरान नहीं मानता है जेडी वस के साथ क्योंकि ही इस द टॉप बॉस इस नेगोशिएशन में तो ये युद्ध और चलने वाला है। तो मुझे लगता है कि फिलहाल जो भी ट्रैक में अमेरिका फॉलो कर रहा है।

अब देखिए स्ट्र्राइक्स कम नहीं हुई है। अब हालांकि 10 दिन का पॉज प्रेसिडेंट ट्रंप ने जो है वो अनाउंस किया है। उसके बावजूद नेगोशिएशन भी चल रही है। तो मुझे लगता है समर्थन प्रेसिडेंट ट्रंप के पास अपने कैबिनेट का है। क्वेश्चन मार्क जो लग रहे हैं रिपब्लिकन पार्टी में वो कांग्रेस में लग रहे हैं। सेनेट में भी हमने ज्यादा इसके बारे में नहीं सुना है फिलहाल और क्योंकि मिड टर्म मिड टर्म का साल है तो अगर ये युद्ध ज्यादा दिनों तक चलेगा तो मुझे लगता है कि थोड़ा अपोजिशन प्रेसिडेंट ट्रंप को देखना पड़ेगा।

लेकिन फिलहाल एडमिनिस्ट्रेशन के भीतर एडमिनिस्ट्रेशन के इनसाइड ऐसा माना जा रहा है कि प्रेसिडेंट हैज़ फुल सपोर्ट। अच्छा और ट्रंप के अगले स्टेप क्या दिखाई दे रहे हैं रिगार्डिंग दिस वॉर वो तो मियाद देते जा रहे हैं ईरान को आगे क्या करने वाले हैं कुछ समझ में आ रहा है क्योंकि ग्राउंड इन्वजन की खबरें हैं 10,000 ट्रूप्स उतारे जाएंगे 8 सेकंड डिवीजन के आखिर में ट्रंप चाह क्या रहे हैं क्योंकि ग्राउंड इन्वजन अगर होता है ईरान उसको अच्छे सेंस में नहीं एक्सेप्ट करेगा वो सीधा टेरिटोरियल इन्वजन है अभी तक आप एयर स्ट्राइक्स कर रहे थे।

अब ट्रंप क्या करेंगे? देखिए प्रेसिडेंट ट्रंप फिलहाल दोनों ट्रैक पर काम कर रहे हैं। यहां पर पहला उनका जो है कि हम एयर स्टाइक्स और पावर जो कहते हैं हमेशा कम है हमेशा पीस थ्रू स्ट्रेंथ वो वो डेमोंस्ट्रेट कर चुके हैं। साथ ही साथ अब वहां पे फाइनली एक नेगोशिएशन का एस्पेक्ट शुरू हो गया है। तो आई थिंक दोनों ऑप्शंस प्रेसिडेंट डॉल्ड ट्रंप के पास है। तीसरी जो खबर आई कि 8 सेकंड एयरबर्न यूनिट है। उसके साथ अब करीब और 1000 के आसपास बूट्स वहां पे जा रहे हैं मिडिल ईस्ट में। तो आई थिंक हमें इन्हें होलिस्टिकली अगर हम इसे देख तो आई थिंक ये उनका तरीका है। सारे ऑप्शंस अपने पास रख रहे रख रख रहे हैं। प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप हो सकता है कि अगर टॉक्स फेल हो जाए या अगर नेगोशिएशन नहीं हो पाए तो इस ग्राउंड इन्वेशन की जो हम बात सुन रहे हैं पिछले दो हफ्ते सुन रहे हैं। शायद वो अगला फेस हो और ये भी हो सकता है कि ये सिर्फ एक दिखावा हो ईरान को नेगोशिएशन पे लाने का और कर भी चुका है अमेरिका। अब नेगोशिएट भी कर रहा है ईरान। तो देखना होगा लेकिन प्रेसिडेंट डोन्ड ट्रंप ये जरूर कह चुके हैं कि ये अगर नेगोशिसिएशन फेल होगी तो उसके बाद अमेरिका रुकेगा नहीं तो हो सकता है.

ग्राउंड इन्वेशन हो लेकिन उसमें रिस्क बहुत है बहुत अमेरिका का जो भी ग्राउंड इन्वेशन रहा है हम इतिहास उठा के देख ले वर्ल्ड टू के बाद बिल्कुल सही नहीं गया है और वही सेम रिस्क अमेरिकन फोर्सेस को फेस करने होंगे अगर वो ईरान जाते हैं और ईरान एक बहुत ज्यादा हम कह सकते हैं कि एक कई कम कम उससे कम आंका नहीं जा सकता आई थिंक उन्होंने एक बहुत अच्छा रेजिस्टेंस दिखाया है तो आई थिंक उससे बचना होगा अमेरिका को और अगेन आई थिंक नेगोशिएशन अगर फेल होती है तो हो सकता है ग्राउंड इन्वेशन बूट्स ऑन द ग्राउंड अगर नहीं होती है और मुझे नहीं लगता कि प्रेसिडेंट ट्रंप ब्लफ कर रहे हैं।

आई थिंक वो सचमुच नेगोशिएशन को चांस देना चाहते हैं। उनका 15 पॉइंट का जो प्लान है वो प्रेजेंट कर चुके हैं ईरानियंस को। लेकिन अगर अब ईरान इसे नहीं लेता है तो फिर मुझे लगता है कि प्रेसिडेंट डॉन ट्रंप ये जरूर स्टेप लेने की कोशिश करेंगे। एटलीस्ट जो आइलैंड की बात हो रही है वहां पे इन्वेशन या ग्राउंड ट्रूप्स की बात हो सकती है क्योंकि कुछ ना कुछ तो आपको दिखाना पड़ेगा ऑब्जेक्टिव या कहीं ना कहीं किसी ना किसी तरीके से फिर से आपको ईरान को नेगोशिएशन पे लाना पड़ेगा और आई थिंक उसमें ये एक चीज हो सकती है कि आप वहां से को निकालने की कोशिश करे वो विदाउट बूट्स ऑन द ब्रॉड नहीं हो सकता आप उस आइलैंड को पे कब्जा करे स्टेट ऑफ हॉर्मोस खोलने की कोशिश करे तो आई थिंक वो सारे स्टेप्स प्रेसिडेंट डोन्ड ट्रंप फॉलो थ्रू कर सकते हैं.

अगर नेगोशिएशन अच्छे तरीके से नहीं जाती है तो आखिरी सवाल भाई ये बस रोहित इतना बता दीजिए मुझे कि इजराइल को लेकर इजराइल का एक स्टबन अप्रोच है। ट्रंप तो ट्रू चाहते हुए दिख रहे हैं लेकिन इजराइल नहीं चाह रहा है। ट्रंप क्या सोचते हैं इजराइल के बारे में अभी के हिसाब से? देखिए इस युद्ध में अभी तक बहुत वर्जन हमें सुनने को मिले हैं। एक वर्जन पहले ये भी आया कि इजराइल ने अमेरिका को कहा कि हम ये जो है ऑपरेशन स्टार्ट कर सकते हैं। और वो प्रपेसेंट ट्रंप ने कहा कि इजराइल तो करने ही वाला था। फिर हमने सोचा कि हम साथ में मिलके वहां पर काम करते हैं और फिर ऑपरेशन फ्यूरी जो है उसे ग्रीन किया गया। तो फिलहाल आई थिंक इजराइल कॉशन जता रहा है। कॉशन बताने की कोशिश कर रहा है कि यू नो वो ट्रस्ट नहीं करते अरेनिय को और आई थिंक प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का एक अलग थोड़ा सा इसमें एजेंडा ये है कि आप एक फुल स्केल्ड फुल फ्लेज्ड नहीं चाहते क्योंकि अगेन वही बात है हिस्टोरिकल रिकॉर्ड जो रहा है अमेरिका का सही नहीं रहा है। तो आई थिंक थोड़े से दोनों के डिफरेंट पॉइंट्स है। थोड़े से डिफरेंट एजेंडा है दोनों देशों के। तो अभी कोई क्वेश्चन मार्क तो नहीं लगाया प्रेसिडेंट डन ट्रंप ने लेकिन ये भी सही है कि पिछले साल उन्होंने एक बार उनकी और बेंजमिन यातना उनकी नहीं बनी थी जब इजराइल और गाजा के वॉर को लेकर जिस तरह से चीजें चल रही थी उन्होंने उनको भी फोन पे कहा था इनफ इजराइल एक फोन करवाया था उन्होंने कतर को सबके सामने और अपोलॉजी के लिए कहा गया था नितिन याू को तो आई थिंक अगर प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप की नहीं बनेगी नितिन याू से उनके प्लान्स के साथ तो वो पब्लिकली हेसिटेट नहीं करेंगे उन्हें ये कहना या बताना कि देखिए हमारा जो ऑब्जेक्टिव था वो क्लियर हो गया। अब इजराइल वहां पे जो कर रहा है हम उससे राब्ता नहीं रखते। लेकिन फिलहाल ये क्वेश्चन मार्क नहीं है। आई थिंक इजराइल ऑबियसली जैसे की मैंने कहा और पहले भी हमारे पैनलिस्ट कह रहे थे कि एक फॉर एवर वॉर मेंटालिटी में रहा है हमेशा से। आई थिंक अमेरिका उसको फॉलो नहीं करता। उनके जो ऑब्जेक्टिव प्रेसिडेंट डॉल्ड ट्रंप ने लाइन अप किए थे। ऑलमोस्ट उस सक्सेस दिख रहा है।

साथ ही साथ एक प्रेशर भी बन रहा है डोमेस्टिकली। यहां पे गैस प्राइसेस बढ़ गए हैं। इनफ्लेशन जो है फिर से ऊपर आने लगा है। जॉब लॉसेस हो रहे हैं। तो प्रेसिडेंट डोन्ड ट्रंप के लिए मुझे लगता है कि जितनी जल्दी ये वॉर खत्म हो उतना ज्यादा बेटर है। इजराइल का ये मानना है कि नहीं ये फिलहाल क्लियर नहीं है। और जिस तरह की एयर स्ट्राइक्स हमने कल रात को देखी है।

मुझे लगता है कि इजराइल अपना जो उनके ऑब्जेक्टिव है वो फिर भी लगातार पूरे करने की कोशिश करेगा। डिसाइड्स व्हाट डॉन्ड ट्रंप डिसाइड्स और उसके बाद शायद हम देख सकते है की डोन्ना ट्रंप उन्हें कुछ कहे पब्लिकली कुछ कहे या उनसे फिर बात करके इस युद्ध को रुकवाने की बात करे इजराइल से

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