अमेरिका इजराइल की कंपनियां तुरंत छोड़ दें। कर्मचारियों को यह सीधी चेतावनी दी है ईरान की इस्लामिक रेवोलशनरी गार्ड कोर ने। इस चेतावनी का सोर्स है आईआरजीसी के कमांडर सैयद माजिद मुसावी।
उन्होंने कहा है तुमने हमें पहले भी आजमाया है। दुनिया ने देखा कि तुमने बुनियादी ढांचे पर हमला कर आग से खेलना शुरू किया। इस बार समीकरण आगं के बदले आंख वाला नहीं होगा। बस इंतजार करो और देखो अमेरिकियों और जाइनिस्ट शासन से जुड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत अपने कार्यस्थल छोड़ देना चाहिए क्योंकि यह ठिकाने अब ईरान की जवाबी कारवाई की जद में है।
दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास सराक्षी कह रहे हैं कि देश में नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों के लिए इजराइल को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। बीते दिनों ईरान की दो बड़ी स्टील फैक्ट्रियां, सिविलियन न्यूक्लियर साइट्स और एक पावर प्लांट को निशाना बनाया गया था। ऐसे हमले दोनों तरफ से हो रहे हैं। इससे पहले ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया था। एक अमेरिकी अधिकारी ने 27 मार्च को न्यूज़ एजेंसी राइटर्स को बताया कि इस हमले में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए।
जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हैं। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी की रिपोर्ट में आईआरजीसी ने दावा किया कि सऊदी अरब में ईरानी हमलों में अमेरिका के कई रिफ्यूलिंग प्लेन बर्बाद हो गए हैं। रिफ्यूलिंग प्लेन यानी जिनसे हवा में ही दूसरे प्लेन में तेल भरा जाता है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं। 27 मार्च को अमेरिकी सेना ने बताया कि इनमें से 273 सैनिक पहले ही ड्यूटी पर लौट चुके हैं और अब तक में अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।
इजराइल ने 27 मार्च को ईरान की मुबारका स्टील कंपनी और खौजिस्तान स्टील कंपनी को निशाना बनाया था। इससे पहले तेलवी ने साउथ ईरान में बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट को भी टारगेट किया था। विदेशी मंत्री अब्बास अराची ने एक्स पर लिखा कि इजराइल ने दावा किया है कि यह हमले अमेरिका के साथ मिलकर किए गए हैं। अराची ने आगे कहा कि यह हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस दावे के उलट है कि उन्होंने ईरान पर कुछ समय के लिए हमले रोक दिए हैं। ईरान ने ट्रंप पर अपनी बात से मुकरने का आरोप लगाया है। अब बात इस वॉर से आ रहे लेटेस्ट अपडेट्स की। इजराइल ने एक बार फिर ईरान के कई अहम ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की है।
उसने इजराइल के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी निशाना बनाया है। यूएई में इंटरसेप्ट किए गए एक मिसाइल के मलबा गिरने से दो लोगों की हो गई है। इस को छिड़े महीना भर होने वाला है और अब इसमें हूं की भी एंट्री हो गई है।
इजराइल ने यमन से मिसाइल दागे जाने का दावा किया है। यह पहली बार है जब इस जंग के दौरान यमन से सीधे हमले की बात सामने आई है। अभी यह दावा है। हूती विद्रोहियों ने सीधा इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हूती पूरी तरह इस जंग में शामिल हो जाते हैं तो यह संघर्ष सिर्फ ईरान इजराइल तक नहीं सीमित रहेगा।
पहले ही लेबनन, इराक और खाड़ी क्षेत्र इस जंग की चपेट में ही है। ऐसे में यमन की एंट्री इस संघर्ष के दायरे को और बढ़ा सकती है।
