ईरानी है!क!र्स ने ट्रंप के करीबी को फंसा दिया

अब एफबीआई डायरेक्टर आकाश पटेल का नाम भी उन लोगों की लिस्ट में जुड़ गया है जिन्हें हमने सक्सेसफुली किया है। यह दावा किया है ईरान से जुड़े ग्रुप हंडाला टीम ने उनकी वेबसाइट पर। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के डायरेक्टर काश पटेल की ईमेल आईडी करके उन्होंने इंटरनेट पर उनकी कुछ पर्सनल फोटो और डॉक्यूमेंट्स भी डाल दिए हैं।

यूएस के जस्टिस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने भी इसे कंफर्म किया है कि पटेल का ईमेल हैक हुआ था और जो चीजें ऑनलाइन डाली गई है वह असली लग रही है। लेकिन एफबीआई की तरफ से अभी इस मामले पर कोई जवाब नहीं आया है। वहीं हैकर्स ने भी मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है।

न्यूज़ एजेंसी राइटर्स इस बात को पूरी तरह कंफर्म नहीं कर पाया है कि काश पटेल के ईमेल असली है या नहीं। लेकिन जिस Gmail अकाउंट को हैक करने का दावा किया गया है, वह पहले भी कुछ डाटा ब्रीच में सामने आ चुका है। हैकर्स से डाले गए कुछ सैंपल्स में 2010 से 2019 के बीच के पर्सनल और काम से जुड़े ईमेल दिखाई दे रहे हैं।

हंडाला खुद को प्रोपलेस्टीनियन हैकर ग्रुप बताता है। लेकिन वेस्टर्न एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह ग्रुप असल में ईरान की सरकारी साइबर इंटेलिजेंस यूनिट से जुड़ा हो सकता है। अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक हाल ही में 11 मार्च को इस ग्रुप ने स्ट्राइकर नाम की एक अमेरिकी मेडिकल कंपनी को भी करने का दावा किया था और कहा था कि उन्होंने कंपनी का बहुत सारा डाटा डिलीट कर दिया है।

तब हंडाला से जुड़े चार डोमेन को अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने जब्त कर लिया था। ऐसा जस्टिस डिपार्टमेंट का दावा था। जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक हंडाला उन कई पब्लिक परसोना में से एक है जिनका इस्तेमाल ईरान के मिनिस्ट्री ऑफ इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी यानी एमओआईएस के तहत काम करने वाली एक हैकिंग यूनिट करती है अपने के लिए। 20 मार्च को हंडाला ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट करके कहा था कि यह एक्शन अमेरिका और उसके सहयोगियों की तरफ से यह सब कुछ जानबूझकर किया गया है ताकि हंडाला की आवाज को दबाया जा सके। एक्सपर्ट एरीबेन एम ने कहा कि इस तरह की कार्रवाही के बाद भी ईरान से जुड़े हैकर्स जल्दी वापसी कर लेते हैं। उनका कहना था कि ईरान के खासकर एमओआईएस वाले ऐसे टेकडाउन के आदि हैं। सिर्फ हंडाला के ही दर्जनों टेलीग्राम चैनल एक्स अकाउंट और डोमेन पहले भी हटाए जा चुके हैं।

लेकिन इससे उन पर कभी खास असर नहीं पड़ा है। उनके लिए नए डोमेन पर फिर से कंटेंट डालना बहुत आसान है और वो जल्द ही वापस आ जाएंगे।

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