ईरान संग डील, रिलायंस की क्या सफाई आई?

24 मार्च को न्यूज़ एजेंसी रॉयर्स ने Reliance को लेकर एक दावा किया था खबर छापी थी कि Reliance ने ईरान से 50 लाख बैरल तेल खरीद लिया है। क्या यह डील वाकई हुई थी या सिर्फ अफवाह है? यह जानने के लिए रॉयर्स ने ईरानियन ऑयल कंपनी और Reliance Industries दोनों से कांटेक्ट किया था।

ईरान की कंपनी से कोई संपर्क नहीं हो पाया लेकिन Reliance का जवाब आ गया है। 26 मार्च को रॉइर्स ने Reliance का जवाब छापा। रिपोर्ट में लिखा पहले Reliance ने हमारे यानी रॉइटर्स मेल का जवाब नहीं दिया था। लेकिन अब Reliance Industries LED ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को गलत बता दिया है। जिनमें कहा गया था कि कंपनी ने ईरान से कच्चे तेल खरीदा है। Reliance का जवाब साफ है कि उनकी ईरान के साथ कोई डील नहीं हुई है। Reliance ने ईरान से तेल नहीं खरीदा है।

कंपनी ने बताया कि हम यानी Reliance उन मीडिया रिपोर्ट्स को रिजेक्ट करते हैं जिन्होंने लिखा कि हमने ईरान से कच्चा तेल खरीदा है। यह रिपोर्ट बेबुनियाद है और भ्रामक है। गलत दावा किया गया है। यहां Reliance जिस रिपोर्ट का जिक्र कर रही है, उस रिपोर्ट के बारे में जान लेते हैं। रिपोर्ट 24 मार्च को छपी थी। अपने तीन सोर्सेस को कोट करते हुए रइटर्स ने लिखा था यह डील आईईसी ब्रेंट फ्यूचर की तुलना में करीब $ प्रति बैरल के प्रीमियम पर तय की गई है। साल 2019 के बाद यह पहला मौका है।

जब भारत ने ईरान से तेल खरीदा है। 2019 के बाद से ईरान से सिर्फ चाइना तेल खरीद रहा है और फिर उसे दूसरे देशों की ब्रांडिंग के साथ बेचा जाता है। लेकिन युद्ध की वजह से तेल की समस्या शुरू हुई और उसके निपटारे के लिए 30 दिन के लिए बैन हटा दिया गया। 50 लाख बैरल तेल की डील Reliance और नेशनल ईरानी ऑयल कंपनी के बीच फाइनल हुई थी। इस रिपोर्ट के छपते ही इंटरनेट में Reliance की तारीफ होने लगी।

कहा जाने लगा कि बैन हटने का Reliance ने तेजी से फायदा उठाया है और डील कर डाली। लेकिन अब Reliance ने इस रिपोर्ट को ही गलत बता दिया है। मिडिल ईस्ट में जंग चल रही है। इसका सीधा असर क्रूड ऑयल पर भी पड़ रहा है। भारत में यह स्टेट ऑफ हॉर्मोस के रास्ते आता है। युद्ध की वजह से यह रास्ता भी रोका गया है। वैसे ईरान का कहना है कि रास्ता सिर्फ दुश्मन देशों के लिए रोका गया है। भारत को अपना दोस्त बताते हुए ईरान ने कहा है कि हॉर्मोस का रास्ता भारत के लिए खुला है।

भारत के साथ-साथ चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान का नाम भी लिया गया था। भले ही रास्ता खुला हो, लेकिन की वजह से कच्चे तेल की कीमत पर इसका असर पड़ा है। इससे भारत में ऑयल कंपनीज़ का नुकसान हो रहा था।

27 मार्च को भारत सरकार ने कंपनियों को राहत देने के लिए एक ऐलान किया। बताया गया कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को कम किया जा रहा है। सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ₹3 प्रति लीटर कर दिया है। पहले यह ₹13 प्रति लीटर हुआ करता था। यानी इसमें ₹10 प्रति लीटर की कटौती हो गई है। इसी तरह डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पहले ₹10 प्रति लीटर थी।

लेकिन अब इसे निल कर दिया गया है यानी जीरो कर दिया गया है। यानी डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह खत्म हो जाएगा। लेकिन याद रखिए यह कटौती सिर्फ एक्साइज ड्यूटी पर की गई है। पंप प्राइसेस पर नहीं। आपको उतने ही रुपए देने होंगे जितने आप दे रहे थे। ।

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