हेमा मालिनी क्यों अचानक दुकानदार दामोदर अग्निहोत्री को देखकर रो पड़ी ?

मध्य प्रदेश के रहने वाले दामोदर अग्निहोत्री ने बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी को रुला दिया। दामोदर अग्निहोत्री जो कि सिर्फ और सिर्फ एक दुकान चलाते हैं, उन्होंने ऐसा क्या किया कि हेमा मालिनी अपने आंसू नहीं रो सकी। यहां तक कि हेमा मालिनी ने दामोदर अग्निहोत्री को अपने बंगले में बुलाया और दिया एक खास तोहफा। हेलो दोस्तों, मैं हूं पूनम अधिकारी।

सबसे पहले आप इस शख्स से मिलिए। इस शख्स का नाम है दामोदर अग्निहोत्री जिन्होंने एक ही झटके में बॉलीवुड एक्ट्रेस मथुरा से सांसद हेमा मालिनी को रुला दिया। हेमा मालिनी इतनी ज्यादा भावुक हो गई कि अपने आंसुओं को वो रोक नहीं पाई। यहां तक कि हेमा मालिनी दामोदर अग्निहोत्री को जो कि सिर्फ एक एमपी में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं। मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।

उनको लेकर अपने साथ अपने बंगले में गई और वहां दामोदर अग्नि को बहुत सारे तोहफे दिए। साथ ही कुछ पैसे भी दिए। क्या कनेक्शन है दामोदर अग्निहोत्री का? हेमा मालिनी से और क्यों दामोदर अग्निहोत्री ने हेमा मालिनी को रुला दिया। पूरा मामला मैं आपको बताऊंगी लेकिन बताने से पहले इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और चैनल को फॉलो करना मत भूलिएगा।

आज हर जगह सिर्फ और सिर्फ एक ही शख्स की बातें हो रही हैं और वो है दामोदर अग्निहोत्री। यह दामोदर अग्निहोत्री की तस्वीर है जिसमें आपको दामोदर अग्निहोत्री के साथ में हेमा मालिनी भी खड़ी नजर आ रही है और हेमा मालिनी के हाथों में एक तोहफा है जो वो इस शख्स दामोदर अग्निहोत्री को दे रही हैं। अब ये दामोदर जी है कौन? मैं आपको बता दूं कि दामोदर जी मध्य प्रदेश के सागर के रहने वाले एक छोटे से दुकानदार हैं जो कि बहुत मेहनत से कुछ ऐसा लेकर आए हेमा मालिनी के लिए जिसे देखकर हेमा मालिनी अपने आंसू नहीं रोक सकी। अब ये दामोदर अग्निहोत्री है कौन? दरअसल ये जो दामोदर जी हैं ये हेमा मालिनी के बहुत बहुत बड़े फैन हैं और ये इतने बड़े फैन हैं इस बात का आलम इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि दामोदर अग्निहोत्री ने हेमा मालिनी के जो 60 साल पुराने जो अखबार में जितने भी आर्टिकल्स थी जो भी कटिंग्स थी जो भी खबरें हेमा मालिनी से जुड़ी हुई होती थी या धर्मेंद्र जी से जुड़ी हुई होती थी वो सारी खबरों का कलेक्शन बना के एक तरह की एल्बम बना रखी है और इस एल्बम में जितनी भी जो हेमा मालिनी की पुरानी अखबार में छपी कोई बातें होंगी, कोई यादें होंगी, कोई खबर होगी, वो सब उस सब की कटिंग इस एल्बम में दामोदर जी ने अपने पास रखी हुई है।

दरअसल दामोदर जी का कहना है कि 1962 यानी 1962 से लेकर ऑलमोस्ट 1977 तक दामोदर अग्निहोत्री के पास पुराने अखबार की सारी कटिंग है जिसमें धर्मेंद्र जी और यहां तक कि हेमा मालिनी की किसी भी बात का जिक्र हो, किसी फिल्म का जिक्र हो या उनकी कोई पर्सनल लाइफ को लेकर कोई खबर छपी हो। सोचिए 60 साल पुराने अखबार मतलब 60 साल पुराने अखबार अब किसके ही पास होते हैं? हैं। लेकिन दामोदर अग्निहोत्री का कहना है कि ये जो मध्य प्रदेश से आते हैं, मध्य प्रदेश के सागर में रहते हैं। उनका कहना है कि वह हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जी के इतने बड़े फैन थे कि वो बचपन से ही जब से उन्होंने होश संभाला तब से तभी से वो सारे अखबार की कटिंग हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जी के से जुड़ी कोई भी अगर खबर आती थी कोई भी आर्टिकल छपता था तो वो पूरी जो है वो आर्टिकल काट के एक एल्बम में सेव करते थे। दामोदर जी का यह भी कहना है कि मैं सिर्फ अच्छी-अच्छी चीजें जो अच्छी-अच्छी खबरें होती थी हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जी की सिर्फ वही रखता था। बुरानी या बुरी खबरें या नेगेटिव चीजें मैं नहीं रखता था क्योंकि मैं अच्छी मेमोरी जोड़ना चाहता था। तो दामोदर जी हैं जो 60 साल पुराने अखबार सोचिए उन सबकी कटिंग अभी तक उनके पास है और उन्होंने एक बड़ी सी एल्बम बनाई हुई है। जब इस बात का पता हेमा मालिनी को चला तो हेमा मालिनी ने सबसे पहले अपने जो टीम के मेंबर्स हैं उनमें से किसी एक को दामोदर जी के घर में भेजा और बोला कि तुम जाके कुछ फोटोस ले आना।

मैं देखना चाहती हूं कि क्या सचमुच उन्होंने उनके पास इतनी मेरी पुरानी-पुरानी फोटो हैं या उतनी इतनी पुरानी खबरों का आर्टिकल है। तो जब उनकी टीम हेमा माली की टीम का कोई मेंबर वहां पे गया तो उन्होंने खुद देखा कि हेमा माली की जो ढाई साल की जब वो बच्ची थी छोटी बच्ची थी और तब उनकी जो उनकी मां के साथ जो तस्वीरें थी उनकी बहन के साथ हेमा मालिनी की जो तस्वीरें थी वो तस्वीरें जो शायद हेमा मालिनी के पास भी इस वक्त नहीं होंगी।

वो तस्वीरें तक दामोदर जी के पास थी। सोचिए कितने बड़े फैन थे दामोदर जी हेमा मालिनी के। तो जैसे ही टीम मेंबर ने हेमा मालिनी को ये बात बताई तो हेमा मालिनी बहुत ज्यादा इमोशनल हो गई और वो बहुत ज्यादा एक्साइटेड हो गई वो सारे आर्टिकल्स पढ़ने और देखने के लिए। जैसे ही पता चला तो उन्होंने एमपी में दामोदर जी को फोन किया और उन्हें कहा कि वृंदावन में जो हेमा मालिनी का बंगला है वो उन्हें उधर आकर मिले और दामोदर जी फिर वृंदावन पहुंचे हेमा मालिनी जी के बंगले में और वहां पे हेमा मालिनी ने ना सिर्फ दामोदर जी की वो जो एल्बम है जिसमें तमाम उनकी फोटो रखी हुई है वो सब देखी देखकर बहुत ज्यादा तो पहले हेमा मालिनी भावुक हो गई क्योंकि इसमें धर्मेंद्र जी और हेमा मालिनी की बहुत सारी तस्वीरें थी बहुत पुरानी-पुरानी तस्वीरें थी बहुत पुराने-पुराने आर्टिकल्स थे सोचे 60 साल पुराना अखबार तो हेमा मालिनी ये सारी तस्वीरें देखकर अपनी और धर्मेंद्र जी बहुत ज्यादा भावुक हो गई और इतनी ज्यादा वो अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी दामोदर जी के सामने और वो बहुत खुश हो गई और उन्होंने दामोदर जी को हेमा मालिनी ने दामोदर जी को एक लेटर भी लिख कर दिया। आप ये लेटर देख सकते हैं।

इस लेटर में साफ हेमा मालिनी ने लिखा है कि उनकी फिल्म के जितने भी जो आर्टिकल्स हैं, जो कटिंग है, जो कलेक्शन दामोदर जी ने रखा हुआ है वो बहुत सुंदर है और इन सब मेमोरीज के लिए हेमा मालिनी ने धन्यवाद भी लिखा है इस लेटर में। मतलब अपने हाथ से लिखा हुआ लेटर हेमा मालिनी ने धर्म जो है दामोदर जी को दिया और साथ ही जो सिर्फ इतना ही नहीं जो हेमा मालिनी है उन्होंने दामोदर जी को एक राधा कृष्णा की मूर्ति दी एक शॉल दी एक साड़ी दी और साथ ही कुछ पैसे भी दिए एक सम्मान के तौर पर क्योंकि हेमा मालिनी के पास भी ये तस्वीरें ये आर्टिकल्स उनके पास भी नहीं है जो दामोदर जी इतने सालों से संभाल कर रखे हुए हैं।

सोचिए 1960 के जो जितने भी आर्टिकल्स हैं और 1977 तक ये बहुत बड़ी बात है कि कोई ऐसा फैन भी हो सकता है हेमा मालिनी का जो इतनी पुरानी-पुरानी चीजों को संभाल कर रखे। तो ये सब देखिए ये सब तस्वीरें देखकर धर्मेंद्र जी की अपनी हेमा मालिनी बहुत ज्यादा इमोशनल हो गई और रोने लगी। वैसे मैं आपको बता दूं मुझे लगता है ना कि जो देओल परिवार है उसका इनका एमपी से कोई गहरा कनेक्शन जरूर है। अब देखिए ये सागर जी ये जो दामोदर जी है ये एमपी के सागर से आते हैं जिन्होंने हेमा मालिनी और धर्मेंद्र जी की पुरानी-पुरानी तस्वीरें उनकी खबरों का आर्टिकल जो है एक एल्बम में बना के रखा हुआ था। ऐसी एक इंदौर के चाय वाले भी हैं जिन्हों है तो इंदौर के रहने वाले वो भी एमपी के एक चाय वाले लेकिन उन्होंने जब सनी देओल की फिल्म बॉर्डर टू रिलीज हुई थी तो पूरे गांव को वो फ्री में सिनेमाघर तक ले गए थे फिल्म दिखाने के लिए क्योंकि वो सनी देओल के बहुत बड़े फैन हैं।

। इससे पहले भी जो सनी देओल की फिल्म आई थी गदर 2, उसमें भी यह इंदौर के ही चाय वाले थे जिन्होंने पूरे गांव वालों को इकट्ठा करके यहां से पूरा ढोल नगाड़े बजाते हुए थिएटर तक गए थे। सनी देओल की फिल्म को दिखाने के लिए। तो कहीं ना कहीं मुझे लगता है एमपी से ना देओल परिवार का खास कनेक्शन है।

कोई ना कोई जबरा फैन मध्य प्रदेश से मिल ही जाता है। फिर चाहे वो कभी हेमा मालिनी का फैन हो, फिर चाहे वो सनी देओल का फैन हो। कोई ना कोई फैन एमपी से बहुत बड़ा निकल ही आता है देओल परिवार का।

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