अब सोने के सिक्के पर ट्रंप की फोटो छपेगी। अमेरिकी इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हो रहा है जब किसी जीवित राष्ट्रपति की फोटो सिक्के पर होगी। इससे पहले 1926 में 150वीं सालगिरह पर तत्कालीन राष्ट्रपति केल्विन कुलीज की फोटो जॉर्ज वाशिंगटन के साथ सिक्के पर छपी थी। अब 100 साल बाद ट्रंप यह उपलब्धि हासिल करेंगे। अमेरिका इस साल 4 जुलाई को अपनी आजादी का 200वां वर्षगांठ मना रहा है। इस विशेष मौके पर स्मार्क सिक्का जारी करने का ऐलान किया गया है।
यह सिक्का 24 कैरेट गोल्ड का होगा। इस पर तस्वीर होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की। इसके लिए ट्रंप के चुने हुए मेंबर के फेडरल कमीशन ने इसको मंजूरी दे दी है। अगर सिक्का जारी होता है तो अमेरिकी इतिहास में ऐसा करने वाले ट्रंप दूसरे राष्ट्रपति होंगे। इससे पहले 1926 में अमेरिका की 150वीं आजादी की वर्षगांठ पर तत्कालिक राष्ट्रपति कैल्विन कुलिज ने स्मारक सिक्के जारी किए [संगीत] थे। इसमें वह पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वाशिंगटन की तस्वीर के साथ दिखे।
अब इस विशेष जयंती पर सिक्के जारी करने के लिए कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स ने ओवल ऑफिस की ओर से मंजूरी दी है। इसमें प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप की इमेज वाले एक डिज़ाइन को मंजूरी दी गई है। इसके एक तरफ 1776 और दूसरी तरफ 2026 लिखा है। अमेरिका के ट्रेजर ब्रैडन बीच ने गुरुवार को मंजूरी मिलने के बाद इस सिक्के को लेकर जारी बयान में कहा कि यह एक सुंदर और यादगार सोने का सिक्का होगा। बीच ने कहा जैसे-जैसे हम अपने 250वें जन्मदिन के करीब पहुंच रहे हैं। हम ऐसे सिक्के तैयार करने के लिए बहुत उत्साहित हैं जो हमारे देश और डेमोक्रेसी की हमेशा रहने वाली भावना को दिखाते हैं। ऐसे सिक्कों के आगे के हिस्से के लिए हमारे मौजूदा प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप से ज्यादा कोई प्रोफाइल है ही नहीं।
सोने के सिक्के को अभी भी ट्रेजरी से ऑफिशियल अप्रूवल की जरूरत है। जिसमें कमीशन ऑफ फाइन आर्ट्स और सिटीजन कॉइनज एडवाइज़री कमेटी जो एक फेडरल पैनल है जिसमें ज्यादा मेंबर है। दोनों के रुख को ध्यान में रखा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पिछले महीने कमेटी मेंबर के सोने के सिक्के के विरोध की रिपोर्ट दी गई थी। बीच ने दरअसल यह भी कहा कि अमेरिकी मिंट ने कमेटी को प्रस्तावित डिजाइन को रिव्यू करने के कई सही मौके दिए। लेकिन सीसीएसी ने साफ मना कर दिया। इस प्रस्ताव का विरोध डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने भी किया।
इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया है। डेमोक्रेट सेनेटर जेफ मॉकली ने कहा कि सिक्कों पर चेहरे तानाशाह और राजाओं के होते हैं। लोकतांत्रिक नेताओं के नहीं। वहीं अमेरिकी कानून के हिसाब से समझा जाए तो कानून इसकी इजाजत नहीं देता। अमेरिकी ट्रेजरी का कहना है यह सिक्का आम चलन वाली मुद्रा में नहीं होगा बल्कि एक स्मारक यानी कलेक्टेबल के तौर पर जारी किया जाएगा। इसलिए यह मौजूदा कानून के दायरे से अलग है। सीसीएसी रिव्यू की मांग करने की मिंट की कानूनी जिम्मेदारी पूरी हो गई है। कहा कि कमेटी का रोल सिर्फ ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को सलाह देना है। जिनके पास आखिरी डिज़ाइन चुनने का पूरा अधिकार है। हालांकि अभी सिक्के का साइज और बाकी तकनीकी बातें तय होना बाकी है।
इसके बाद ही इसे बनाया जाएगा। अमेरिकी कानून के मुताबिक किसी भी जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर आम चलन वाले करेंसीज पे नहीं हो सकती। लेकिन अधिकारियों का कहना है यह एक कमोरेटिव कॉइन यानी यादगार सिक्का है जो रोज इस्तेमाल होने वाली मुद्रा से अलग होता है। इसलिए इसे बनाने का अंतिम फैसला ट्रेजरी सेक्रेटरी ले सकता है। ब्रैंडन बीच ने कहा यह सिक्का देश की 250वीं सालगिरह का प्रतीक होगा। कई डेमोक्रेट नेताओं ने इसका विरोध किया है। जेफ मॉकली ने कहा कि लोकतंत्र में नेताओं की तस्वीर सिक्कों पर नहीं होती।
यह काम सिर्फ राजा या तानाशाह करते हैं। उन्होंने इसे देश की परंपराओं के खिलाफ कहा। यह सिक्का जिसमें ट्रंप की तस्वीर होगी। अमेरिका की 250वीं सालगिरह के मौके पर जारी होगी। कई खास सिक्कों का यह हिस्सा होगा। यूनाइटेड स्टेट्स मिंट ने बताया कि 2026 में कुछ सिक्कों जैसे डाइम, क्रॉटर और हाफ डॉलर में एक साल के लिए खास बदलाव किए जाएंगे। इन पर 1776 और 2026 लिखा हुआ होगा और खास डिजाइन होंगे। आलोचकों का कहना है कि ट्रंप पहले भी कई जगहों पर अपना नाम जोड़ चुके हैं। जैसे कनेडी सेंटर और कुछ सरकारी इमारतें। उन्होंने वाइट हाउस में भी बड़े बदलाव के प्रस्ताव दिए हैं। दरअसल, अब यह जो सिक्का है, यह इस सिक्के का साइज बताया जा रहा है कि 3 इंच का यह सिक्का होगा।
कमीशन के वाइस चेयरमैन जेम्स मैकरी ने सुझाव दिया है कि इस सिक्के का साइज 3 इंच तक बड़ा रखा जाए। 4 जुलाई को अमेरिका के जन्मदिन पर इस गोल्ड कॉइन के अलावा बाजार में चलने वाले 10 पैसे यानी डाइन, 25 पैसे यानी क्वार्टर और 50 पैसे को सिक्कों के डिजाइन भी एक साल के लिए बदले जाएंगे। इन पर 1776 और 2026 की [संगीत] तारीख लिखी हुई होगी। तो वाशिंगटन पर ट्रंप छाप की कोशिश है। दरअसल आलोचक मानते हैं कि ट्रंप हर जगह अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं।
इससे पहले कैनडी सेंटर का नाम बदला। ट्रंप कैनडी सेंटर किया गया और यूएस इंस्टट्यूट ऑफ पीस की बिल्डिंग पर भी उनका नाम लिखा गया है। चर्चा यह भी है कि वह वाइट हाउस के ईस्ट विंग को गिराकर वहां एक बड़ा वॉल रूम बनवाना चाहते हैं।
