रेमंड ग्रुप के मालिक गौतम सिंघानिया मालदीव में हुए एक स्पीड बोट हादसे में घायल हो गए जबकि भारत के एक मशहूर रैली ड्राइवर हरी सिंह लापता हैं। हादसे के वक्त स्पीड बोट में कुल सात लोग सवार थे। जानकारी के मुताबिक यह हादसा 19 मार्च को हुआ। जब चलते-चलते स्पीड बोट अचानक से पलट गई।
स्पीड बोट में हरी सिंह के अलावा गौतम सिंघानिया, ब्रिटेन और रूस की दो महिलाएं और साथ ही साथ तीन अन्य भारतीय मौजूद थे। हादसे के बाद हरी सिंह और बोट के कप्तान का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि मालदीव के अधिकारियों का कहना है कि हरी सिंह और कप्तान शायद किसी कोरल रीफ के अंदर फंसे हो सकते हैं। हालांकि उनकी मौत की आशंका से भी इंकार नहीं किया गया है। कोरल रीफ समुद्र के अंदर बनने वाली एक खास तरह की चट्टान होती है। इसे छोटे-छोटे समुद्री जीव जिन्हें कोरल पॉलिप्स भी कहते हैं, वह मिलकर बनाते हैं। रेमंड्स ग्रुप के मालिक गौतम सिंघानिया को इस हादसे में हल्की चोटें आई।
मालदीव के स्थानीय मीडिया द प्रेस के मुताबिक हादसा वाबू एटोल के पास हुआ। वहां के काउंसिल अध्यक्ष सुवाज अली ने बताया कि स्पीड बोट करीब 72 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। जो आमतौर पर वहां चलने वाली नावों की रफ्तार से करीब 42 कि.मी. घंटा से काफी ज्यादा है। इसी दौरान नाव पलट गई। यह साफ नहीं है कि नाव किसी रीफ से टकराई थी या फिर इस मामले में क्या हुआ अभी इस बारे में जांच चल रही है।
द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक गौतम सिंघानिया को बचाकर बाबू इटोल के एक मेडिकल सेंटर में ले जाया गया था। वहां इलाज के दौरान उनसे उनकी निजी जानकारी मांगी गई। लेकिन गौतम ने अपनी जानकारी देने से मना कर दिया और स्टाफ से कहा कि Google कर लो। बताया जा रहा है कि उन्हें कई चोटें आई थी। बाद में उन्हें भारत लाया गया। जहां मुंबई के अस्पताल में उनका इलाज हुआ और उसके बाद छुट्टी दे दी गई। हादसे के बाद मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स का कोस्ट गार्ड सर्च ऑपरेशन चला रहा है। गोताखपुरों और हेलीकॉप्टर की मदद से तलाश जारी है। लेकिन तेज लहरों और रीफ की वजह से राहत काम में मुश्किलें आ रही हैं।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भी इस हादसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रैली ड्राइवर रतन ढील ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि हरी सिंह को खुले समुद्र में छोड़ दिया गया। जबकि सपोर्ट बोर्ड कथित तौर पर गौतम सिंघानिया और दो महिला यात्रियों को सुरक्षित जगह ले गई। ढिलो ने लिखा कि सिंघानिया ने पुलिस को बताया है कि हादसे के समय नाव वही चला रहे थे और फेलीधु में इलाज के दौरान उन्होंने अपनी निजी जानकारी भी नहीं दी। उन्होंने इस घटना को मुश्किल समय में मदद की कमी बताया और कहा कि अब तक गौतम सिंघानिया ने इस पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं दी है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। मालदीव के एक और मीडिया संस्थान धौ.com ने लिखा कि स्पीड बोट सिंघानिया चला रहे थे और नाव में सवार लोग कथित तौर पर नशे में थे। 59 साल के हर सिंह भारत के जानेमाने रैली ड्राइवर रहे हैं। उन्हें फ्लाइंग सिख के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने 1990 के दशक में पांच बार नेशनल रैली चैंपियनशिप जीती और एशिया जोन रैली चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्हें जिप्स किंग भी कहा जाता है। बाद में उन्होंने जेके टायर मोटर स्पोर्ट के साथ काम किया और Mercedes Benz इंडिया में चीफ इंस्पेक्टर रहे। जहां उन्होंने नए ड्राइवर्स को ट्रेन किया।
अब बात गौतम सिंघानिया की। गौतम रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। जैसा कि आप जानते हैं कि रेमंड भारत की पुरानी और बड़ी टेक्सटाइल कंपनियों में से एक है। जैसा कि हमने पहले भी बताया स्पीड बोट में सात लोग सवार थे। इनमें भारतीय और विदेशी दोनों शामिल थे।
इस हादसे के बाद से हरी सिंह और बोर्ड के कप्तान महेश रामचंद्रन का अब भी कोई पता नहीं चल पाया है। दोनों ही लापता हैं। रेस्क्यू टीम लगातार तलाश कर रही है।
