ईरान आज नौ रोज मना रहा है। यहां 21 मार्च को नए वर्ष की तरह मनाया जाता है। इसे ही नौरोज़ कहते हैं। तो इस नौरोज़ के मौके पर ट्रंप और नेतन्या की चाल का एक बड़ा काट ईरान ने ढूंढ निकाला है।
इसी के मद्देनजर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पिजेशिकान और ईरान के सर्वोच्च नेता मुस्तजस्तबा खामेनई ने आज ईरानी जनता को संबोधित किया। लेकिन इस संबोधन पर हम खबर के अंत में बात करेंगे। पहले देखें अमेरिका क्या दावे कर रहा है।
आपके स्क्रीन पर दिख रहा का यह फुटेज अमेरिका ने शुक्रवार को जारी किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अपने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर इसे साझा [संगीत] किया है। उसने लिखा है ईरान की क्षमताएं कमजोर हो रही हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि अमेरिका ईरान में अपने इरादों को पूरा करने के बहुत करीब पहुंच चुका है। ट्रंप के मुताबिक ईरानी मिसाइल क्षमता, लांचर और उनसे संबंधित हर चीज पूरी तरह नष्ट की जा चुकी है। ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को खत्म किया जा चुका है।
ईरान की नौसेना और वायु सेना अब बर्बादी के कगार पर है। ट्रंप का दावा है कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु क्षमता के करीब पहुंचने नहीं दिया जाएगा। हालांकि ट्रंप के ईरान की शक्ति खत्म कर दिए जाने के दावे के उलट बगदाद की तबाही का वीडियो सामने आया है। ड्रोन हमले के बाद बगदाद में बने अमेरिकी राजनिक परिसर से उठती आग की लपटें दिखी। पूरे आसमान में पसरा हुआ धुआं दिखा।
यह सही है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों ने ईरान में भारी तबाही मचाई है। लेकिन ईरान की सैन्य शक्ति तबाह कर दिए जाने के अमेरिकी दावे को बागदाद का यह फुटेज हवाहवाई बताता है। ईरान के सर्वोच्च नेता मुस्तफा खामने नौरोज के मौके पर एक लिखित संदेश जारी किया है। इस संदेश में उन्होंने आर्थिक प्रतिरोध हासिल करने का संकल्प किया है।
इसके साथ ही उन्होंने पिछले वर्ष हुए दो युद्धों और अशांति की समीक्षा करते हुए के परिवारों और परिजनों के प्रति अपनी संवेदना और सहानुभूति जताई है। उन्होंने वर्चस्व के खिलाफ जारी ईरानी लड़ाई में साथ देने के लिए जनता का शुक्रिया अदा किया। खामेनई ने कहा कि दुश्मन ने ईरान की आर्थिक और प्रबंधक कमजोरियों का फायदा उठाया है। इसे हम हर हाल में दुरुस्त करेंगे। खामेन ने तुर्की और ओमान पर हुए हालिया हमलों पर सफाई देते हुए कहा कि ईरान के साथ उनके अच्छे संबंध हैं और इजराइल ने हमारे और पड़ोसियों के बीच फूट डालने के लिए झूठे झंडे वाले अभियानों का सहारा लेने की धोखेबाजी की है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजिक्यन ने भी नौरोज के मौके पर कहा कि उनका देश इस्लामी देशों या पश्चिम एशिया के पड़ोसी देशों से युद्ध नहीं चाहता। पेज शिकन ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ सभी समस्याओं को हल करने के लिए तैयार है और उन्होंने क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए मध्य पूर्व में इस्लामी राज्यों को मिलाकर एक सुरक्षा संरचना के गठन का प्रस्ताव रखा।
वैसे तो फिलहाल यह हवाहवाई बात है। लेकिन अगर ऐसे किसी प्रस्ताव पर बाकी देशों ने विचार कर लिया और साथ आ गए तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाथ के तोते उड़ जाएंगे।
