कभी-कभी सबसे खूबसूरत प्रेम कहानियां बहुत सादगी से शुरू होती हैं। ना शोर ना दिखावा, बस नियत और भरोसा। ऐसी एक कहानी जुड़ी है ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामने के परिवार से। एक दिन एक अहम बैठक की मीटिंग चल रही थी जिसमें देश के बड़े-बड़े अधिकारी मौजूद थे। मीटिंग खत्म होने ही वाली थी कि अचानक खामई साहब ने एक अलग ही बात छिड़ दी।
उन्होंने कहा कि एक युवा लड़का है। बहुत गरीब है लेकिन बेहद नेक, धार्मिक और अच्छे चरित्र वाला है और उसकी शादी करनी है। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या कोई अपनी बेटी के साथ शादी के लिए तैयार है इस लड़के के लिए? इतना सुनते ही पूरे कमरे में सन्नाटा छा गया। इतने प्रभावशाली लोगों के बीच कोई भी आगे नहीं आया। क्योंकि शायद गरीबी शब्द ने सबको रोक दिया हो।
उसी खामोशी के बीच एक आवाज उठी। यह आवाज थी गुलाम अली की जो ईरान की संसद के स्पीकर रह चुके हैं। एक बड़े और सम्मानित नेता थे। उन्होंने बिना झिझक कहा कि अगर लड़का वैसा है जैसा आप बता रहे हैं तो मैं शादी का रिश्ता उसके साथ करने के लिए तैयार हूं। उन्होंने बस इतना कहा कि उस लड़के के बारे में थोड़ा बता दीजिए ताकि अगर मैं अपनी बेटी दूं तो इतना मैं जान सकता हूं। खामई साहब ने मुस्कुरा कर जवाब दिया कि वो लड़का भले ही गरीब है [संगीत] लेकिन उसकी नियत पाक है। वो बहुत धार्मिक है और उसका चरित्र बेदाग है और उसकी यह गारंटी मैं लेता हूं।
यह सुनते ही गुलाम अली ने एक पल भी गवाए बगैर हामी भर दी और कहा कि मेरे लिए इतना ही काफी है कि आप कह रहे हैं। मैं अपनी बेटी का निकाह करने के लिए तैयार हूं। अब सूर फातिहा की तैयारी करते हैं। बस इस कहानी में जिस लड़की की बात हो रही थी वो ज़हरा थी जो अली गुलाम की बेटी थी और एक शिक्षित सादगी पसंद और एक मजबूत राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़की थी जो अपने पिता के संस्कारों में पली बड़ी थी। यह रिश्ता सिर्फ दो लोगों का नहीं था बल्कि दो अलग सोच और सादगी और भरोसे का मिला था।
लेकिन कहानी का सबसे खास पल अभी बाकी था। जब सब कुछ तय हो गया तो गुलाम अली ने पूछा कि क्या मैं जान सकता हूं कि वो लड़का कौन है? तब खामनई साहब ने बहुत सादगी से जवाब दिया [संगीत] कि वो लड़का कोई और नहीं बल्कि मेरा बेटा मुजतबा खामनई है। यह सुनते ही पूरा कमरा कुछ पलों के लिए खामोश हो गया। जिन लोगों ने गरीब लड़के के नाम पर चुप्पी साध ली थी उन्हें यह एहसास हुआ कि उन्होंने कितना बड़ा मौका खो दिया और जिसने बिना नाम बिना पहचान सिर्फ इंसान के चरित्र पर भरोसा किया वही इस कहानी का सबसे समझदार और दिलदार इंसान बनकर सामने आया।
बाद में यही रिश्ता निकाह में बदला और मुस्तबाईनी और जहरा की शादी हो गई। यह सिर्फ एक शादी नहीं थी बल्कि एक मैसेज भी था कि असली पहचान इंसान के पास क्या है इससे नहीं बल्कि वो कैसा इंसान है इससे होती है और शायद यही वजह है कि यह कहानी एक सादगी भरी लेकिन बेहद खूबसूरत लव स्टोरी बन जाती है। जहां दौलत [संगीत] नहीं बल्कि नियत और किरदार सबसे बड़ी चीज साबित होती है। अब आपको बता दें कि मुजतबा खाम ने 1999 में ज़हरा हदैद अल से शादी की थी। ज़हरा ईरान के बड़े नेता गुलाम अली हद अदिल की बेटी थी।
जैसा मैंने आपको बताया कि शादी सिर्फ पारिवारिक रिश्ता नहीं था बल्कि दो मजबूत परिवारों का गठबंधन के तौर पर इसे देखा गया। आसान भाषा में समझे तो इस शादी से [संगीत] ईरान की सत्ता के दो और ताकतवर परिवार एक साथ जुड़े। दिल को जो है आपके मायूस कर देगी क्योंकि ईरान पर हुए अमेरिकी इजरली हमले की एक खौफनाक अंदरूनी कहानी भी सामने आ रही है। दरअसल एक लीक ऑडियो वायरल हुआ है। हवाले से दावा किया गया है कि देश के नए सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामनी महज कुछ मिनट के फर्क से ही मौत के मुंह से बाहर लौटे।
जबकि उनके पिता आयतुल्लाह अली खामनी समेत परिवार के कई [संगीत] सदस्य इस हमले में मारे गए। रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी की सुबह करीब 9:32 पर तैहरान स्थित खामनी कॉम्प्लेक्स पर हमला हुआ। बताया गया कि मुस्तफा खामन से कुछ ही मिनट पहले [संगीत] किसी काम के लिए बाहर आंगन में निकले थे और वापस इमारत में जा रहे थे। तभी जोरदार धमाका हुआ। इस हमले में उनकी पत्नी जहरा, हदद, अदिल और बेटे की भी मौत हो गई। जबकि मुस्तफा को सिर्फ पैर में एक मामूली चोट आई है। लीक ऑडियो हमले की भयावता का बताता है और इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि ईरान के सैनिक प्रमुख मोहम्मद शिराजी का शरीर पूरे तरीके से चीथड़े-चथड़े हो गया। पहचान के लिए कुछ सिर्फ किलो मास ही बचा।
ऑडियो में यह भी दावा किया गया कि आयतुल्लाह अली खामने के दामाद मिबाल हुदा बगैरी कानी का सिर हमलों में दो हिस्सों में बंट गया था। वहीं खाम के दूसरे बेटे मुस्तफा खामनी पास में ही मौजूद थे। लेकिन वो अपनी पत्नी के साथ सुरक्षा सुरक्षित बच निकले और उसमें कामयाब रहे। साथ ही यह हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया था। जिसमें एक ही समय पर कॉम्प्लेक्स के कई हिस्सों पर खासतौर पर खामनी परिवार से जुड़े आवाससे इलाकों को निशाना बनाया गया।
हालांकि इस लीक ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन इसमें सामने आई तस्वीरें ईरान, इजराइल, अमेरिका और टकराव की भयावता [संगीत] को और उसके मानवीय नुकसान को बेहद करीब से दिखाते हैं।
