ईरान और यूएस से इस वक्त सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि शायद 3200 से ज्यादा अमेरिकन सोल्जर्स या तो मारे जा चुके हैं या फिर जख्मी पड़े हैं। और जिस हिसाब से ट्रंप इस जंग को चलाना चाहते थे ये उसके आसपास भी नहीं है। दुनिया की सबसे पावरफुल मिलिट्री यूनाइटेड स्टेट्स अब इस जंग में पहली बार डिफेंसिव मोड में नजर आ रही है और अब शायद इस को वो हार जाए।
.यह नंबर्स ऑफिशियली कंफर्म नहीं हुए हैं। लेकिन जो क्लेम सामने आ रहे हैं, वह इतने बड़े हैं कि उन्हें इग्नोर करना मुश्किल हो गया है। दर्शकों, एक सीनियर ईरानियन इंटेलिजेंस ऑफिशियल ने यह दावा किया है कि सिर्फ पहले सात दिनों के अंदर ही अमेरिका को इंसानी और मिलिट्री दोनों लेवल पर भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यानी यह जंग अमेरिका के हिसाब से बिल्कुल नहीं चली। रिपोर्ट्स के मुताबिक 200 से ज्यादा यूएस सोल्जर्स की हो चुकी है और 3000 से ज्यादा बुरी तरह से घायल पड़े हैं। यानी जिंदगी और मौत के बीच में अपनी आखिरी लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन असली कहानी सिर्फ कैजुअल्टीज की नहीं है दर्शकों।
सिर्फ अमेरिकी सोल्जर्स की शहादत की भी नहीं है। यह पूरी कहानी अलग-अलग हिस्सों में बंटी हुई है और वही आपको इस वीडियो में बताने जा रहा हूं। शुरुआत करते हैं जंग की शुरू से। सब कुछ शुरू होता है 28 फरवरी की सुबह से जहां एक सडन हाईली कोऑर्डिनेटेड जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर और टॉप मिलिट्री कमांडर्स को टारगेट किया जाता है। ईरान के हिसाब से यह एक कावर्डली एक्ट ऑफ अग्रेशन था यानी डरपोकों का एक्ट था जो छुप के वार करते हैं। अब एक ऐसा स्ट्राइक जो सिर्फ लीडरशिप को नहीं बल्कि पूरे सिस्टम को डिस्टेबलाइज करने का प्लान था। लेकिन इस इनिशियल वेव में एक और शॉकिंग इंसिडेंट हुआ। एक एलिमेंट्री स्कूल पर हमला हुआ था।
जहां करीब 170 बच्चों की होने का दावा था। और यह मोमेंट सिर्फ मिलिट्री एस्केलेशन नहीं था। यह ईरान की इमोशनल और पॉलिटिकली एक टर्निंग पॉइंट बन गया क्योंकि ईरान इस बात से बेहद खफा हो गया। ईरान का जवाब था द ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर। और इसके बाद ईरान ने बिल्कुल भी देरी नहीं की। उन्होंने ल्च किया ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर। एक या दो नहीं बल्कि 58 वेव्स ऑफ अटैक्स किए। हर वेव एक मैसेज था। प्रसीजन मिसाइल, ड्रोंस, कोऑर्डिनेटेड स्ट्र्राइक्स टारगेट थे। इजरली मिलिट्री इंस्टॉलेशंस और रीजन में मौजूद यूएस स्पसेस को उड़ा दिया गया। ईरान का कहना है कि उन्होंने सिर्फ रिटेलिएशन नहीं किया बल्कि सिस्टमैटिकली एनिमी के डिफेंस को डिस्मेंटल करना स्टार्ट किया।
एक-एक करके अपने दुश्मनों को तोड़ा। इसके बाद इक्विपमेंट लॉसेस और ग्राउंड रियलिटी यानी साइकोलॉजिकल वार की अगर बात करें तो उसमें क्या हुआ? अब बात करते हैं शॉकिंग क्लेम्स की। रिपोर्ट्स के मुताबिक 150 लॉन्च प्लेटफार्म्स डिस्ट्रॉय हो चुके हैं। 23 पेट्रिएट और एयर डिफेंस सिस्टम्स तबाह कर दिए गए हैं और 37 एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर्स भी गिराए गए हैं। लेकिन अमेरिका यह सब मानने को राजी नहीं है। अगर यह सच है तो इसका मतलब है कि यूएस की एयर सुपीरियरिटी को डायरेक्टली चैलेंज कर दिया गया है। और सबसे अलार्मिंग क्लेम यह है दर्शकों कि 43% यूएस वेपन स्टॉक पाइल्स ऑलरेडी खत्म हो चुके हैं।
यानी मिडिल ईस्ट में यूएस के जो आधे हथियार हैं वह खत्म हो चुके हैं। और अब इस जंग को लड़ने के लिए उनके पास सिर्फ आधे हथियार मौजूद है। ये सिर्फ नंबर्स नहीं है। ये एक वार्निंग है। एयर डिफेंस कोलैप्स का भी डर है क्योंकि एक और क्रिटिकल पॉइंट जो सामने आ रहा है वो ये है कि एयर डिफेंस सिस्टम्स का जो है वो डिप्लीशन हो चुका है। रिपोर्ट सजेस्ट करती है कि यूएस और इजराइल दोनों की मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स अब एक्सट्रीम प्रेशर में है। वो और मिसाइल्स को इंटरसेप्ट नहीं कर पा रही है। इंटरसेप्टर्स फास्ट रेस से यूज हो रही हैं। रिप्लेसमेंट स्लो है और इनकमिंग स्ट्र्राइक्स पूरे मिडिल ईस्ट में रुक नहीं रहे हैं। ईरान रोज कहीं ना कहीं हमला करता है।
कुछ एनालिस्ट का कहना है अगर यह पेस कंटिन्यू रहा तो डिफेंस शील्ड में गैप्स आना ऑलमोस्ट सर्टन है और इसके बाद इजराइल बचेगा नहीं। दर्शकों इस जंग में साइलेंस है, कंफ्यूजन है और एक इंफॉर्मेशन की भी जंग चल रही है। सबसे इंटरेस्टिंग चीज क्या है दर्शकों? ऑफिशियल साइलेंस ना यूएस ओपनली अपनी हार को कबूल कर रहा है और ना ही इजराइल डिटेल डैमेज को बता रहे हैं। दूसरी तरफ इंडिपेंडेंट मीडिया और एनालिस्ट अलग-अलग एस्टीमेट्स दे रहे हैं। लेकिन घूम फिर के बात तो वही है कि ईरान इस जंग को जीत रहा है और यूएस और इजराइल से यह बात बच नहीं रही है। कुछ कह रहे हैं कि डैमेज 10्स ऑफ बिलियन डॉल का हुआ है। लेकिन कुछ इसे एग्जाजरेटेड भी बता रहे हैं। लेकिन सच्चाई क्या है?
यह इन दोनों के बीच में कहीं छुपी है। मॉडर्न वॉरफेयर में ट्रुथ भी एक वेपन बन चुका है। यूएस और इजराइल शायद सच्चाई को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ईरान के हमले और आ रहे विजुअल्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि ईरान इस जंग में अगर जीत नहीं रहा तो हार भी नहीं रहा है।
