लड़ाई के बीच यूएस – ईरान के बीच इस मुद्दे पर हुई बात।

क्या 18 दिन से मिडिल ईस्ट में जारी आखिरकार थमने वाला है? ईरान, इजराइल या अमेरिका का रुख देखकर भले ही ऐसा ना लग रहा हो, लेकिन एक अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट ने चौंकाने वाला दावा किया है।

इसमें कहा गया है कि शुरू होने के दो हफ्ते बाद पहली बार किसी सीधी बातचीत का पता चला है। अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट एक्सियस का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच डिप्लोमेटिक बातचीत के रास्ते खुल गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के स्पेशल दूत स्टीव और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची के बीच बातचीत शुरू हो गई है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अराकची ने स्टीव को टेक्स्ट मैसेज किया था। मिडिल ईस्ट में जारी पर विराम लगाने के इरादे से उन्होंने यह मैसेज किया था। हालांकि रिपोर्ट में यह सब नहीं बताया है कि कितने मैसेज भेजे गए या मैसेज भेजने का असर क्या हुआ।

इस रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि अरागची वाशिंगटन के साथ बातचीत करने के इच्छुक हैं। मगर अमेरिका खुद नेगोशिएट नहीं कर रहा है। अधिकारी ने साफ तौर पर कहा है कि अमेरिका ईरान से बात नहीं कर रहा है। एक्सियस की रिपोर्ट में माना गया है कि यह तो नहीं पता कि मैसेजेस में कितनी जरूरी बातें की गई लेकिन बात हुई है यही अपने आप में अहम है।

दिलचस्प बात यह है कि एक और मीडिया वेबसाइट ड्रॉप साइट न्यूज़ ने सोमवार को बताया था कि मैसेज स्टीव विट ने अराची को किए थे। यह दावा ईरान के अधिकारियों के हवाले से किया गया था। साथ ही यह भी कहा था कि अराची ने मैसेज को इग्नोर भी कर दिया। वहीं खुद अराची ने दोनों ही दावों को खारिज कर दिया है।

ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि उनकी विटकॉफ के साथ आखिरी बार बातचीत अमेरिकी हमला शुरू होने के पहले हुई थी। अराकची ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया। साथ ही डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर हमले को लोकतंत्र की की कोशिश बताया।

अलापची ने कहा है कि तेल व्यापारियों और जनता को गुमराह करने के लिए उनके विटक से संपर्क के दावे किए जा रहे हैं। इसके पहले सोमवार को ट्रंप ने भी दावा किया था कि ईरान अमेरिका के साथ नेगोशिएट करने की कोशिश कर रहा है। जबकि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशंस जारी रखे हैं।

ट्रंप ने कहा कि ईरान डील करना चाहता है। वह हमारे लोगों से बात कर रहा है। वहीं ट्रंप की बयानबाजी पर ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फा गरी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि जंग का नतीजा ट्वीट से तय नहीं होता। जंग का फैसला मैदान में होता है।

वहीं जहां आप और आपकी सेना जाने की हिम्मत नहीं करते और सिर्फ ट्वीट में बातें करते हैं। इसलिए इस को एपिक नहीं

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