भारत के खिलाफ भद्दे बयान देने वाली लौरा को भारत आकर मांगनी पड़ी माफी

अमेरिकी प्रेसिडेंट डॉनल्ड ट्रंप की करीबी लोरा लूमर हैं। पेशे से पॉलिटिकल एक्टिविस्ट हैं। पर इन सबके इत लोरा भारत के विरोध में सोशल मीडिया पर कई बार भद्दी टिप्पणियां भी कर चुकी हैं। उन्होंने भारत के हाइजीन और बौद्धिक क्षमता को लेकर अपमानजनक पोस्ट किए। अमेरिका में काम करने वाले भारतीय युवाओं को थर्ड वर्ल्ड इनवेडर्स तक कहा जो बाद में उन्होंने डिलीट भी कर दिए।

लेकिन 12 मार्च को जब उन्होंने एक्स हैंडल पर भारत में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 अटेंड करने की जानकारी दी तो भारतीय यूजर्स उन्हें ट्रोल करने लगे। लोरा के वही पुराने विवादित ट्वीट्स शेयर किए जाने लगे जिनमें उन्होंने भारत के लिए अपमानजनक बातें कही थी।

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में उन्होंने इन बयानों को लेकर स्टेज पर माफी मांगी है। पर उन्होंने एक ट्वीट पर माफी मांगने से इंकार कर दिया है। वह क्या है? जानने से पहले राजदीप के सवाल पर उनका जवाब सुनिए।

राजदीप ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में लोरा से पूछा आपने कहा था कि अगर कमला हैरिस राष्ट्रपति चुनाव जीतती हैं तो वाइट हाउस से कढ़ी की महक आएगी और वाइट हाउस के भाषण कॉल सेंटर के जरिए दिए जाएंगे। अमेरिका सफेद यूरोपीय लोगों ने बनाया है ना कि थर्ड वर्ल्ड इनवेडर्स ने। मुझे लगता है कि इसके लिए सिर्फ पछतावा जताना काफी नहीं है। आपकी बातें साफ तौर पर नस्लवादी और इस्लामोफोबिक है।

हमारे देश में अतिथि देवो भवा की परंपरा है। लेकिन आपकी टिप्पणियों में भारत विरोध, इस्लाम के प्रति नफरत और झलकता है। आज की दुनिया में जिसकी कोई जगह नहीं है। सॉरी मैम अगर आपको बुरा लग रहा हो लेकिन एक भारतीय और इस दुनिया के नागरिक होने के तौर पर आपकी बातें मुझे बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। इस सवाल पर लोरा ने क्या जवाब दिया l। वेल आई विल से दैट आई आई डोंट बिलीव दैट इस्लाम।

देखिए मेरा मानना है कि इस्लामोफोबिया जैसा कुछ नहीं होता। ये एक धोखा है। ये एक ऐसा शब्द है जिसे लोग डराने के लिए इस्तेमाल करते हैं ताकि आप अपनी सुरक्षा की बात ना कर सके। फोबिया फोबिया माने एक ऐसा डर जिसका कोई तर्क नहीं होता लेकिन मैं ऐसी आईडियोलॉजी के बारे में बात कर रही हूं जो स्पष्ट रूप से नॉन मुस्लिम को मारने के बारे में बात कर रही हूं तो मैं भारत इसलिए आई हूं कि मैं बता सकूं कि अमेरिका में अपनी आवाज कैसे लोगों को इस खतरे को लेकर अलर्ट रहने के लिए यूज कर रही हूं जो आपको भी कभी खत्म कर सकती है।

और जो भी नॉन मुस्लिम है ईमानदारी से उन्हें इस बारे में डरना चाहिए क्योंकि वो आपके इस दुनिया से खात्मे की बात करती है। इसीलिए अगर आप सर्वाइव करना चाहते हैं तो इस आईडियोलॉजी से डरना परफेक्टली नॉर्मल होना चाहिए। कमेंट माय कमेंटला जहां तक कमला हैरिस पर मेरे कमेंट की बात है तो मुझे लगता है कि उन्होंने भी भारतीय विरासत का अपमान किया है। वो अपनी पूरी जिंदगी भारतीय पहचान का इस्तेमाल करके चुनाव जीतती रही। लेकिन जैसे ही राष्ट्रपति पद की रेस में आई, उन्होंने अपनी भारतीय जोड़ों को नजरअंदाज कर दिया और खुद को ब्लैक बताने लगी। यहां तक कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी चुनाव के दौरान इस पर सवाल उठाया था। मेरी बातों से शायद आपको बुरा लगा हो, लेकिन असल में मैं उनका मजाक उड़ा रही थी क्योंकि उन्होंने अश्वेत समुदाय को लुभाने के लिए अपनी भारतीय संस्कृति को छोड़ दिया था।

शी इंडिया टुडे टीवी की मैनेजिंग एडिटर प्रीति चौधरी ने लोरा से उनके पुराने विवादित ट्वीट्स पर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि आपने उनमें से ज्यादातर ट्वीट्स हटा दिए हैं। तो भारत और भारतीयों के बारे में आपकी जो सोच रही है क्या आपको उसका पछतावा है? क्योंकि आपने उन्हें डिलीट कर दिया है। इस पर लोरा ने भारत के विरोध में किए ट्वीट्स को लेकर माफी मांगी।

उन्होंने कहा मुझे वह सभी ट्वीट्स नहीं करने चाहिए थे। लेकिन मैं एच1 बी वीजा प्रोग्राम वाले ट्वीट को लेकर माफी नहीं मांगूंगी। दरअसल लोरा ने भारतीय टेक प्रोफेशनल्स को थर्ड वर्ल्ड इनवेडर्स कहा था। उनका आरोप है कि एच1 बी वीजा धारक अमेकी युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं। सुनिए। देखिए कुछ ट्वीट्स तो Twitter ने खुद हटाए हैं। मेरे पास उन्हें डिलीट करने के अलावा और कोई चारा ही नहीं था क्योंकि Twitter ने मेरा अकाउंट लॉक कर दिया। दिसंबर में उन्होंने मेरा अकाउंट पर पाबंदी लगा दी थी। मैं बस यही कहूंगी, मैं एच वनबी वीजा प्रोग्राम के बारे में अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगने वाली हूं। क्योंकि मेरा काम अमेरिकियों के लिए बोलना और अमेरिकी हितों के लिए खड़े होना है। हमारे इमीग्रेशन और लेबर कानूनों का गलत फायदा उठाया गया है।

मैं उन अमेरिकी वर्कर्स के लिए लड़ती रहूंगी जो नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। क्योंकि उनसे कहा जाता है कि वे बेस्ट नहीं है। अमेरिकन वर्कर्स हु आर स्ट्रगलिंग टू फाइंड एम्प्लॉयमेंट बिकॉज़ दे आर टोल्ड दे आर नॉट द बेस्ट इन फील्ड वैली। सिलिकॉन वैली के टेक सेक्टर में 70% से ज्यादा विदेशी लेबर है जो ज्यादातर चीन और भारत से आई शुड हैव सेड सम ऑफ़ द थिंग्स दैट आई सेड इन द अदर ट्वीट्स हां मैं यह जरूर कहूंगी कि मुझे बाकी ट्वीट्स में वो कुछ बातें नहीं कहनी चाहिए थी जो मैंने कही। अगर मेरी बातों से लोगों को ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगती हूं। मैं इस हफ्ते भारत में हूं।

देश की यात्रा करूंगी। मैं यहां आकर बहुत उत्साहित हूं। यहां सभी लोग बहुत मिलनसार हैं और मुझे खुद भारत का अनुभव करके खुशी हो रही है। लेकिन मैं यह कहूंगी कि मेरे दिल में भारत या हिंदू लोगों के लिए कोई नफरत नहीं है। मैं हिंदुओं की समर्थक हूं और मैं उस कट्टरपंथ के खिलाफ बोलती हूं जिसने दुनिया भर में लाखों हिंदुओं को प्रताड़ित किया है। मेरी बातें नफरत ही नहीं बल्कि अपने लोगों और अपने देश के प्रति प्यार है। पीपल एंड माय कंट्री। अब बात लोरा लूमर के बैकग्राउंड की कर लेते हैं।

लोरा लूमर का जन्म 1993 में अमेरिका में एरिजोना राज्य के टक्सन में हुआ था। दक्षिण फ्लोरिडा की बैरी यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म की पढ़ाई की। इसके बाद दक्षिणपंथी संगठन प्रोजेक्ट वेरिटास के साथ जुड़ गई। प्रोजेक्ट वेरिटास छोड़ने के बाद वह कनाडा के मीडिया हाउस द रिबल से जुड़ गई। यह भी दक्षिणपंथी समर्थक मीडिया हाउस है। इसके अलावा लूमर अनलीस्ट नाम से उनका एक YouTube चैनल भी है।

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