अगर कोई पाकिस्तानी या कट्टरपंथी भारत पर झूठा आरोप लगाए तो क्या आप उस पाकिस्तानी की बात मानेंगे? उस पाकिस्तानी का समर्थन करेंगे? आप में से ज्यादातर लोगों का जवाब नहीं होगा। मोदी विरोध के चलते भारत के ही सैकड़ों लोग एक पाकिस्तानी की अध्यक्षता वाली संस्था का समर्थन कर रहे हैं।
इस संस्था ने कहा है कि भारत की खुफिया एजेंसी रॉ और दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन आरएसएस को बैन कर देना चाहिए। मोदी विरोध में भारत के यह लोग इतने अंधे हो चुके हैं कि भारत की खुफिया एजेंसी रॉ तक को बर्बाद करने का समर्थन कर रहे हैं। दरअसल अमेरिका की एक बिकी हुई कुख्यात एजेंसी यूएससीआईआरएफ यानी यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने आरएसएस और रॉ को बैन करने की मांग की है।
इनका वही घिसा पिटा ज्ञान है कि भारत में मुस्लिम सुरक्षित नहीं है। इस अमेरिकी संस्था के जो अध्यक्ष हैं, उनमें से तो एक पाकिस्तानी है और दूसरा पाकिस्तान की इस्लामिक यूनिवर्सिटी से शरिया कानून में डिग्री लेकर आया है। अब स्वाभाविक है कि अमेरिका की ऐसी एजेंसी जिसमें ऐसे लोग काम कर रहे हैं, वो तो और रॉ को बैन करने की मांग करेंगे। लेकिन दुख यह होता है कि भारत के ही कई लोग खुशियां मना रहे हैं। आपको जानकारी के लिए बता दें कि यूएस नाम की एजेंसी राम मंदिर का विरोध कर चुकी है। सीएए कानून और का भी विरोध कर चुकी है। यह कट्टर हिंदू विरोधी और भारत विरोधी संस्था है। यूएस lने जो मांग की है उसे देखकर भारत की कांग्रेस पार्टी फूली नहीं समा रही। कांग्रेस भी इस संस्था की मांग से इत्तेफाक रखती है। लेकिन यहां पर कांग्रेस एक चालाकी भी कर रही है।
कांग्रेस ने अपने ट्वीट में आरएसएस का नाम तो लिख दिया लेकिन रॉ का नाम नहीं लिखा क्योंकि यह जानते थे कि भारत के ही लोग इनके खिलाफ उतर जाएंगे। ऐसे में कांग्रेस ने यूएस सीआईएफ की बात तो शायद पूरी मानी है लेकिन लिखी आधी है। हैरानी की बात देखिए कि आरएसएस के डिसिप्लिन और निस्वार्थ भाव सेवा की तारीफ पूरी दुनिया करती है। जिस आरएसएस के कामकाज को देखने के लिए हाल ही में इजराइल और चीन का डेलीगेशन पहुंचा। उसी आरएसएस को यह अमेरिकी संस्था बंद करवाना चाहती है। हालांकि इनकी इतनी हैसियत नहीं है।
लेकिन ऐसी संस्था के समर्थक भारत में भी बैठे हैं वो चीज हैरान करने वाली है। अब आपको इस खतरनाक एजेंसी के बारे में सबसे दिलचस्प बात बताते हैं। जो यूएस सीआईआरएफ संस्था आरएसएस और रॉ को बैन करवाना चाहती है। उसकी गवर्निंग बॉडी में एक पाकिस्तानी मूल का डॉक्टर है और दूसरा इस्लामिक कानून का तथाकथित ज्ञाता है। ये है आसिफ महमूद पाकिस्तानी है लेकिन अब अमेरिका में ग्रीन कार्ड लेकर रह रहा है। पूरे दिन भारत और हिंदुओं को गाली देता है। इसी की अध्यक्षता में यह रिपोर्ट बनी है। अब जाहिर सी बात है कि इस पाकिस्तानी को आरएसएस और रॉ क्यों पसंद आएगी।
अब इस दूसरे व्यक्ति को भी देख लीजिए। इसका नाम है मोहम्मद एल्सनोसी। इसे दुनिया में कोई और सब्जेक्ट नहीं मिला। यह पाकिस्तान की इंटरनेशनल इस्लामिक यूनिवर्सिटी से शरिया और लॉ में डिग्री लेकर आया है और अब यहां बैठकर भारत को ज्ञान दे रहा है। यूएस में इन्हीं दोनों लोगों की तरह कई और लोग भी हैं जो कट्टर भारत विरोधी हैं।
