अब तक ईरान अमेरिका को लेकर रूस की भूमिका को लेकर सिर्फ बातें ही कही जा रही थी। लेकिन अब ऐसी एक खबर सामने आ रही है जो सच निकली तो यह युद्ध की दिशा बदलने वाला मोड़ होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर नेतहू तक उस दिन से मौजदाबा खामिने के पीछे हाथ धोकर पड़े हैं जब से उन्हें अपने पिता की जगह ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया है। उनके घायल होने की भी खबरें आई और ईरान की ओर से इससे इंकार भी किया गया।
हालांकि अब कुवैती अखबार अल जरीदा ने दावा किया है कि मोजदाबा खामने अपने देश में ही नहीं है। अल जरीदा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजदाबा को स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से एक बेहद गुप्त अभियान में रूस ले जाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें रूसी सैन्य विमान से मॉस्को पहुंचाया गया जहां उनका ऑपरेशन किया गया और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। बताया गया है कि यह कदम उनकी खराब सेहत और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हालिया हमलों में उन्हें चोटें आई थी लेकिन ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वह सुरक्षित और ठीक है और उनका उपचार जारी है।
कैसे तेहरान छोड़ मॉस्को पहुंचे हैं खामिने ये भी आपको बताते हैं। रिपोर्ट में दावा किया है कि गुरुवार को ही रूस के सैन्य विमान मोजदाबा खामिने को लेकर मॉस्को आ गया है। यहां यह भी कहा जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में मौजूद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। और हवाई हमलों के बीच उनका इलाज असंभव होने के कारण उन्हें ईरान से निकालने का निर्णय लिया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पुतिन ने उन्हें अपने यहां शरण देने की पेशकश की।
जिसके बाद वे वहां पहुंचे और जाते ही उनकी सफल सर्जरी हुई। सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि ईरानी सिक्योरिटी एजेंसीज को खामई की लोकेशन लीक होने का खतरा सबसे अधिक था। इसलिए उन्हें मॉस्को में शिफ्ट किए जाने की सिफारिश पर सहमति जताई गई। दावा किया गया है कि खुद पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद के साथ बातचीत के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि मैंने सुना मर गए मौजवा।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामिनेई की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि मोजताबा खामिने जिंदा है या नहीं। ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब ईरान, इजराइल और अमेरिका बीच चल रहे युद्ध के बीच उनके घायल होने की खबरें आई। एक न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा है कि मुझे नहीं पता कि वह जिंदा भी है या नहीं। अभी तक किसी ने उन्हें दिखाया नहीं है। मैं सुन रहा हूं कि शायद वो जिंदा नहीं है। अगर वह जिंदा है तो उन्हें अपने देश के लिए समझदारी दिखाते हुए आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि खामीन किसी भी रूप में जिंदा हो सकते हैं। लेकिन उनकी चोटों को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजदाबा खामिनी के जिंदा होने पर ही संदेह जताया और उन्होंने इस इंटरव्यू में साफ कह दिया है कि उन्हें नहीं लगता कि मोजदाबा भी जीवित हैं।
क्योंकि अब तक कोई भी उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देख पाया है। इंटरव्यू के दौरान जब ट्रंप से ईरान की मौजूदा स्थिति और वहां के नेतृत्व पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा है कि मुझे इसके बारे में ज्यादा चर्चा नहीं करनी और वह तमाम चीजों को लेकर बातचीत करते हुए नजर आए हैं और उन्होंने सीधे तौर पर कहा है कि देश के लिए कुछ बुद्धिमानी भरा काम करें यानी सरेंडर कर दे मौजूदा खामीने के लिए कहा है। जबकि ईरान सरकार ने इन अफवाहों का खंडन किया और कहा है कि वे पूरी तरह से ठीक है। साथ ही सेना का नेतृत्व कर रहे हैं। जंग के बीच ट्रंप का हॉर्मोन स्टेट पर दावा। ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष पर भी बात की है।
उन्होंने दावा किया है कि ईरान समझौता चाहता है। लेकिन शर्तें अमेरिका के लिए अभी अनुकूल नहीं है। अमेरिकी सेना ने ईरान की अधिकतर मिसाइलों और ड्रोंस को नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही ईरान की समुद्री क्षमताओं को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। साथ ही कई देश हॉर्मोन स्ट्रेट को सुरक्षित रखने में अमेरिका की मदद करने को तैयार है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने भी मौजदवा की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास इतने सारे कैमरे और रिकॉर्डिंग उपकरण होने के बावजूद नया नेता सामने क्यों नहीं आ रहा है?
उन्होंने आरोप लगाया है कि मोजदाबाद डरे हुए हैं, घायल है और भाग रहे हैं। इसके लिए केवल लिखित बयान जारी हो रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर लगी तस्वीर को एआई जनरेटेड भी बताया गया है। अब फिलहाल सच्चाई क्या है? यह तो अभी तक क्लियर नहीं हो पाया है। सब जो बातें हैं वो निकल कर सामने आ रही हैं। लेकिन ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच का यह युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है।
अमेरिका लगातार ईरान पर देने की कोशिश कर रहा है। तो वहीं ईरान का भी पलटवार लगातार जारी है। अब क्या स्थिति है और कैसे ये स्थितियां बदलेंगी और मौजूद खामने के बारे में कब पूरी तरह से अपडेट सामने आ जाएगी। वह कब सामने आएंगे इस पर भी सभी की नजरें रहने वाली हैं। फिलहाल इस वक्त बयानबाजियों का दौर लगातार जारी है।
